रांची. पुरुलिया रोड स्थित संत मरिया महागिरजाघर में रविवार को व्हाइट संडे के तहत पहला परम प्रसाद ग्रहण संस्कार हुआ. 127 बालक-बालिकाओं ने परम प्रसाद संस्कार ग्रहण किया. इनमें 75 बालक और 52 बालिकाएं हैं. मुख्य अनुष्ठक सोसाइटी ऑफ जीसस के प्रोविंशियल फादर अजीत खेस थे. उन्होंने परम प्रसाद ग्रहण करनेवाले बालक-बालिकाओं को इसका महत्व बताया. फादर अजीत खेस ने कहा कि आप सभी सफेद वस्त्र में दूतों की तरह लग रहे है. कैथोलिक विश्वास में सात संस्कार हैं. इन सभी में परम प्रसाद संस्कार बहुत महत्वपूर्ण होता है. इस संस्कार का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके जरिए हम यीशु को ग्रहण करते हैं. फादर अजीत खेस ने कहा कि आज राजाओं का राजा, ईश्वर का पुत्र रोटी और दाखरस के रूप में आपके जीवन में आयेंगे. आपका नया जीवन शुरू हो रहा है. यह दिन आपके जन्मदिन से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है और इसे इसी रूप में देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि सिर्फ आज नहीं बल्कि हर साल इस दिन को खूबसूरत और यादगार बनायें. समारोह में पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो, फादर जॉर्ज मिंज आदि शामिल हुए.
ऑल सेंट्स चर्च में 73 बच्चों ने ग्रहण किया संस्कार
इधर, ऑल सेंट्स चर्च डोरंडा में 73 बच्चों ने परम प्रसाद ग्रहण किया. मुख्य अनुष्ठक फादर प्रफुल्ल बाड़ा ने कहा कि यह दिन बच्चों के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि इस संस्कार के जरिए यीशु के शरीर और रक्त को ग्रहण कर रहे हैं. यह परम प्रसाद ईश्वर द्वारा प्रदान आहार है, जो प्रेम, बलिदान और कृपा का प्रतीक है. भक्ति और विश्वास के साथ ग्रहण करने से ईश्वर के सात हमारा संबंध और भी गहरा होता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

