ePaper

रांची में पुष्पेंद्र पाल सिंह की स्मृति में सभा सह परिचर्चा, बोले वक्ता- मीडिया पाठ्यक्रमों में बदलाव की जरूरत

Updated at : 14 May 2023 8:06 PM (IST)
विज्ञापन
रांची में पुष्पेंद्र पाल सिंह की स्मृति में सभा सह परिचर्चा, बोले वक्ता- मीडिया पाठ्यक्रमों में बदलाव की जरूरत

आज यह तय करने की जरूरत है कि क्या इन्फॉर्म करना है, कितना इन्फॉर्म करना है और क्या इन्फॉर्म नहीं करना है. उसी तरह क्या एजुकेट करना है, कितना एजुकेट करना है और क्या नहीं करना है, इसके भी मानक तय करने की जरूरत है.

विज्ञापन

बदलती परिस्थितियों में आज मीडिया पाठ्यक्रमों में बदलाव जरूरी हो गया है. समय की मांग है कि मीडिया के बुनियादी सिद्धांतों को फिर से परिभाषित किया जाये. यह बात रविवार को द रांची प्रेस क्लब में पुष्पेंद्र पाल सिंह ‘पीपी सर’ की स्मृति में आयोजित ‘मीडिया शिक्षण व मीडिया के मानकों की प्रासंगिकता’ पर आयोजित सभा सह परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार, लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता सचिन जैन ने ये बातें कहीं.

मीडिया की जिम्मेदारी एजुकेट, इन्फॉर्म और एंटरटेन करना भर नहीं : सचिन जैन

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल के अध्यापक रहे पुष्पेंद्र पाल सिंह (पीपी सर) की स्मृति में विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों और द रांची प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री जैन ने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी एजुकेट, इन्फॉर्म और एंटरटेन करना भर नहीं है. आज यह तय करने की जरूरत है कि क्या इन्फॉर्म करना है, कितना इन्फॉर्म करना है और क्या इन्फॉर्म नहीं करना है. उसी तरह क्या एजुकेट करना है, कितना एजुकेट करना है और क्या नहीं करना है, इसके भी मानक तय करने की जरूरत है.

आम लोगों को भी मीडिया के मानकों की जानकारी हो : संजय मिश्र

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सह रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि यह हमारी प्रत्यक्ष जिम्मेदारी है कि न सिर्फ पत्रकार, बल्कि आम आदमी को भी मीडिया के मानकों की जानकारी होनी चाहिए. आज जब बच्चे भी सोशल मीडिया पर लिखते हैं, शेयर करते हैं, तो उन्हें मानकों की जानकारी न होना घातक सिद्ध हो सकता है. कार्यक्रम में झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष देवव्रत सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में आज न सिर्फ कंटेंट के स्तर पर बल्कि भाषा और काम के वातावरण के स्तर पर भी मानक तय करना जरूरी हो गया है.

पत्रकारों को दी जानी चाहिए नागरिकशास्त्र की शिक्षा : विष्णु राजगढ़िया

वरिष्ठ पत्रकार सह एक्टिविस्ट विष्णु राजगढ़िया ने कहा कि सामान्य नागरिकशास्त्र की शिक्षा दी जानी चाहिए, ताकि देश के संवैधानिक मूल्यों की बुनियादी समझ विकसित हो सके. वरिष्ठ पत्रकार डॉ चंदन शर्मा ने कहा कि मीडिया के छात्रों को सभी प्रकार की विचारधाराओं को समझने का मौका देना चाहिए, ताकि उनमें संतुलन बनाने की क्षमता विकसित हो सके.

Also Read: रांची प्रेस क्लब रिजल्ट : प्रभात खबर के स्थानीय संपादक संजय मिश्र बने अध्यक्ष, जानें किस पद पर कौन बने विजेता

पुष्पेंद्र पाल सिंह पर वृत्तचित्र का प्रदर्शन

कार्यक्रम में मीडिया शिक्षक रश्मि वर्मा, कीर्ति सिंह ने भी अपने विचार रखे. संचालन वरिष्ठ पत्रकार एम अखलाक ने और धन्यवाद ज्ञापन रंजीत प्रसाद सिंह ने किया. कार्यक्रम के दौरान माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती विद्यार्थी प्रवीण कुमार, अभिषेक पोद्दार, रूपक दीवान, धर्मेंद्र कुमार, कौस्तुभ गुप्ता, संजीव कुमार, संजय सिंह आदि ने पुष्पेंद्र पाल सिंह से संबंधित यादों को साझा किया. वहीं, पुष्पेंद्र पाल सिंह पर वृत्तचित्र भी दिखाया गया.

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola