20 जिलों के शिक्षकों को नहीं मिली प्रोन्नति

राज्य के 20 जिलों में हाइस्कूल शिक्षकों को अब तक प्रोन्नति नहीं मिली. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा इस संबंध में जिलों को निर्देश भी दिया गया, इसके बाद भी सभी जिलों में इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. हाइस्कूल शिक्षकों को 1993 के बाद से वरीय (प्रवरण) वेतनमान नहीं मिला है.
रांची : राज्य के 20 जिलों में हाइस्कूल शिक्षकों को अब तक प्रोन्नति नहीं मिली. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा इस संबंध में जिलों को निर्देश भी दिया गया, इसके बाद भी सभी जिलों में इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. हाइस्कूल शिक्षकों को 1993 के बाद से वरीय (प्रवरण) वेतनमान नहीं मिला है. प्रोन्नति की आस में आधे से अधिक शिक्षक सेवानिवृत्त हो गये. निदेशालय द्वारा शिक्षकों को प्रोन्नति देने का निर्देश लगभग दो वर्ष पूर्व सभी जिलों को दिया गया था. इसके बाद इस वर्ष वेतनमान को लेकर निदेशालय ने सभी डीइओ से रिपोर्ट मांगी थी. इसे लेकर जनवरी में भी दिशा-निर्देश दिया गया था.
जिला स्तर पर होना है निर्णयनिदेशालय द्वारा पूर्व में जारी पत्र में यह स्पष्ट किया गया सेवा शर्त नियमावली 2015 के अनुसार सरकारी माध्यमिक विद्यालय में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों का संवर्ग जिला स्तरीय है. ऐसे में शिक्षकों की प्रोन्नति पर जिला स्तर पर ही निर्णय लिया जाना है. निदेशालय से मांगा मार्गदर्शन शिक्षकों को प्रवरण वेतनमान दिये जाने को लेकर कुछ जिलों द्वारा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा गया. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निदेशालय से पूछा है कि 2016 में हाइस्कूल शिक्षकों का कैडर जिला स्तरीय किया गया, ऐसे में इससे पूर्व के शिक्षकों को प्रवरण वेतनमान देय होगा या नहीं. शिक्षक संघ ने जताया आक्रोशझारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों को अब तक प्रवरण वेतनमान नहीं मिलने पर आक्रोश जताया है. संघ के महासचिव गंगा प्रसाद यादव व अमरनाथ झा ने कहा है कि निदेशालय द्वारा जिलों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि शिक्षकों को प्रोन्नति देने का काम जिला स्तर पर होना है. अब तक सिर्फ देवघर, गढ़वा, गुमला, पाकुड़ में प्रवरण वेतनमान दिया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




