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Ranchi crime news : रांची के सीओ 37 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, घर से 11.42 लाख नकद बरामद

Updated at : 03 Jan 2025 12:29 AM (IST)
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Ranchi crime news : रांची के सीओ 37 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, घर से 11.42 लाख नकद बरामद

एसीबी की टीम ने शहर अंचल अधिकारी मुंशी राम को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने उनकी निशानदेही पर मोरहाबादी स्थित पुष्पांजलि अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में छापेमारी की. यहां से तलाशी के दौरान एसीबी ने 11.42 लाख रुपये बरामद किये हैं.

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रांची. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शहर अंचल अधिकारी मुंशी राम को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने उनकी निशानदेही पर मोरहाबादी स्थित पुष्पांजलि अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में छापेमारी की. यहां से तलाशी के दौरान एसीबी ने 11.42 लाख रुपये बरामद किये हैं. उन्होंने रिश्वत के रुपये जमीन का सीमांकन करने के एवज में लिये थे. यह जानकारी गुरुवार को एसीबी में आयोजित प्रेस वार्ता में डीजीपी सह एसीबी के डीजी अनुराग गुप्ता ने दी.

जमीन का सीमांकन करने के एवज में मांगी थी 50 हजार रुपये की रिश्वत

उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के पत्नी की नाम पर तीन कट्ठा आठ छटांक जमीन चुटिया के सिरमटोली मौजा स्थित सरदार गली भट्ठी टोली में है. शिकायतकर्ता की ओर से जमीन की मापी के लिए वर्ष 2023 में शिकायतवाद दायर किया गया था. इसमें एसडीओ ने 31 मार्च को शहर अंचल अधिकारी को उक्त जमीन का सीमांकन कराकर समस्या समाधान करने का आदेश दिया था. अंचल अधिकारी ने जमीन के कागजात देखने के बाद सीमांकन फीस जमा करने का आदेश दिया था. इसके बाद शिकायतकर्ता ने पहली बार 12 दिसंबर 2023 को सरकारी फीस जमा की थी. लेकिन अंचल अधिकारी द्वारा सीमांकन नहीं किया गया. इस पर शिकायतकर्ता ने दोबारा उसी जमीन के सीमांकन के लिए 11 जून 2024 को फीस जमा की. इस तरह एक ही जमीन का सीमांकन कराने के लिए शिकायतकर्ता ने दो बार सरकारी फीस जमा की. इसके बाद शहर अंचल अधिकारी मुंशी राम ने शिकायतकर्ता को फोन कर 27 दिसंबर को सिरमटोली चौक बुलाया और जमीन का सीमांकन करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की. हालांकि, बाद में वह 37 हजार लेकर काम करने को तैयार हो गये. शिकायतकर्ता रिश्वत देकर काम नहीं कराना चाहते थे. इस कारण उन्होंने इसकी शिकायत एसीबी से की. शिकायत के आधार पर एसीबी ने एक टीम गठित कर मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाया गया. इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ एसीबी में केस दर्ज किया गया. इसी केस के तहत गुरुवार को एसीबी की टीम ने शहर अंचल कार्यालय में छापेमारी कर मुंशी राम को 37 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. डीजीपी ने बताया कि हाल में मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है. उन्होंने अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसी के तहत एसीबी ने कार्रवाई शुरू की है.

मुंशी राम की पूरी संपत्ति की होगी जांच

डीजीपी ने बताया कि मुंशी राम और उनके परिवार द्वारा अर्जित पूरी संपत्ति की जांच होगी. अगर यह पाया जाता है कि उन्होंने अपने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है, तो उनके खिलाफ सरकार से अनुमति लेकर अलग से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में केस दर्ज किया . दर्ज केस के आधार पर आगे अनुसंधान कर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

सभी अंचल कार्यालयों में लगेगा एसीबी का नंबर

डीजीपी ने बताया कि राज्य के सभी अंचल कार्यालयों के बाहर अब एसीबी के मोबाइल नंबर बोर्ड पर लगाये जायेंगे. अगर आमलोगों से किसी कर्मी या अधिकारी द्वारा किसी काम के एवज में रिश्वत की मांग की जाती है, तो आमलोग उक्त नंबर पर इसकी शिकायत एसीबी से कर सकेंगे.

सीएम ने अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का दिया है निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 23 दिसंबर को हुई बैठक में आला अधिकारियों से कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है. उन्होंने कहा था कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी. मुख्यमंत्री ने कहा था कि अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें मिल रही हैं. जमीन की दाखिल-खारिज व डिजिटाइजेशन के नाम पर भी पैसे लेने की शिकायत मिली है. इसमें शामिल अधिकारियों, कर्मियों के साथ जमीन दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था. श्री सोरेन ने डीजीपी समेत अन्य वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया था कि एसीबी उड़नदस्ते का गठन कर लगातार अंचल व प्रखंड कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर छापामारी करें. उन्होंने कहा था कि जमीन दलालों द्वारा बड़े स्तर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये जमीनों की हेरा-फेरी की जा रही है. इससे जमीन से जुड़े विवाद तेजी से बढ़ रहे हैं. अगर समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह भविष्य में बड़ा खतरा बन सकता है. इसे रोकने की दिशा में सभी संभावित कदम उठाये जायें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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