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स्कूल आने-जाने का नहीं है रास्ता

Updated at : 31 Oct 2025 6:51 PM (IST)
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स्कूल आने-जाने का नहीं है रास्ता

दो फीट रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं बच्चे

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प्रतिनिधि, सिल्ली.

सिल्ली के राजकीय प्राथमिक विद्यालय लोवादाग में स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए कोई भी रास्ता नहीं है. स्कूली बच्चे मात्र एक फीट की पगडंडी के सहारे स्कूल आना-जाना करते हैं. प्रधानाध्यापक गुरुपद दास गोस्वामी ने बताया कि विद्यालय में पांचवीं तक 43 विद्यार्थी नामांकित हैं. स्कूल के नाम अपनी जमीन भी नहीं है. पहले के जमाने से भवन बना हुआ है. रैयती जमीन होने के कारण इसमें चहारदीवारी भी नहीं बनी है. स्कूल के बच्चों को रैयतों द्वारा दी गयी दो फीट चौड़ी जमीन से ही स्कूल तक आना-जाना करना पड़ता है. गांव के एक ग्रामीण बताते हैं कि इसके लिए कई बार नेताओं ने आश्वासन दिया. लेकिन रैयतों से बातचीत के अभाव में आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.

प्रमुख का यह गांव :

स्कूल सिल्ली प्रखंड के प्रमुख जितेंद्र बड़ाइक की जमीन में है. वह इसी गांव में रहते हैं. ग्रामीण बताते है कि उनकी उपेक्षा के कारण भी यह स्थिति है. इस संबंध में प्रमुख ने पूछे जाने पर कहा कि हमने कई बार रैयतों से बातचीत करने का प्रयास किया है. लेकिन आम सहमति नहीं बन पायी. स्कूल की यह समस्या गंभीर है. इसके लिए वे आसपास के ग्रामीणों से बात करके समस्या का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VISHNU GIRI

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By VISHNU GIRI

VISHNU GIRI is a contributor at Prabhat Khabar.

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