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subsidy on electricity bill in jharkhand : बिजली सब्सिडी की 60 फीसदी राशि संपन्न लोगों के खाते में

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
झारखंड में बिजली सब्सिडी की 60 फीसदी राशि संपन्न लोगों के खाते में जा रही है.
झारखंड में बिजली सब्सिडी की 60 फीसदी राशि संपन्न लोगों के खाते में जा रही है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची : इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (आइआइएसडी) कनाडा, इनिशिएटिव फॉर सस्टेनेबल एनर्जी पॉलिसी (आइएसइपी) स्वीटजरलैंड तथा मॉर्सेल रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ ने झारखंड में कराये गये अध्ययन में पाया है कि यहां बिजली सब्सिडी की 60 फीसदी राशि संपन्न लोगों के खाते में जा रही है.

सब्सिडी का लाभ केवल 25 फीसदी गरीबों को हो रहा है. अगर सरकार सब्सिडी की वर्तमान व्यवस्था में सुधार करे, तो 306 करोड़ रु की बचत प्रति वर्ष हो सकती है.

900 लोगों के बीच सैंपल सर्वे

संस्था ने करीब 900 लोगों के बीच सैंपल सर्वे किया है. संस्था के अनुसार झारखंड में प्रति किलोवाट बिजली पर एक से लेकर 4.25 रुपये के बीच सब्सिडी है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि उपभोक्ता घर में कितनी बिजली खपत कर रहा है.

जो परिवार 800 िकवी प्रतिमाह से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं, वे 50 किवी से कम बिजली खपत करनेवाले लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी की सहायता के मुकाबले चार गुणा ज्यादा लाभ ले रहे हैं.

0-200 यूनिट 2.75 रु प्रति केवी

201-500 यूनिट 2.05 रु प्रति केवी

501-800 यूनिट 1.85 रु प्रति केवी

800 यूनिट से अधिक एक रु प्रति केवी

क्या सुझाव दिया है संस्था ने

वर्ष 2018-19 में बंटी 1250 करोड़ सब्सिडी : वित्तीय वर्ष 2018-19 में झारखंड में 1250 करोड़ रु बिजली सब्सिडी के रूप में दी गयी. यह कुल प्रस्तावित वार्षिक राजस्व (करीब 6000 करोड़) का करीब 21 फीसदी है.

इस संबंध में अाइआइसीएडी से जुड़ी श्रुति शर्मा ने कहा कि विकास के लिए हर किसी को बिजली की जरूरत है. सभी लोग बिजली खरीद सकें, इसके लिए सब्सिडी दी जाती है. लेकिन अध्ययन बता रहा है कि सब्सिडी वर्तमान व्यवस्था का ज्यादा लाभ गरीबों को नहीं मिल रहा है. इस व्यवस्था से गरीबों को बहुत फायदा नहीं है. इस व्यवस्था और बेहतर करने की गुंजाइश है.

posted by : sameer oraon

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