समाज का हर वर्ग साइबर क्राइम से आतंकित, प्रभात खबर के ‘साइबर अपराध के खिलाफ जनांदोलन’ में बोलीं डीआइजी

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करतीं संध्या रानी मेहता और उपस्थित स्टूडेंट्स व अन्य लोग. फोटो : प्रभात खबर
Ranchi News : सीआइडी की डआइजी संध्या रानी मेहता ने कहा है कि समाज का हर वर्ग साइबर क्राइम से आतंकित है. डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में प्रभात खबर की ओर से आयोजित ‘साइबर अपराध के खिलाफ जनआंदोलन’ में और क्या-क्या बातें कहीं, पढ़ें.
Ranchi News : साइबर अपराध के खिलाफ ‘प्रभात खबर का जनआंदोलन’ जारी है. इस कड़ी में गुरुवार को रांची के मोरहाबादी स्थित डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के सभागार में यहां के छात्र-छात्राओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूक किया गया. इसमें झारखंड सीआइडी की साइबर टीम ने सहयोग किया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सीआइडी की डीआइजी संध्या रानी मेहता ने कहा कि समाज का हर वर्ग साइबर अपराध से आतंकित है. आज इंटरनेट और कंप्यूटर के बिना दुनिया की कल्पना भी मुश्किल है. इंटरनेट अपने आप में एक बड़ा टूल है. आप गूगल में सर्च कर रहे हैं, तो उसका भी फुटप्रिंट आप छोड़ रहे हैं. आप किसी सोशल साइट पर विवादित चीज नेट पर डालते हैं और उसको बाद में डिलीट कर देते हैं, तो जांच के दौरान उसे रिट्रीव किया जा सकता है. इसके टूल्स उपलब्ध हैं. इसलिए आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान रहें. सतर्क रहें. संवेदनशील रहें. तभी आप साइबर अपराध से बच सकते हैं.
मुफ्त के ऑफर के चक्कर में न पड़ें – डीआइजी
डीआइजी ने विद्यार्थियों से कहा कि इंटरनेट पर आपको कई तरह के लुभावने ऑफर मिलते हैं. मुफ्त में पैसे देने की बात कही जाती है. इससे बचें. फ्री में आपको पैसे देने वाला कोई नहीं है. जॉब, इंटरनेनमेंट आदि का लिंक डाउनलोड मत कीजिए. सेटिंग को डिस्क्लोज करने से बचें. मोबाइल की प्राइवेट पॉलिसी को हमेशा चेक करते रहिए. अगर आप किसी वजह से साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं, तो हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें. cybercrime.gov.in पर शिकायत जरूर करें, चाहे साइबर फ्रॉड छोटा ही क्यों न हो.
- सीआइडी की साइबर टीम का सहयोग, विशेषज्ञों ने दी अहम जानकारी
- आप गूगल में सर्च कर रहे हैं, तो उसका भी फुट प्रिंट आप छोड़ रहे हैं
- सोशल साइट पर विवादित पोस्ट को डिलीट करते हैं, तो उसे रिट्रीव कर सकते हैं
‘साइबर क्राइम से बचाव का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता’
डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर प्रोफेसर तपन कुमार शांडिल्य ने स्वागत भाषण दिया. कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है. इसके लिए ‘प्रभात खबर’ ने साइबर अपराध के खिलाफ जनआंदोलन शुरू किया है. नये आयामों के साथ अपराध की प्रकृति में बदलाव हुआ है. अपराधकर्मी तकनीकी तौर पर स्ट्रांग हुए हैं. इसी क्षमता का दुरुपयोग कर आमलोगों के साथ हर क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
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देश में बढ़ रहे हैं साइबर अपराध – डॉ तपन कुमार शांडिल्य
डॉक्टर प्रोफेसर तपन कुमार शांडिल्य ने कहा कि देश में साइबर अपराध बढ़ रहे हैं. अखबारों में साइबर क्राइम की खबरें दिखती हैं. पुलिस साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करती है, लेकिन जरूरत है, ऐसे अपराध पर रोक लगाने की. उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम के लिए इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम 2000 में वर्ष 2008 में संशोधन किया गया. इसमें डिजिटल लेन-देन को विधिक पहचान मिली. अपराध पर सजा का प्रावधान भी किया गया. उन्होंने कहा कि झारखंड का जामताड़ा और बिहार का नालंदा साइबर अपराध के लिए कुख्यात है. कुलपति ने यह भी साझा किया कि कैसे उनके रिटायर्ड पिता साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बच गये. उन्होंने कहा कि आये दिन उन्हें भी साइबर फ्रॉड फोन करते हैं, लेकिन सतर्कता के कारण वे उनके झांसे में नहीं आते.
कार्यक्रम में ये लोग भी हुए शामिल
कार्यक्रम का विषय प्रवेश प्रभात खबर के ब्यूरो चीफ आनंद मोहन ने कराया. इस दौरान डीएसपीएमयू के प्रॉक्टर डॉ राजेश कुमार सिंह, प्रोफसर आइएन साहू, प्रोफेसर जेपी शर्मा, प्रोफेसर पियूष बाला, हनी कुमारी, शुभ्रा लकड़ा व पुष्प कुमारी मौजूद थीं. मंच संचालन सहायक प्रोफसर अनुप्रिया कुमारी ने किया.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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