1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. singing therapy is being done by serious patients of corona in medanta hospital srn

मेदांता अस्पताल में कोरोना के गंभीर मरीजों से करायी जा रही है सिंगिंग थेरेपी

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
मेदांता रांची के भर्ती कोरोना संक्रमितों को दवा, तकनीक व पौष्टिक खाना के साथ सिंगिंग थेरेपी करायी जा रही है
मेदांता रांची के भर्ती कोरोना संक्रमितों को दवा, तकनीक व पौष्टिक खाना के साथ सिंगिंग थेरेपी करायी जा रही है
प्रतीकात्मक तस्वीर

रांची : मेदांता रांची के क्रिटिकल केयर विंग में भर्ती कोरोना संक्रमितों को दवा, तकनीक व पौष्टिक खाना के साथ-साथ सिंगिंग थेरेपी करायी जा रही है. आइसीयू में भर्ती संक्रमितों से मन पसंद गीत गवाया जा रहा है. विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानें, तो खुल कर गीत गाने से फेफड़े का बेहतर व्यायाम होता है. इससे रिकवरी तेजी से होती है. आइसीयू के कई गंभीर संक्रमितों को इससे लाभ हुआ है. उन्हें आइसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया है.

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमितों को जानलेवा वायरस का भय तो रहता ही है, परिवार से अलग होने का गम भी रहता है. जिंदगी में मायूसी छा जाती है. इस कारण नकारात्मक ख्याल आते रहते हैं. ऐसे में मन पसंद गीत गवा कर उन्हें खुश किया जा सकता है. इससे पूरे वार्ड का माहौल भी खुशनुमा हो जाता है. मेदांता के आइसीयू में हर संक्रमित से एक-एक गीत गवाया जाता है. इस नये प्रयोग से तीन से चार गंभीर संक्रमितों को आइसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट करने में मदद मिली है.

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमितों को जानलेवा वायरस का भय तो रहता ही है, परिवार से अलग होने का गम भी रहता है. जिंदगी में मायूसी छा जाती है. इस कारण नकारात्मक ख्याल आते रहते हैं. ऐसे में मन पसंद गीत गवा कर उन्हें खुश किया जा सकता है. इससे पूरे वार्ड का माहौल भी खुशनुमा हो जाता है. मेदांता के आइसीयू में हर संक्रमित से एक-एक गीत गवाया जाता है. इस नये प्रयोग से तीन से चार गंभीर संक्रमितों को आइसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट करने में मदद मिली है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ डॉक्टर

अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमितों को हम दवा के अलावा पौष्टिक खाना तो दे ही रहे हैं. साथ-साथ सिंगिंग थेरेपी का अभ्यास भी करा रहे है. गीत गाने से फेफड़ा में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचता है. यह फेफड़ा के लिए बेहतर व्यायाम है. दो से तीन संक्रमितों में इससे अच्छी रिकवरी देखने को मिली है. वार्ड का माहौल भी बेहतर हो जा रहा है, जिससे संक्रमित खुश भी रह रहे हैं.

डॉ तापस कुमार, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, मेदांता

posted by : sameer oraon

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें