झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाने में जुटीं सखी मंडल की दीदियां, 3 लाख परिवार दीदी बाड़ी योजना से जुड़ी

Updated at : 30 Dec 2020 9:10 PM (IST)
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झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाने में जुटीं सखी मंडल की दीदियां, 3 लाख परिवार दीदी बाड़ी योजना से जुड़ी

Jharkhand news, Ranchi news, रांची : ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड की प्रधान सचिव आराधना पटनायक ने राज्य के सभी जिलों की कुल 75 संकुल संगठन की दीदियों से दीदी बाड़ी के संबंध में विडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से बात की. महिलाओं से बातचीत के दौरान उनसे दीदी बाड़ी योजना के अंतर्गत चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी ली. वर्तमान में 3 लाख से अधिक महिलाएं दीदी बाड़ी योजना से जुड़कर संबंधित लाभ उठा रही हैं.

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Jharkhand news, Ranchi news, रांची : ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड की प्रधान सचिव आराधना पटनायक ने राज्य के सभी जिलों की कुल 75 संकुल संगठन की दीदियों से दीदी बाड़ी के संबंध में विडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से बात की. महिलाओं से बातचीत के दौरान उनसे दीदी बाड़ी योजना के अंतर्गत चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी ली. वर्तमान में 3 लाख से अधिक महिलाएं दीदी बाड़ी योजना से जुड़कर संबंधित लाभ उठा रही हैं.

दीदी बाड़ी योजना से जुड़कर सखी मंडल की महिलाएं अपने और अपने परिवार के पोषणाहार के लिए अपने खेतों में या घर के बाहर खाली पड़ी जमीन में साग-सब्जी आदि उगा रही हैं. ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी (JSLPS) एवं मनरेगा (Mnrega) के समग्र प्रयास द्वारा चलाये जा रहे दीदी बाड़ी योजना राज्य से कुपोषण को खत्म करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है.

विभिन्न जिलों की संकुल पदाधिकारियों से बात कर ग्रामीण विकास सचिव ने उनके क्लस्टर में दीदी बाड़ी योजना से संबंधित विकास कार्यों के बारे में भी जानकारी ली. साथ ही उन्होंने ये भी जाना कि गांवों में महिलाएं अपनी बाड़ी में मौसम अनुसार कौन-कौन सी साग-सब्जियां लगा रही हैं.

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गांवों में पोषण और योजना की जानकारी देंगी दीदी बाड़ी सखी

दीदी बाड़ी योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को दीदी बाड़ी सखी के रूप में सामुदायिक कैडर के तौर पर विकसित करने का भी प्रावधान है. संकुल पदाधिकारियों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ग्रामीण विकास सचिव ने उनके क्लस्टर में दीदी बाड़ी सखी की संख्या एवं उनके कार्य-प्रणाली के बारे में भी जानकारी ली. साथ ही उन्होंने पदाधिकारियों से भी अपील करते हुए कि वे अपने गांव के लोगों को पोषण एवं दीदी बाड़ी योजना के बारे में जागरूक करें.

दीदियों ने रखी अपनी बात

इस दौरान पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड स्थित बांगुड़दा क्लस्टर की जयंती मांझी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सचिव से बात करते हुए बताया कि किस प्रकार उनके क्लस्टर में दीदी बाड़ी योजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. वहीं, जयंती देवी ने बताया कि हमारे क्लस्टर की सभी दीदियां बढ़-चढ़ कर दीदी बाड़ी योजना के अंतर्गत अपने खेतों या खाली जमीन में साग-सब्जी उगा रही हैं. साथ ही नियमित बैठकों में भी दीदी बाड़ी योजना के बारे में चर्चा की जाती है. इसके अलावा क्लस्टर से चयनित दीदी बाड़ी सखी भी ग्रामीणों को लगातार जागरूक कर रही हैं. इस दौरान सखी मंडल की दीदियों ने संकल्प लिया कि खुद भी हरी साग-सब्जियों का नियमित सेवन करेंगे और अन्य दीदियों को भी पोषणाहार का महत्व समझायेंगे और अपने राज्य को कुपोषण मुक्त करेंगे.

स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा का नारे को अपनायेंगी सखी मंडल की महिलाएं

ग्रामीण विकास सचिव ने ग्रामीण महिलाओं से बात करते हुए उन्हें स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा नारे को अपनाने की बात कही. उन्होंने बताया कि दीदी बाड़ी योजना सरकार का एक ऐसा प्रयास है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण को जड़ से मिटाया जा सकें और यह तभी संभव होगा जब गर्भवती महिलाएं और बच्चों को पूरा पोषण प्राप्त हो पायेगा.

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जैविक उत्पाद पर जोर

गढ़वा जिले के कल्याणपुरी संकुल संगठन की विमला देवी ने बताया कि उनके क्लस्टर में दीदी बाड़ी योजना के अंतर्गत जैविक तरीके से सब्जियां उगायी जा रही है. इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए आराधना पटनायक ने अन्य दीदियों को भी जैविक विधि से अपनी बाड़ी में सब्जियां उपजाने की सलाह दी, ताकि उन्हें गुणवत्ता के साथ पोषण प्राप्त हो.

सामाजिक सशक्तीकरण प्राथमिकता : आराधना पटनायक

संकुल संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता करते हुए ग्रामीण विकास सचिव आराधना पटनायक ने बताया कि दीदी बाड़ी योजना के अंतर्गत 5 लाख परिवारों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें से 3 लाख परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है. आगामी 3 महीने में बचे हुए परिवारों को भी दीदी बाड़ी योजना से जोड़ लिया जायेगा. संकुल संगठन की दीदियों को दीदी बाड़ी योजना के बारे में समझाते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना का एकमात्र उद्देश्य राज्य से कुपोषण को खत्म करना है. इस लक्ष्य की प्राप्ति सखी मंडल की महिलाओं के सहयोग के बिना मुमकिन नहीं है.

मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने भी महिलाओं से बात करते हुए दीदी बाड़ी योजना से संबंधित उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली और उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का निवारण किया जायेगा. झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी के सीईओ राजीव कुमार ने संकुल संगठन की पदाधिकारियों से बात करते हुए उनसे अपने क्लस्टर की सभी ग्रामीण महिलाओं को दीदी बाड़ी योजना से जोड़ने की बात की. साथ ही वर्तमान में सभी जिलों में योजना से संबंधित चल रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए दीदियों की हौसला भी बढ़ाया.

Posted By : Samir Ranjan.

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