ePaper

सदर अस्पताल में हाउसकीपिंग टेंडर में घोटाला, कारपेट एरिया 3 गुणा बढ़ाकर दिखाया, एजेंसी को ज्यादा पैसों का भुगतान

Updated at : 15 Dec 2025 7:40 AM (IST)
विज्ञापन
Sadar Hospital Ranchi Scam Jharkhand

रांची सदर अस्पताल.

Scam in Sadar Hospital Ranchi: सदर अस्पताल रांची में हाउसकीपिंग टेंडर में घोटाला का खुलासा हुआ है. आरोप है कि कारपेट एरिया 3 गुणा बढ़ाकर दिखाया और एजेंसी को ज्यादा पैसे का भुगतान किया गया. एजेंसी ने ठेका हासिल करने के बाद टेंडर में शुद्धिकरण का प्रस्ताव लाया और उसमें कई बदलाव कराये गये, जिससे कंपनी को करोड़ों रुपए का अनुचित तरीके से मुनाफा दिया गया.

विज्ञापन

Scam in Sadar Hospital Ranchi| रांची, बिपिन सिंह : झारखंड की राजधानी रांची के सदर अस्पताल में साफ-सफाई और हाउसकीपिंग के नाम पर करोड़ों का घोटाला किया गया है. आउटसोर्सिंग एजेंसी मेसर्स जी एलर्ट एंड हाउसकीपिंग पर आरोप है कि उसने अधिकारियों के साथ मिलकर न केवल अस्पताल का कुल कारपेट एरिया तीन गुना बढ़वा लिया, बल्कि प्रति स्क्वायर फीट मैनपॉवर सप्लाई में भी भारी कटौती की. इस घोटाले के सहारे एजेंसी को हर वर्ष करोड़ों की अवैध कमाई हो रही है.

आंतरिक रिपोर्ट में हुआ गड़बड़ी का खुलासा

इसकी पुष्टि सदर अस्पताल प्रबंधन की हालिया आंतरिक रिपोर्ट में भी हुई है. इधर जेएसबीसीसीएल (झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड) की पूर्व की रिपोर्ट से तुलना करने पर भी अनियमितता की पुष्टि हो गयी. इसमें अस्पताल का कारपेट एरिया बढ़ाकर एजेंसी को मुनाफा दिलाने का पता चल रहा है.

टेंडर जारी होने के बाद लाया गया शुद्धिकरण का प्रस्ताव

आरोप है कि जब एजेंसी ने ठेका पा लिया, तो फिर टेंडर जारी होने के बाद उसमें शुद्धिकरण का प्रस्ताव लाया गया. जानकारी के अनुसार, एजेंसी का काम एक अक्तूबर 2022 से शुरू होना था. दूसरी ओर एजेंसी को काम मिलने के बाद 13 अक्तूबर 2022 को तत्कालीन उपाधीक्षक ने सिविल सर्जन रांची को सदर अस्पताल के पुराने भवन की कुल मापी की जानकारी देने के लिए पत्र लिखा. यहीं असली खेल हो गया.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Scam in Sadar Hospital Ranchi: हर साल करोड़ों का मुनाफा कमा रही कंपनी

पत्र में सदर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग का कुल क्षेत्रफल 6,96,285.92 लाख स्क्वायर फीट बताया गया. इसके बाद उसकी वास्तविक मापी से 4,10,046 स्क्वायर फीट एरिया ज्यादा दिखाकर कंपनी वर्ष 2022 से करोड़ों का मुनाफा कमा रही है. बताते चलें कि पुरानी बिल्डिंग की वास्तविक मापी 268841.61 स्क्वायर फीट है.

भुगतान और दरों में किया गया मनमाना बदलाव

पिछले महीने सदर अस्पताल में अकेले मेसर्स जी एलर्ट को करीब 92 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जबकि इससे पहले 2022-23 में उसे महज 60 लाख के करीब भुगतान हो रहा था. ज्यादा भुगतान पाने और ठेका खुद लेने के लिए एजेंसी ने टेंडर की नयी शर्तों के मुताबिक, हाउसकीपिंग के लिए जो दर पहले (शून्य) थी, उसे बदलवाकर अस्पताल के इंडोर के लिए 2.00 रुपये प्रति स्क्वायर फीट और आउटडोर के लिए 00.50 पैसे की दर से फिक्स कराया. यह बदलाव सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर जारी होने के बाद एक शुद्धि पत्र लाकर किया गया.

अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ने के साथ ही एरिया बढ़ गया है. कोई भी लेटर आता है, तो उपयुक्त जांच करायी जाती है. टेंडर के कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए विभाग की ओर से पड़ताल कर पेपर्स मंगाये जाते हैं. इस मामले में भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है. एक सप्ताह में जांच कमेटी बनाकर सभी बिंदुओं की जांच करायी जायेगी. हालांकि, टेंडर में पूरी पारदर्शिता अपनायी गयी है.

डॉ प्रभात कुमार, सिविल सर्जन, रांची

टेंडर शर्तों का उल्लंघन और कम मैन पावर की तैनाती

टेंडर की शर्तों के मुताबिक, सदर अस्पताल में साफ-सफाई और हाउसकीपिंग की जिम्मेदारी प्रति स्क्वायर फीट की दर से तय हुई थी. वर्ष 2022 में हुए टेंडर में एजेंसी को पहली पाली में 100 प्रतिशत, दूसरी पाली में कुल मैन पावर का 75 प्रतिशत और रात्रि पाली यानी अंतिम शिफ्ट में 50 प्रतिशत कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करनी थी. एजेंसी ने शुद्धिपत्र के जरिये इसमें भी सुधार कराया. पहली पाली में 100 प्रतिशत, दूसरी में भी 100 प्रतिशत और तीसरी शिफ्ट में करीब 60 प्रतिशत मैन पावर रखने की छूट ले ली. इससे एजेंसी को मैन पावर मद में करीब 30 लाख रुपए प्रति माह अतिरिक्त मिलने लगे. यानी हर साल करीब 3.36 करोड़ रुपए. हालांकि, टेंडर की शर्तों के मुताबिक, एजेंसी ने कभी पूरा मैन पावर नहीं दिया.

ऐसे हुआ पूरा खेल

5 मंजिली पुरानी बिल्डिंग की मापी268841.61 स्क्वायर फीट
9 मंजिली नयी बिल्डिंग की मापी3,24,253 स्क्वायर फीट
अस्पताल भवन के अलावा खुला परिसर2,63,476.96 स्क्वायर फीट
अस्पताल प्रबंधन की 5 मंजिली पुरानी बिल्डिंग की मापी6,78,887 स्क्वायर फीट
सदर अस्पताल का भवन बनानेवाली सरकार की एजेंसी जेएसबीसीसीएल ने की मापी
  • 6,78,887 वर्ग फीट बतायी सदर अस्पताल प्रबंधन ने 5 मंजिली पुरानी बिल्डिंग की मापी
  • वास्तविक मापी से 4,10,046 स्क्वायर फीट एरिया ज्यादा दिखाकर कंपनी वर्ष 2022 से कमा रही करोड़ों का मुनाफा

संयुक्त सचिव ने दिये जांच के आदेश

आउटसोर्सिंग एजेंसी के चयन के लिए आमंत्रित निविदा में विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये मॉडल टेंडर डॉक्यूमेंट में छेड़-छाड़ एवं झारखंड प्रॉक्यूरमेंट पॉलिसी में निहित प्रावधान का अनुपालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है. सरकार के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने सिविल सर्जन रांची को 19 नवंबर को पत्र लिखा. आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवा लेने को लेकर एजेंसी चयन के लिए आमंत्रित निविदा में अनियमितता बरते जाने की जांच करने का निर्देश दिया है.

इसे भी पढ़ें

सदर अस्पताल रांची में प्रोत्साहन राशि घोटाला

रांची के सदर अस्पताल में बवाल, परची कटाने कहा, तो भड़के परिजन, डॉक्टर और स्टाफ से की बदतमीजी, 4 हिरासत में

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola