'झारखंड का सूरज अस्त हो गया', दिशोम गुरु के निधन से शोक में पूरा प्रदेश, मंत्रियों-विधायकों ने कहा- स्तब्ध हैं हम

Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Aug 2025 6:26 PM

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Shibu Soren Death

Shibu Soren Death: झारखंड का कण-कण निशब्द है. राज्य के महानायक... गुरुजी... दिशोम गुरु शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे. दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में उनका सोमवार को निधन हो गया है.  उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है. हर आंख में आंसू है. प्रदेश के नेताओं का कहना है कि शिबू सोरेन व्यक्ति नहीं बल्कि संस्थान थे और उनका निधन झारखंड की सबसे बड़ी क्षति है. झारखंड के कई नेता और मंत्रियों ने उनके निधन पर शोक जाहिर किया है.

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Shibu Soren Death: कभी जिनकी एक आवाज से भीड़ जुट जाती थी, जिसकी एक पुकार पर लोग मर मिटने को तैयार हो जाते थे, वो आवाज अब कभी नहीं सुनाई देगी. झारखंड का वो लाल हमेशा के लिए सो गया है. दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में दिशोम गुरु… झारखंड के महानायक शिबू सोरेन चिर निद्रा में सो गये हैं. जिसने भी यह खबर सुनी अवाक हो गया. झारखंड समेत पूरे देश में उनके निधन से एक अजीब सी खामोशी छा गई है. किसी को यकीन नहीं हो रहा कि लाखों लोगों को राह दिखाने वाले उनकी अंतिम उम्मीद शिबू सोरेन अब इस दुनिया में नहीं रहे. पूरे झारखंड में शोक की लहर है. हर कोई मर्माहत है. किसी के लिए यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि उनके शिबू सोरेन अब नहीं रहे. गुरुजी के निधन पर पूरा देश आंसू बहा रहा है.

झारखंड में दिशोम गुरु के निधन से हर तरफ मातम पसर गया है. आम लोगों से लेकर नेता और मंत्री किसी को यकीन नहीं हो रहा कि गुरुजी अब उनके बीच नहीं हैं. सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने वाले दर्जनों नेताओं ने गुरुजी से राजनीति का ककहरा सिखा था. आज उनके लिए यह मानना कांटों पर चलने के समान है कि उनके अभिभावक तुल्य़ गुरुजी नहीं रहे. झारखंड के नेता और मंत्री गुरुजी की निधन से अवाक् हैं. कई नेता और मंत्रियों ने उनके निधन पर अपना दुख जाहिर किया है.

झारखंड ने महान सपूत खोया : दीपिका पांडेय

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय ने कहा कि झारखंड ने अपना महान सपूत खो दिया है. उनका जीवन संघर्ष का था. शिबू सोरेन का नाम ही आंदोलन बन गया था. उनकी विरासत हमारे विचारों, आंदोलनों और आत्मा में हमेशा जीवित रहेगी. उस महापुरुष को विनम्र श्रद्धांजलि. उनके बिना झारखंड की कल्पना अधूरी है.

झारखंड में शून्यता हो गयी है : हफीजुल

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि अत्यंत दुखी मन से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के दुखद निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. गुरुजी के जाने से झारखंड में शून्यता की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. यह अपूरणीय क्षति है. उनका निधन मेरे और मेरे परिवार के लिए व्यक्तिगत क्षति है. उनकी सेवा, संघर्ष और नेतृत्व की विरासत हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी. दुख की इस घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.

झारखंड का सूरज अस्त हो गया : इरफान

मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड का सूरज सोमवार की सुबह उठने से पहले ही हमेशा के लिए अस्त हो गया. गुरुजी ने न सिर्फ झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाया, बल्कि आदिवासी समाज को अंधकार से निकाल कर अधिकार और आत्म सम्मान के उजाले की ओर अग्रसर किया. वे हमारे लिए पिता तुल्य थे. उनका चले जाना झारखंड ही नहीं पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है.

सब वीरान सा हो गया : कल्पना सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि सब वीरान सा हो गया है. हमारे बाबा, दिशोम गुरु-पथ प्रदर्शक और झारखंड के महानायक शिबू सोरेन जी अब हमारे बीच नहीं रहे. उनका जीवन हमारे लिए प्रेरणा था और उनका सपना हमारा संकल्प रहेगा. आदरणीय बाबा को अंतिम जोहार. आपका संघर्ष, आपका स्नेह, आपका दृढ़ विश्वास-आपकी यह बेटी कभी नहीं भूलेगी.

झारखंड का कण-कण निशब्द है : सुदिव्य

नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि आज झारखंड का कण-कण निशब्द है. शिबू सोरेन व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्थान थे और उनके निधन ने झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति पैदा की है.

हम सभी मर्माहत हैं : कमलेश

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि घटना से हम सभी मर्माहत और दुखी हैं. बराबर अन्याय और शोषण और महाजनी प्रथा के विरोध में लड़ते रहे. यह हम सबों के लिए अपूरणीय क्षति है.

सबको प्रेम, आशीर्वाद देनेवाले थे : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि शिबू सोरेन कट्टर नशा विरोधी थे. किसी को भी देखते थे, तो शराब नहीं पीने का सलाह देते थे. सबको प्रेम, आशीर्वाद देने वाले थे. राजनीति और पार्टी से ऊपर थे. वह सबको सम्मान देने वाले थे. झारखंड वासियों के लिए तो यह आघात है ही और देश के लिए भी क्षति है. जनजातियों को लिए भी बड़ा नुकसान है.

