Table of Contentsहर साल 3-4 करोड़ पर्यटक आते हैं झारखंडलॉकडाउन खत्म होने के बाद बढ़े इंटरनेशनल टूरिस्टJharkhand Tourism: किस महीने आते हैं सबसे ज्यादा देशी पर्यटककिस साल के किस महीने में कितने पर्यटक (स्वदेशी) आये झारखंड (वर्ष 2017 से वर्ष 2024 तक)2022 के अगस्त में आये सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटककिस साल कितने विदेशी पर्यटक आये झारखंडकिस साल के किस महीने में कितने पर्यटक (विदेशी) आये झारखंड (वर्ष 2017 से वर्ष 2023 तक)झारखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थलझारखंड के धार्मिक पर्यटन स्थलसांस्कृतिक और जनजातीय पर्यटनएडवेंचर और इको टूरिज्मइंटरनेशनल एयरपोर्ट झारखंड को पूरी दुनिया से जोड़ देगाइन्फ्रास्ट्रक्चर ठीक हो जाये, तो विदेशी पर्यटकों की आ जायेगी बाढ़ Jharkhand Tourism: झारखंड अपने प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों, वन्यजीव अभ्यारण्य, धार्मक स्थलों के साथ-साथ आदिवासियों की विधि कला-संस्कृति के लिए जाना जाता है. देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में झारखंड आने लगे हैं. हर साल 3.5 करोड़ से अधिक पर्यटक झारखंड आते हैं. इसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या भी करीब 2 लाख के करीब होती है. पिछले 3 साल के आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि देश के कोने-कोने से झारखंड में आने वाले पर्यटकों की संख्या करोड़ों में है. वर्ष 2021 में 3.34 करोड़ (3,33,83,642) पर्यटक झारखंड आये थे. वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 3.83 करोड़ (3,82,84,379) हो गयी. वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से वर्ष 2021 में पर्यटकों की संख्या में गिरावट आयी थी, लेकिन वर्ष 2022 में संख्या में वृद्धि दर्ज की गयी. वर्ष 2023 में पर्यटकों की संख्या अच्छी, खासी रही, लेकिन यह वर्ष 2022 के 3.82 करोड़ की तुलना में थोड़ी कम 3.58 करोड़ (3,57,76,102) रही. वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2023 में झारखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या कम रही, लेकिन यह वर्ष 2021 की तुलना में अधिक थी. हर साल 3-4 करोड़ पर्यटक आते हैं झारखंड झारखंड सरकार लगातार पर्यटन को बढ़ावा दे रही है. पर्यटन इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके. इसके नतीजे भी सामने आये हैं. लगातार तीन साल से झारखंड में 3 करोड़ से करीब 4 करोड़ के बीच पर्यटक आ रहे हैं. विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी अच्छा खासा इजाफा हुआ है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि झारखंड आने वाले इंटरनेशनल टूरिस्ट्स की संख्या वर्ष 2021 में 1637 थी. कोरोना की वजह से इस साल विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी कम रही थी. आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का स्क्रीन शॉट. लॉकडाउन खत्म होने के बाद बढ़े इंटरनेशनल टूरिस्ट इसके बाद के वर्षों में पर्यटकों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा देखा गया. वर्ष 2022 में जब लॉकडाउन में छूट दी गयी, तो अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या भी करीब 2 लाख पहुंच गयी. इस साल झारखंड में 1.92 लाख (1,92,319) विदेशी टूरिस्ट आये. इसके बाद वर्ष 2023 में इस संख्या में मामूली गिरावट आयी. इस साल झारखंड आने वाले इंटरनेशनल टूरिस्ट्स की संख्या 1.83 लाख (1,89,261) रही. यह संख्या भी वर्ष 2021 की तुलना में बहुत ज्यादा थी. झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Jharkhand Tourism: किस महीने आते हैं सबसे ज्यादा देशी पर्यटक झारखंड में सबसे ज्यादा स्वदेशी पर्यटक कब आते हैं. इसको जानने के लिए पिछले कई वर्षों के आंकड़ों पर गौर करना जरूरी है. वर्ष 2017 से वर्ष 2024 के आंकड़े देखेंगे, तो सबसे ज्यादा स्वदेशी पर्यटक अगस्त के महीने में झारखंड आते हैं. लगातार 8 साल से अगस्त के महीने में स्वदेशी पर्यटकों की संख्या 56 लाख से अधिक रही है. हालांकि, वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में कोरोना से संबंधी प्रतिबंधों की वजह से पर्यटकों की संख्या नगण्य रही. वर्ष 2022 में एक बार फिर पर्यटकों का आना शुरू हुआ. अगस्त में पर्यटकों की संख्या 63 लाख से अधिक रही. वर्ष 2023 तक पर्यटकों की संख्या