रांची नगर निगम ने पांच साल में खरीदे 11.50 करोड़ रुपये से अधिक के वाहन, ज्यादातर बन हो गए कबाड़

रांची नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से राजधानी की जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये बर्बाद हो रहे हैं. मुद्दा कचरा उठानेवाली गाड़ियों से जुड़ा है. कचरा उठानेवाले करीब 65 वाहन फिलहाल बकरी बाजार, नागाबाबा खटाल और हरमू रोड स्थित नगर निगम के स्टोर में खड़े-खड़े कबाड़ हो रहे हैं.
रांची नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से राजधानी की जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये बर्बाद हो रहे हैं. मुद्दा कचरा उठानेवाली गाड़ियों से जुड़ा है. कचरा उठानेवाले करीब 65 वाहन फिलहाल बकरी बाजार, नागाबाबा खटाल और हरमू रोड स्थित नगर निगम के स्टोर में खड़े-खड़े कबाड़ हो रहे हैं. इनकी कीमत करीब सात करोड़ रुपये है. इन वाहनों की मरम्मत कराने के बजाय नगर निगम भाड़े के वाहनों से कचरा उठवा रहा है और बदले में हर महीने करीब 52 लाख रुपये चुकाये जा रहे हैं.
500 से अधिक गाड़ियां उठाती हैं कचड़ा
रांची नगर निगम पर रोजाना राजधानी के 2.25 लाख घरों से कचरा उठाने का जिम्मा है. इस काम में 500 से अधिक वाहन लगाये जाते हैं, जिनमें निगम के अपने टाटा एस व कॉम्पैक्टर (शहर में लगे डस्टबीन से कुड़ा उठानेवाला वाहन) के अलावा भाड़े के ट्रैक्टर, हाइवा, जेसीबी और पोकलेन शामिल हैं. नगर निगम ही इस बात की पुष्टि कर रहा है कि उसने कचरा उठानेवाले वाहनों की खरीद के लिए पांच साल में ही लगभग 11.50 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर दिये हैं. नये वाहनों की खरीद और भाड़े पर वाहन लेने का यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा, जब तक नगर निगम अपने खराब पड़े वाहनों की मरम्मत पर ध्यान नहीं देगा. बताया जाता है कि एक बार कोई वाहन छोटी-मोटी खराबी के कारण ब्रेक डाउन होता है, तो फिर महीनों तक उसकी मरम्मत नहीं करायी जाती है. कई बार तो लंबे समय तक मरम्मत नहीं होने से वाहन खड़े-खड़े कबाड़ हो जाता है.
पांच साल में खरीदे गये वाहन
वाहन लागत
40 टाटा एस दो करोड़ रुपये
नौ फॉगिंग वाहन 2.70 करोड़ रुपये
चार एंटी स्मॉग गन 1.60 करोड़ रुपये
15 कॉम्पैक्टर 4.50 करोड़ रुपये
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भाड़े पर लिये गये वाहन
वाहन किराया प्रति माह
190 ट्रैक्टर 20 हजार प्रति वाहन
आठ जेसीबी 75 हजार प्रति वाहन
दो पोकलेन 1.5 लाख प्रति वाहन
पांच हाइवा एक लाख प्रति वाहन
नोट : आंकड़े रुपये में
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By Prabhat Khabar News Desk
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