दस्तावेज में हेरफेर कर कंपनी को बनाया एल-1, दिया 10 के बदले 18 दिन का किराया

Updated at : 14 Jun 2024 12:55 AM (IST)
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दस्तावेज में हेरफेर कर कंपनी को बनाया एल-1, दिया 10 के बदले 18 दिन का किराया

रांची में बीते साल हुई ‘महिला एशियन हॉकी चैंपियनशिप’ के आयोजन के नाम पर सरकारी पैसों की जम कर लूट हुई है. रात्रि भोज (गाला डिनर) के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाने के अलावा यहां कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) के लिए टेंडर में भी हेरफेर की गयी.

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खेल संवाददाता (रांची):

रांची में बीते साल हुई ‘महिला एशियन हॉकी चैंपियनशिप’ के आयोजन के नाम पर सरकारी पैसों की जम कर लूट हुई है. रात्रि भोज (गाला डिनर) के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाने के अलावा यहां कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) के लिए टेंडर में भी हेरफेर की गयी. अजमानी इंफ्रास्ट्रक्चर को एल-1 घोषित करने के लिए दस्तावेज में हेरफेर की गयी. इसके लिए अजमानी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा कोट किये गये रेट को कम करने के लिए दशमलव को एक-दो अंक बायीं ओर बढ़ा कर उसे एल-1 घोषित कर दिया गया. मजे की बात यह है कि कंपनी ने 10 दिन के लिए सामग्री उपलब्ध कराने का टेंडर भरा था, लेकिन निदेशालय ने उसे 18 दिन के किराये का भुगतान किया. कंपनी ने टेंडर में जो रेट (58,92,866.90 रुपये) कोट किया था, निदेशालय ने उसका करीब डेढ़ गुना (90,73,734 रुपये) भुगतान किया. इतना ही नहीं, कंपनी ने जब टेंडर के लिए रेट कोट किया था, उस वक्त उसमें ‘इंक्लूसिव ऑफ जीएसटी’ लिखा था, लेकिन निदेशालय ने उसे बिल में अलग से 18 फीसदी जीएसटी जोड़ कर भुगतान किया. आयोजन को लेकर आवश्यक सामग्रियों को किराये पर उपलब्ध कराने के लिए खेल निदेशालय की ओर से इच्छुक प्रतिष्ठानों/फर्मों से निविदा (निविदा संख्या-14/2023-24, दिनांक 30/09/2023) आमंत्रित की गयी. निविदा प्रक्रिया में पांच प्रतिष्ठानों ने हिस्सा लिया. सात अक्तूबर को खेल निदेशक की अध्यक्षता वाली निविदा/क्रय समिति ने जांच के बाद अजमानी इंफ्रा को वर्क ऑर्डर एलॉट कर दिया. इसके लिए कमेटी ने टेंडर में हेरफेर किया और अजमानी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा कोट किये गये रेट में दशमलव लगा कर उसे एल-1 बना दिया. अजमानी इंफ्रास्ट्रक्चर ने 180 लीटर फ्रिज के लिए प्रति यूनिट 15000 रुपये रेट कोट किया था, जिसे टेंडर कमेटी ने दशमलव लगा कर 1500.0 रुपये कर दिया. ऐसे ही कमेटी ने 51 में से 44 वस्तुओं के रेट बदल डाले. चैंपियनशिप खत्म होने के बाद फर्म ने निदेशालय को जीएसटी समेत कुल 90,73,734 रुपये का बिल थमाया.

खेल मंत्री ने विभागीय सचिव को लिखा पीत पत्र :

खेल मंत्री हफीजुल हसन ने विभागीय सचिव मनोज कुमार को पीत पत्र लिख कर पूरे मामले की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने का निर्देश दिया है. संभवत: शुक्रवार को समिति गठित कर दी जायेगी. इधर, इस संबंध में खेल निदेशक सुशांत गौरव का कहना है कि पूरा टूर्नामेंट नियमों के दायरे में हुआ है. सभी खर्च टेंडर के अप्रूव्ड रेट पर ही किये गये हैं. हालांकि, जो छोटी-छोटी चूक हुई है, उसकी जांच के लिए हमने कमेटी भी बनायी है. जो भी दोषी पाया जायेगा, उस पर कार्रवाई होगी. वहीं, अजमानी इंफ्रा के जीएम संजीव कुमार का कहना है कि हमारी एजेंसी ने सरकारी प्रक्रिया और नेशनलाइज्ड टेंडर नॉर्म्स का पालन करते हुए कार्य किया है. हमने न्यूमतम दर पर काम किया है. सरकार जिस भी एजेंसी से इसकी जांच कराना चाहे, उसका स्वागत है.

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