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Ranchi News : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के आसपास लगने वाली मांस-मछली की दुकानें होगी बंद! एयरपोर्ट प्रबंधन ने नगर निगम को लिखा पत्र

Updated at : 18 Jun 2025 10:16 AM (IST)
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Birsa Munda Airport

Birsa Munda Airport

Ranchi News : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विमानों को बर्ड हिट से बचाने के लिए नगर निगम से एयरपोर्ट के 10 किमी के दायरे में खुले में चलने वाली मांस-मछली की दुकानों को बंद कराने का आग्रह किया गया है. साथ ही आसपास के विभिन्न मुहल्लों में खुले नालों को ढंकने को कहा गया है.

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Ranchi News : राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विमानों को बर्ड हिट से बचाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने नगर निगम को एक पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से एयरपोर्ट के 10 किमी के दायरे में खुले में चलने वाली मांस-मछली की दुकानों को बंद कराने का आग्रह किया गया है. साथ ही आसपास के विभिन्न मुहल्लों में बड़े-बड़े नाले, डोरंडा के दर्जी मुहल्ला में कठपुल में बहते गंदे पानी को पूरी तरह से ढकने को भी कहा गया है. पत्र में कहा गया है कि मांस-मछली के अवशेष व नाले में भोजन की तलाश में पक्षी मंडराते रहते हैं. इससे बर्ड हिट की आशंका हमेशा बनी रहती है.

इंडिगो फ्लाइट से टकराया था एक पक्षी

मालूम हो हाल ही में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भर रहे इंडिगो के पटना-रांची विमान से एक पक्षी टकरा गया था. हालांकि, पायलट की सूझबूझ के कारण 165 यात्रियों की जान बच गयी थी. इस संबंध में एयरपोर्ट निदेशक आरआर मौर्या ने कहा कि बर्ड हिट को लेकर प्रबंधन गंभीर है. एयरपोर्ट प्रबंधन अपने स्तर पर सभी तकनीक का उपयोग कर रहा है, लेकिन एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के मंडराने से खतरा बढ़ जाता है. इसके लिए नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है.

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यहां रोजाना लगती है मांस-मछली की कई दुकानें

एयरपोर्ट के आसपास प्रतिदिन खुले में मांस-मछली की कई दुकानें लगायी जाती है. हिनू में इपीएफओ के पास बाजार में, हिनू चौक, बिरसा चौक, एचइसी चेकपोस्ट के पास, स्टेशन रोड, पुराना विधानसभा के पास, सेक्टर-2 मार्केट, डोरंडा बाजार, डोरंडा पोस्ट ऑफिस के पास, हेथू, चंदाघासी, सिंहमोड़, लटमा रोड आदि जगहों पर खुलने में मांस-मछली की बिक्री की जाती है.

बर्ड हिट रोकने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले तकनीक

  • पक्षी रडार : ये रडार सिस्टम हवाई अड्डे के आसपास पक्षियों की गतिविधि का पता लगाते हैं और उन्हें ट्रैक करते हैं, जिससे हवाई यातायात नियंत्रकों को पक्षियों के टकराने के खतरे के बारे में पता चल जाता है.
  • साउंड सिस्टम: पक्षियों को डराने के लिए जोर-जोर से आवाजें या पक्षियों के शिकारियों की आवाजें निकालते हैं.
  • घास की कटाई: हवाई अड्डे के अंदर घास को नियमित रूप से काटई. क्योंकि यह पक्षियों के लिए भोजन का स्रोत होता है.
  • पटाखे फोड़ना : विमान के लैंडिंग व टेकऑफ के समय पक्षियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़े जाते हैं.
  • शॉट गन: पक्षियों को भगाने के लिए शॉटगन का उपयोग किया जाता है.
  • रनवे मॉनिटरिंग : रनवे पर टेकऑफ और लैंडिंग के समय विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि पक्षी के टकराने की संभावना को कम किया जा सके.

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Dipali Kumari

लेखक के बारे में

By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

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