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इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर कपिल विनोद टोप्पो ने रांची में खोला झारखंडी व्यंजनों का कैफे

Updated at : 19 Aug 2024 9:44 AM (IST)
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आदिवासी उद्यमी विनोद टोप्पो.

Ranchi News: कपिल विनोद टोप्पो ने कुछ समय दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप में गुजारा. कई नौकरियां करने और छोड़ने के बाद इस स्टार्टअप की शुरुआत की.

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Ranchi News|रांची, प्रवीण मुंडा : इस साल गर्मियों के मौसम में जब सचिन तेंदुलकर एक कार्यक्रम के सिलसिले में रांची आये थे, तब उन्हें पहली बार झारखंड की आदिवासी खाद्य संस्कृति से रू-ब-रू होने का मौका मिला था. सचिन ने तब पत्तों के प्लेट में छिलका रोटी और डुंबू जैसे व्यंजनों का लुत्फ उठाया था.

सचिन तेंडुलकर और अंजली ने लिया मंडी एड़पा के व्यंजन का आनंद

सचिन और उनकी पत्नी अंजली को इन व्यंजनों का स्वाद काफी भाया था. तब ये व्यंजन आये थे ‘मंडी एड़पा’ से. मंडी एड़पा पारंपरिक झारखंडी व्यंजनों का एक नया स्टार्टअप है, पर यह नाम स्वाद के शौकीनों की जुबां पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

संत जेवियर्स और जमशेदपुर एनआइटी से की पढ़ाई

राजधानी रांची के करमटोली स्थित मंडी एड़पा और इसके एक अन्य विंग ‘कैफे डी आर्टे’ के संचालक हैं कपिल विनोद टोप्पो. संत जेवियर्स कॉलेज से प्लस टू करने के बाद कपिल ने जमशेदपुर एनआइटी से बीटेक किया. ‘प्रदान’ में एक साल तक काम किया. फिर मारुति सुजुकी के एक ज्वाइंट वेंचर में नौकरी की.

फ्लिपकार्ट और सिएट टायर में विनोद टोप्पो ने की नौकरी

फिर फ्लिपकार्ट और उसके बाद सिएट टायर में काम किया. कुछ समय दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप में गुजारा. कई नौकरियां करने और छोड़ने के बाद इस स्टार्टअप की शुरुआत की. कपिल कहते हैं मुझे खाना बनाना और खाना दोनों अच्छा लगता है, इसलिए इस काम को चुना.

मंडी एड़पा के मेन्यू में हैं केवल झारखंडी व्यंजन

अभी बरसात का मौसम है, तो इनके यहां आप रुगड़ा और खुखड़ी के व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं. इसके अलावा छिलका रोटी, दाल पीठा, मड़ुआ पीठा, डुंबू, ब्राउन राइस की बिरयानी, देशी चिकन, क्रैब, घूंघी, पत्तल चिकन, सुड़ी भात, मड़ुआ मोमो जैसे डिश उपलब्ध हैं. कुछ यूनिक टेस्ट करना है तो ‘डेमता’ लाल चींटी की चटनी भी ट्राई कर सकते हैं.

अपने व्यंजनों में कई प्रयोग भी किये

विनोद ने झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों को आज के दौर के व्यंजनों के तरीके से बनाने और परोसने का तरीका ईजाद किया है. इनके यहां काम करनेवालों में 80 प्रतिशत महिलाएं हैं. और इनका मंत्र है झारखंडी फूड को नये कलेवर में पेश करना वह भी हाइजीन के साथ. काम में क्या चुनौतियां रहीं? इस सवाल पर कहते हैं- वहीं, जो आमतौर पर किसी भी नये स्टार्टअप के साथ होती हैं. लोगों के बीच स्वीकार्यता का. घरवालों के विरोध का. पर अब ये अतीत की बातें हो चली हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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