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Sarkari Naukri: ‘जेटेट नियमावली’ बदली, इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट की डिग्री वाले भी प्राइमरी और मिडिल स्कूल में बनेंगे टीचर

Updated at : 21 Jun 2024 8:59 AM (IST)
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Sarkari Naukri: झारखंड में ‘जेटेट नियमावली’ में बदलाव कर दिया गया है. इसके बाद इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की डिग्री वाले भी प्राइमरी व मिडिल स्कूल में टीचर बनेंगे.

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Sarkari Naukri|रांची, सुनील कुमार झा : झारखंड के मध्य विद्यालयों में अब इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कृषि, प्रौद्योगिकी विषय से स्नातक विद्यार्थी भी शिक्षक बन सकेंगे. राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति की पात्रता को लेकर बनायी गयी ‘झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली’ में इन विषयों को शामिल किया गया है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है.

2016 के बाद झारखंड में नहीं हुई जेटेट की परीक्षा

राज्य में अब तक दो बार झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) हुई है. वर्ष 2016 के बाद पात्रता परीक्षा नहीं हुई है. वर्ष 2016 के बाद यह नियमावली में तीसरा बदलाव है. नियमावली में मध्य विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित विज्ञान व सामाजिक विज्ञान विषय में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्यता के शर्त में बदलाव किया गया है. वहीं, मध्य विद्यालय में विज्ञान में शिक्षक नियुक्ति के लिए सभी विषयों में अंकों को एक समान कर दिया गया है. पहले गणित को अधिक वेटेज दिया गया था.

नियमावली में कई अन्य बदलाव भी किए गए

इसके अलावा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा मांगे गये मार्गदर्शन के अनुरूप नियमावली में अन्य बदलाव भी किये गये हैं. इससे पहले मध्य विद्यालय में स्नातक प्रशिक्षित गणित व विज्ञान का शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थी को गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, वनस्पति विज्ञान व जीव विज्ञान विषय में से किसी एक में स्नातक स्तर पर ऑनर्स व दो में सहायक विषय के रूप में उत्तीर्ण होना अनिवार्य था.

अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट का भी किया प्रावधान

मध्य विद्यालय में स्नातक प्रशिक्षित सामाजिक विज्ञान के शिक्षक बनने के लिए अभ्यर्थी को इतिहास, भूगोल, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, लेखा शास्त्र, व्यापार अध्ययन में से किसी एक में स्नातक स्तर पर ऑनर्स व दो में सहायक विषय के रूप में उत्तीर्ण होना अनिवार्य था. नियमावली में अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट का भी प्रावधान किया गया है. नियमावली के अनुसार पिछली पात्रता परीक्षा एवं आगामी पात्रता परीक्षा के बीच के अंतराल अवधि में एक वर्ष छोड़कर अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जायेगी.

बदलाव के बाद अब क्या हैं प्रावधान?

  • विज्ञान : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा डिग्रियों को लेकर मार्च 2014 में जारी अधिसूचना के उपरांत विज्ञान/अभियांत्रिकी/ प्रौद्योगिकी/कृषि तथा गणित विषय में से किसी एक विषय में न्यूनतम तीन वर्षीय स्नातक. इसके अलावा प्लस टू या उच्च माध्यमिक स्तर पर गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, वनस्पति विज्ञान व जीव विज्ञान में से कम से कम दो विषय में पास होना अनिवार्य है.
  • कला : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा डिग्रियों को लेकर मार्च 2014 में जारी अधिसूचना के उपरांत अधिसूचित कला/ मानविकी/सामाजिक विज्ञान/ वाणिज्य/प्रबंधन/ प्रबंधन विषय में न्यूनतम तीन वर्षीय स्नातक की योग्यता रखते हों.
  • भाषा : राज्य के मध्य विद्यालय में अब भाषा शिक्षक के लिए 10 मार्च 2023 को कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा अधिसूचित भाषा में से किसी एक भाषा में न्यूनतम तीन वर्षीय स्नातक की योग्यता रखते हो.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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