सरयू ने की कंबल घोटाला जांच की मांग, मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा : गड़बड़ी पर सरकार गंभीर
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 21 Mar 2020 5:43 AM
श्रम नियोजन प्रशिक्षण विभाग, खेलकूद कला एवं संस्कृति तथा अनुदान मांग की चर्चा के दौरान सरकार ने कंबल घोटाले की जांच कराने का ठोस आश्वासन नहीं दिया. अनुदान मांग में कटौती प्रस्ताव लाते हुए निर्दलीय विधायक सरयू राय ने सरकार से मोमेंटम झारखंड और कंबल घोटाले का मुद्दा उठाया था.
रांची : श्रम नियोजन प्रशिक्षण विभाग, खेलकूद कला एवं संस्कृति तथा अनुदान मांग की चर्चा के दौरान सरकार ने कंबल घोटाले की जांच कराने का ठोस आश्वासन नहीं दिया. अनुदान मांग में कटौती प्रस्ताव लाते हुए निर्दलीय विधायक सरयू राय ने सरकार से मोमेंटम झारखंड और कंबल घोटाले का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा कि कंबल घोटाले में हुई गड़बड़ी की जांच कराने की अनुशंसा विकास आयुक्त ने की थी. उन्होंने इसकी एबीसी जांच की अनुशंसा की थी. इसके बावजूद सरकार ने आयुक्त की अध्यक्षता में 27 सदस्यीय कमेटी बना दी. श्री राय ने कहा कि मामला गंभीर है.
सरकार का जवाब देते हुए श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि सरकार मामले को लेकर गंभीर है. श्री राय ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया. इसके बाद मंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार गड़बड़ी बरदास्त नहीं करेगी. इसके बाद श्री राय से कटौती प्रस्ताव वापस लेने का आग्रह किया गया. श्री राय इस पर सहमत नहीं हुए. इसके बाद सदन के अध्यक्ष रवींद्र महतो ने 5.26 अरब का श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग का बजट ध्वनिमत से पारित कराया.
पूर्व सरकार ने सपना दिखाया : श्री राय ने कटौती प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि 2017 में सरकार ने इनवेस्टमेंट समिट कराया. पूर्व सरकार के लोग देश-विदेश व्यापारियों को बुलाने गये. इसमें सीआइआइ, अर्नेंस्ट यंग आदि संस्थाओं ने लोगों को सपना दिखाया. मजदूरों को ठगा गया. कंबल घोटाला हुआ. इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई का आश्वासन विकास आयुक्त ने दिया.
इसके बावजूद जांच नहीं करायी गयी. कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए वैद्यनाथ राम ने कहा कि पूर्व की सरकार में पहले से चल रहे कई उद्योग भी बंद हो गये. काम नहीं करनेवाले उद्योगों ने अब तक जमीन रैयतों को वापस नहीं किया है. वर्तमान सरकार को इस दिशा में प्रयास करना चाहिए. सभी जिला मुख्यालयों मेें सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाना चाहिए. जिला मुख्यालयों में जिम होना चाहिए.
मनमोमेंटम झारखंड से राज्य की ग्लोबल पहचान बनी
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए भाजपा के विधायक अमर बाउरी ने कहा कि मोमेंटम झारखंड से राज्य की ग्लोबल पहचान बनी है. पिछली सरकार ने पर्यटन नीति बनायी. रोजगार के कई अवसर बनाये गये. वर्तमान सरकार ने बेरोजगारों को छल रही है. भत्ता के नाम पर सालाना पांच से सात हजार दे रही है. सरकार के बजट में कोई विजन नहीं दिख रहा है.
जयपाल सिंह स्टेडियम रांची में बनाये मैदान
राजेश कच्छप ने कटौती प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि जयपाल सिंह स्टेडिम रांची का पुराना खेल का मैदान था. यहां कई प्रतियोगिताएं होती थी. यहां बाजार बना दिया गया है. यहां स्टेडियम बनाया जाना चाहिए. इससे इसकी पुरानी गरिमा वापस होगी. पूर्व की सरकार ने प्रशिक्षण के नाम पर जनता का करोड़ों रुपये लुटाया है. नामकुम के इंसुलेटर फैक्टरी को निजी हाथों में बेच दिया.
खिलाड़ियों को सम्मान नहीं
बंधु तिर्की ने कहा कि पूर्व की सरकार में खिलाड़ियों को सम्मान नहीं मिला. शहीदों के नाम पर केवल खेल हुआ. यहीं कारण है कि रोजी-रोटी के लिए आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी खस्सी और मुर्गा प्रतियोगिता खेल रहे हैं. राज्य सरकार के खेल गांव परिसर का हाल भी बेहाल कर दिया गया है. इसकी जांच होनी चाहिए.
एमओयू के बाद भी बनी कई कंपनियां
सुदीव्य कुमार ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि मोमेंटम झारखंड के नाम पर बड़ा खेल हुआ है. इसकी जांच होनी चाहिए. इसमें कई ऐसी कंपनियों के साथ सरकार ने एमओयू किया था, जो बनी ही बाद में है. 238 एमओयू हुआ था. इसमें 13 विदेशी कंपनियां थी. इसमें एक भी कंपनी ग्राउंड ब्रेकिंग में नहीं आयी. इन्हीं को बुलाने के लिए सरकार के मंत्री और अधिकारी कई देश गये थे. पूर्व की सरकार ने जनता के पैसे से नंगा नाच किया. चर्चा में जय प्रकाश भाई पटेल, लंबोदर महतो और अमित यादव ने भी हिस्सा लिया.
रैयतों की जमीन लीज पर लेकर उद्योग विभाग को दे सरकार
चर्चा के दौरान बाबूलाल मरांडी ने सरकार की सलाह दी कि उद्योगों के लिए जमीन देने पर रैयतों के साथ विवाद होता है. सरकार को रैयतों से जमीन लीज पर लेना चाहिए. रैयतों को लीज रेंट देना चाहिए. इससे उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा. पूर्व में उद्योगों के लिए ली गयी जमीन सरकार नीलाम कर रही है. नीलामी में रैयतों को भी हिस्सा मिलना चाहिए. अगर अतिरिक्त भूमि ले ली गयी है, तो उसे लौटाना चाहिए. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नौकरी देने का प्रावधान होना चाहिए.
क्या-क्या आश्वासन दिया मंत्री ने
आइटीअाइ के रिक्त 1735 पद भरे जायेंगे
विदेशों में काम के दौरान मरने वाले मजदूरों के परिजनों को मिलेगा पांच लाख
निबंधित श्रमिकों को सामान खरीदने के लिए 2500 व साइकिल के लिए 3500 रुपये देगी सरकार
प्राथमिक, उच्च व मध्य विद्यालयों में बनेंगे खेल के मैदान
राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नौकरी में दो फीसदी आरक्ष
बरही एसडीओ का मामला उठा
रांची. अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान हजारीबाग के विधायक मनीष जायसवाल ने बरही एसडीओ के फेसबुक पोस्ट का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि एसडीओ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री के देश के नाम संबोधन के बाद अपने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डाला है. ऐसे अधिकारियों के भरोसे सरकार कोरोना की लड़ाई कैसे लड़ सकती है. ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
सीएम का थर्मल स्कैन किया गया
रांची .मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शरीर शुक्रवार को थर्मल स्कैन किया गया. विधानसभा परिसर में सदर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सीएम के शरीर स्कैन किया गया. इस क्रम में मुख्यमंत्री के शरीर का तापमान सामान्य पाया गया. यह कोरोना वायरस की वजह से एक सामान्य जांच प्रक्रिया थी.
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