भूमि अधिग्रहण और मुआवजा विवाद का जल्द निदान करेगी झारखंड सरकार - हेमंत सोरेन
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 18 Mar 2020 11:50 PM
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार जल्द ही भूमि अधिग्रहण व मुआवजा विवाद का निदान करेगी. इसको लेकर विस्थापन आयोग का गठन किया जा रहा है.
रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार जल्द ही भूमि अधिग्रहण व मुआवजा विवाद का निदान करेगी. इसको लेकर विस्थापन आयोग का गठन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से विभिन्न लोक उपक्रमों, डैम और खनन कार्यों के लिए भूमि का अधिग्रहण हुआ है, लेकिन इनका विवाद नहीं सुलझ पाया है.
सरकार इन मामलों को लेकर गंभीर है. सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून-2013 लाया है. इसमें चार गुणा मुआवजा भुगतान का प्रावधान है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने इसकी अवहेलना की. राज्य में सीएनटी-एसपीटी का सख्त कानून होने के बावजूद यहां के लोगों ने जमीन दी. उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण इनमें रोष व्याप्त है. विधायक अंबा प्रसाद ने ध्यानाकर्षण सूचना के तहत पकड़ी-बरवाडीह के विस्थापितों को उचित मुआवजा नहीं दिये जाने का सवाल उठाया.
कहा कि यहां पर कोल वेयरिंग एक्ट के तहत लोगों की जमीन का अधिग्रहण कराया गया है. इसमें लोगों को काफी कम मुआवजा दिया जा रहा है. इसको लेकर आक्रोश है. विस्थापितों ने इसको लेकर आंदोलन भी किया. इसमें पुलिस की गोली से ग्रामीणों की मौत भी हो चुकी है. विस्थापित भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के तहत चार गुणा मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. विस्थापितों को कम से कम 80 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा व नौकरी दिलाया जाना चाहिए.
विधायक प्रदीप यादव ने भी अंबा प्रसाद की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में वहां की जमीन का मूल्य 20 लाख रुपये प्रति एकड़ है. एेसे में विस्थापितों को 80 लाख मुआवजा दिया जाना चाहिए. विधायक लोबिन हेंब्रम ने कहा कि कोल वेयरिंग एक्ट में मुआवजा के साथ-साथ विस्थापितों के पुनर्वास व नौकरी देने का भी प्रावधान किया गया है. ऐसे में विस्थापितों को मुआवजा के साथ-साथ उनके पुनर्वास व नौकरी देना चाहिए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










