रांची. कोल इंडिया के जूनियर रैंक के अफसरों की वेतन वृद्धि की अनुशंसा की गयी है. अनुशंसा लागू होने पर कोल इंडिया के जूनियर रैंक के अफसरों को ओएनजीसी के अफसरों की तर्ज पर वेतन मिल पायेगा. इसके लिए कोल इंडिया ने कमेटी बनायी थी. कमेटी ने इ-1 से इ-7 रैंक तक के अफसर के वेतनमान में करीब 20 हजार रुपये की वृद्धि की अनुशंसा की है. इससे इंट्री ग्रेड में कोल इंडिया के अफसरों का वेतनमान 40,000-14,0000 से बढ़कर 60,000-180000 रुपये हो जायेगा. कमेटी ने इ-7 रैंक तक के अफसरों की भी वेतन वृद्धि की अनुशंसा की है. इ-7 रैंक के अफसरों का अभी वेतनमान 100000-260000 रुपये है. यह बढ़कर 120000-280000 लाख रुपये करने की अनुशंसा की गयी है. इ-8 रैंक से ऊपर के अधिकारियों के वेतनमान में किसी प्रकार की वेतन वृद्धि की अनुशंसा नहीं की गयी है.
कुछ अफसरों से अधिक हो गया है कर्मियों का वेतन
कोल इंडिया कर्मियों के अंतिम वेतन समझौते (जेबीसीसीआइ-11) के बाद कर्मियों का वेतन कुछ रैंक के अधिकारियों से अधिक हो गया है. इस पर अफसरों ने आपत्ति दर्ज करायी थी. कुछ अफसर जबलपुर हाइकोर्ट में चले गये थे. वहां से कोल इंडिया के अफसरों के वेतन के मामले में सुनवाई चल रही है. जबलपुर हाइकोर्ट ने ही कोल इंडिया को वेतन विसंगति दूर करने के लिए कमेटी बनाने को कहा था. कमेटी की अनुशंसा पर आगे सुनवाई होगी.सुविधा और वेतनमान में कई विसंगतियां हैं : एसोसिएशन
कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन की एपेक्स बॉडी के उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि मामला केवल वेतन वृद्धि का नहीं है. इसके अतिरिक्त भी कर्मियों और अफसरों को मिलने वाली सुविधा और वेतनमान में कई विसंगतियां हैं. इसके लिए एक एनामली कमेटी बनाने की बात है. यह कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक को बनाना है. यह अब तक नहीं बन पायी है. हम लोग कई बार आग्रह कर चुके हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