में वृद्धि जारी रही. वर्ष 2024 के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई के महीने में 60 लाख से अधिक (6085113) पर्यटक झारखंड आये. सितंबर में यह संख्या 51 लाख से अधिक (5118177) रही. आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का स्क्रीन शॉट. किस साल के किस महीने में कितने पर्यटक (स्वदेशी) आये झारखंड (वर्ष 2017 से वर्ष 2024 तक) महीना20172018201920202021202220232024जनवरी33910463408001357836410408561403026365025248152604877824फरवरी339457634115493582165732865916285475581336958803743887मार्च197789319877822082024420506493714245880121857862214108अप्रैल2071064208141921853391472383822056002187247—-मई2267522340128323927722294752247882221854471233027जून2217379222846623398413910247247943921821222580381जुलाई4009480402952742308953149246450622922039436085113अगस्त5660980568928559737413175566633014364369286301836सितंबर2489593250204126270917650384103278382528309655118177अक्टूबर1315352132192913880098659091038147081914947224906515नवंबर215378821645572272712103322106340240880024499864339644दिसंबर27745122788382292775511358512548730558363107816—-स्रोत : झारखंड सरकार 2022 के अगस्त में आये सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक विदेशी पर्यटकों की बात करें, तो कोरोना वैश्विक महामारी से पहले धीरे-धीरे इंटरनेशनल टूरिस्ट्स की संख्या में वृद्धि हो रही थी. वर्ष 2022 के अगस्त में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आये. इस महीने झारखंड आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 21918 रही. जनवरी में 20971 और अप्रैल और मई में क्रमश: इंटरनेशनल टूरिस्ट्स की संख्या अच्छी 19543 और 19627 रही. जून के महीने में सबसे कम विदेशी पर्यटक झारखंड आये. वर्ष 2020 में जब कोरोना की वजह से सभी देशों ने यात्रा प्रतिबंध लगा दिये, तो झारखंड में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या नगण्य या कहें कि बिल्कुल शून्य हो गयी थी. किस साल कितने विदेशी पर्यटक आये झारखंड वर्ष 2021 में धीरे-धीरे पर्यटकों का आना शुरू हुआ. एक बार फिर अगस्त के महीने में इंटरनेशनल टूरिस्ट्स की संख्या में थोड़ी वृद्धि हुई. इस महीने 145 विदेशी पर्यटक झारखंड आये. इसके बाद सबसे ज्यादा 220 विदेशी पर्यटक झारखंड आये. वर्ष 2022 में पर्यटकों के आगमन में तेजी आयी. इस साल अगस्त में सबसे ज्यादा 21,918 पर्यटक झारखंड घूमने आये. जनवरी में विदेशी पर्यटकों की संख्या 20,971 रही. वर्ष 2023 में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि जारी रही. इस साल जनवरी में 21,233 पर्यटक आये और अगस्त में यह संख्या बढ़कर 21,732 हो गयी. यहां तक कि जून में, जब बहुत कम विदेशी पर्यटक झारखंड आते हैं, वर्ष 2023 में 13,178 पर्यटक विदेश से झारखंड घूमने आये. किस साल के किस महीने में कितने पर्यटक (विदेशी) आये झारखंड (वर्ष 2017 से वर्ष 2023 तक) महीना2017201820192020202120222023जनवरी1987619935204532382892097121233फरवरी1749317545179931511841887119013मार्च12129121661249279951374413916अप्रैल1473714781151760451954314018मई172271727917738001962713683जून41084124422900533213178जुलाई132581329813705001482613944अगस्त18625186811916101452191821732सितंबर14726147701518002101585216131अक्टूबर14747147911515622021552715794नवंबर10217102481051802471127611461दिसंबर138441388614242202201482615158स्रोत : झारखंड सरकार झारखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थल प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने के साथ-साथ देशी-विदेशी पर्यटक जलप्रपात और वन्यजीव अभ्यारण्य में जाना पसंद करते हैं. जलप्रपात (Waterfalls of Jharkhand) : झारखंड के प्रमुख जलप्रपातों में हुंडरू फॉल, दसम फॉल, जोनहा फॉल, हिरनी फॉल, लोध फॉल हैं, जो देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. वन्य जीव अभ्यारण्य (Wildlife) : झारखंड के वन्यजीव अभ्यारण्य, जो पर्यटकों को झारखंड आने के लिए मजबूर कर देते हैं, उनमें बेतला नेशनल पार्क, दलमा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी और हजारीबाग वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी शामिल हैं. दर्शनीय स्थल (Scenic