एक युग की समाप्ति हुई : राज सिन्हा

भाजपा नेता और विधायक राज सिन्हा ने कहा कि यह घटना मर्माहत करनेवाला है. दिशोम गुरु संघर्ष के प्रतीक थे. गरीब, दलित, शोषित, पीड़ित और आदिवासी झारखंड वासियों के लिए आशा के प्रतीक थे. ऐसा लगता था कि कोई अभिभावक सिर पर खड़ा है. आज हम सब एक अभिभावक से वंचित हो गये हैं.

इस घटना से अत्यंत दुखी हूं : बंधु तिर्की

कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने कहा कि इस घटना से अत्यंत दुखी हूं. आपके व्यक्तित्व, संघर्ष और विचारों को मेरा शत-शत नमन है. देश और प्रदेश के लिए यह अपूरणीय क्षति है. दिशोम गुरु को मेरा अंतिम जोहार.

हम सब स्तब्ध हैं : दीपक प्रकाश

भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि आज हम सब स्तब्ध हैं. हम सभी लोगों के दिल में पीड़ा है. वे झारखंड की आवाज थे. झारखंड की अस्मिता और झारखंड के अलग राज्य के आंदोलन के प्रणेता थे. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें. उनके परिवार को पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें.

झारखंड की आत्मा बसती है गुरुजी में : लुईस मरांडी

विधायक लुईस मरांडी ने कहा कि शिबू सोरेन झारखंड के अभिभावक थे. उनके निधन से मर्माहत हूं. झारखंड की आत्मा गुरुजी में बसती है. उनके जाने से राज्य में शोक व्याप्त है. जब तक पृथ्वी रहेगी, तब तक उनको याद रखा जायेगा.

झारखंड के महानायक थे : सरयू राय

विधायक सरयू राय ने कहा कि शिबू सोरेन झारखंड के महानायक थे. उनके निधन से पूरे राज्य में शोक व्याप्त है. हम सभी मर्माहत हैं. भगवान मुख्यमंत्री और उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में सबल बनाये.

सबसे बड़े आंदोलनकारी थे : जयराम

विधायक जयराम महतो ने कहा कि गुरुजी के बारे में बचपन से सुनता आया हूं. उनका चले जाना झारखंड के लिए क्षति है. वह 1970 के बाद से सबसे बड़े आंदोलनकारी थे. यह घटना झारखंड की जनता को मर्माहत करनेवाली है.

आंदोलन के पर्याय थे : प्रदीप यादव

विधायक प्रदीप यादव ने कहा- शिबू सोरेन आंदोलन के पर्याय थे. जंगल से आवाज उठती थी, तो शहरों तक गूंजती थी. पूरा देश उन्हें सुनता था. वे गरीबों के धड़कन थे. आदिवासी दलितों के मसीहा थे. उनके निधन को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. झारखंड उनके संघर्षों का परिणाम है. उन्होंने जल, जंगल, जमीन बचाने का रास्ता दिखाया, उसी पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

भगवान सीएम को शक्ति प्रदान करें : पूर्णिमा साहू

विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा- दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड से सबसे बड़े आंदोलनकारी थे. अपने ससुर के साथ उनसे कई बार मिली थी. उनका व्यक्तित्व प्रभावित करने वाला था. मुख्यमंत्री और उनके परिवार को भगवान शक्ति प्रदान करें.

एक युग का अंत हो गया : राजेश कच्छप

विधायक राजेश कच्छप ने कहा- एक युग का अंत हो गया है. गुरुजी को लोग व्यक्ति नहीं, व्यक्तित्व मानते थे. वे सिद्धांत थे. जल, जंगल, जमीन, दबे-कुचले लोगों की आवाज थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन राज्य की जनता के लिए लगा दिया. वे समाज के लिए जीये और अंतिम समय तक संघर्ष किया.

राज्य के जननायक थे शिबू सोरेन : श्वेता सिंह

दिशोम गुरु राज्य के जननायक थे. उन्होंने आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया. राज्य की जनता कभी उन्हें भूल नहीं पाएंगे.
 

उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता : शशिभूषण मेहता

विधायक शशिभूषण मेहता ने कहा- झारखंडवासी दिशोम गुरु के निधन पर मर्माहत हैं. उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है. भगवान उनको अपने श्रीचरणों में स्थान दें. ईश्वर से कामना है कि राज्य के सीएम और उनके परिवार को दुःख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें.

झारखंड के निर्माता थे दिशोम गुरु : मंजू देवी

विधायक मंजू देवी ने कहा- दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड के निर्माता थे. वे आदिवासियों की आवाज थे. उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करती हूं.

जीवन जनता को समर्पित कर दिया : निर्मल महतो

विधायक निर्मल महतो ने कहा मैं अपनी और पार्टी की ओर से दिशोम गुरु के निधन पर शोक प्रकट करता हूं. वह राज्य के बड़े नेता थे. राज्यसभा के सांसद भी थे. उन्होंने अपना सारा जीवन राज्य की जनता को समर्पित कर दिया. उनके निधन पर पार्टी श्रद्धांजलि अर्पित करती है.

जनता की आवाज थे दिशोम गुरु : नीरा यादव

विधायक नीरा यादव ने कहा दिशोम गुरु के निधन की सूचना मिलने से मर्माहत हूं. वे राज्य की जनता की आवाज थे. भगवान उन्हें अपने श्रीचरणों में जगह दें.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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