Spots) : झारखंड में कई दर्शनीय स्थल हैं, जो पर्यटकों को खूब भाते हैं. ऐसे ही स्थलों में नेतरहाट भी शामिल है. इसे छोटानागपुर की रानी भी कहते हैं. नेतरहाट के अलावा, पतरातू घाटी और मैक्लूस्कीगंज की वादियां टूरिस्ट को खूब भाती हैं. झारखंड के धार्मिक पर्यटन स्थल झारखंड में कई धार्मिक पर्यटन स्थल हैं, जिसमें देवघर का बाबा बैद्यनाथ धाम, रामगढ़ के रजरप्पा सिद्ध पीठ, रांची का जगन्नाथ मंदिर और गिरिडीह जिले के मधुबन स्थित पारसनाथ की पहाड़ियां शामिल हैं. देवघर में श्रावण के महीने में एक महीने का श्रावणी मेला लगता है. रजरप्पा तंत्र साधना करने वालों के लिए प्रसिद्ध है, तो पारसनाथ की पहाड़ियां आदिवासियों के मरांग बुरु और जैनियों के प्रमुख तीर्थस्थल हैं. रांची के जगन्नाथ मंदिर को ओडिशा के पुरी का दूसरा रूप कहा जाता है. यहां हर साल भव्य रथ मेला लगता है. सांस्कृतिक और जनजातीय पर्यटन सांस्कृतिक पर्यटन (Cultural Tourism): झारखंड की संस्कृति काफी समृद्ध है. यहां जनजातियों के पर्व देखने के लिए भी बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. आदिवासियों के प्रमुख पर्व (Festivals of Tribes) : सरहुल, करमा, टुसू परब और सोहराय झारखंड के आदिवासियों के प्रमुख पर्व हैं. आदिवासी कला और शिल्प (Tribals Art & Craft) : सोहराय पेंटिंग, डोकरा मेटल क्राफ्ट के लिए झारखंड मशहूर है. एडवेंचर और इको टूरिज्म गतिविधियां (Activities) : झारखंड में एडवेंचर और इको टूरिज्म की बात करें, तो लोग यहां ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और फॉरेस्ट सफारी का मजा ले सकते हैं. वन्य जीव (Wildlife) : बेतला नेशनल पार्क, दलमा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में जीव-जंतुओं को देखने के अलावा नेतरहाट की घाटियों, जंगलों और सूर्योदय एवं सूर्यास्त का आनंद लेना पर्यटकों को बहुत पसंद है. जल क्रीड़ा (Water Adventure) : झारखंड में जलक्रीड़ा का भी लोग आनंद लेते हैं. डिमना लेक, कांके डैम, पतरातू और तिलैया डैम में नौकायन करने की अच्छी-व्यवस्था है. इको टूरिज्म (Eco Tourism) : सूरज कुंड (गर्म जल का कुंड), उधवा लेक बर्ड सैंक्चुअरी और पतरातू झारखंड में इको टूरिज्म स्पॉट के रूप में जाने जाते हैं. इंटरनेशनल एयरपोर्ट झारखंड को पूरी दुनिया से जोड़ देगा फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पर्यटन विभाग के प्रमुख शैलेश अग्रवाल कहते हैं कि झारखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं. अगर इन्फ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त कर दिया जाये, तो बड़ी संख्या में सैलानी झारखंड आयेंगे, जिसका लाभ अर्थव्यवस्था को होगा. उन्होंने कहा कि झारखंड में कोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं है. 5 स्टार होटल के नाम पर सिर्फ 2 होटल हैं. पहले रेडिशन ब्लू था अब कोर्टयार्ड मैरियट है. कुछ और 5 स्टार होटल की झारखंड में जरूरत है. इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुविधा भी जरूरी है. शैलेश अग्रवाल कहते हैं कि अगर झारखंड के एयरपोर्ट को सिंगापुर और थाईलैंड से कनेक्ट कर दिया जाये, तो दुनिया भर के सैलानी यहां आने लगेंगे. इन्फ्रास्ट्रक्चर ठीक हो जाये, तो विदेशी पर्यटकों की आ जायेगी बाढ़ शैलेश अग्रवाल कहते हैं कि विदेशी सैलानियों को नेतरहाट, बेतला और पतरातू खूब भाता है. बड़ी संख्या में पर्यटक देवघर जाना पसंद करते हैं. छुट्टियों के सीजन में नेतरहाट में कोई होटल या गेस्ट हाउस खाली नहीं रह जाता. वहां होटलों की संख्या बढ़ानी होगी. अगर पर्यटकों के ठहरने के लिए जगह ही नहीं होगी, तो लोग वहां कैसे जायेंगे. शैलेश ने यह भी कहा कि रांची के भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट कहा जाता है. लेकिन, वहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरह काउंटर्स भी नहीं हैं. इसे विकसित करने की जरूरत है. अगर सरकार ने इस दिशा में काम किया, तो सैलानियों की संख्या बहुत बढ़ जायेगी, जो झारखंड की अर्थव्यवस्था को गति देगा. इसे भी पढ़ें LPG Price Today: 11 मई को आपको कितने में मिलेगा एलपीजी सिलेंडर, अपने शहर का यहां देखें रेट Bokaro News: फुसरो शहर में स्थायी बस स्टैंड नहीं, नीलामी से लाखों कमाता है नगर परिषद प्रभात खबर आपके द्वार : चास नगर निगम के विस्थापित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव