गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 02 Jun 2024 12:02 AM
पुरुष, महिलाएं व बच्चे भी पानी ढोने को विवश, नदी में चुआं खोदकर पानी लाती हैं महिलाएं
प्रतिनिधि, खलारी प्रखंड के अधिकांश गांव, टोलाें व मुहल्लाें में पेयजल का भीषण संकट है. हालात ये हैं कि अब ग्रामीणों को पानी की खोज में भटकना पड़ रहा है. पानी को लेकर सरकारी दावे व वादे अब पूरी तरह से फेल होते दिख रहे हैं. कोयलांचल में गर्मी के दिन सबसे कठिन और मुश्किल भरे होते हैं. ऐसे में पारा जब 40 डिग्री पार करता है तो कोयलांचल तपने लगता है. पानी के स्रोत सूख जाते हैं. दर्जनों गांवों में आज लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं. प्रखंड के बलथरवा, हुटाप, नारायण धौड़ा, खलारी, एसीसी कॉलोनी, महावीर नगर, गुलजारबाग, जी टाइप करजंतोरा, मोहननगर, पियारटांड़, करकट्टा, मचवाटांड़, लंबा धौड़ा, चदरा धौड़ा, मोहननगर, चूरी, बमने, राय आदि क्षेत्रों में पानी का घोर किल्लत है. गावों में लगा जलमीनार खराब हो गया है. चापानल पानी देना बंद कर दिये हैं. कई गांव के ग्रामीण रोजाना पानी की तलाश में एक गांव से दूसरे गांव में भटकते हैं. पानी के लिए केवल पुरुष, महिलाएं और बच्चे सुबह से ही निकल जाते हैं. किसानों के लिए मवेशियों को पानी देना मुश्किल हो गया है. कई किलोमीटर से दूर से पानी लाती हैं महिलाएं : खलारी के सुदूर गांव की महिलाओं के लिए सबसे बड़ा टास्क पानी लाना है. जहां घर के पुरुष या तो शहरों में रहकर मजदूरी करते हैं, या फिर रोजी की तलाश में सुबह-सुबह घर से निकल जाते हैं. ऐसे में पानी भरने और घर चलाने की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं की होती है. वहीं, सुबह, शाम, दोपहर जब भी मौका मिलता है, पानी भरने के लिए महिलाएं चल देती हैं. गांव के लगभग सभी कुएं सूख गये हैं. हैंडपंप खराब हैं. नदी व तालाबों में पानी नहीं है. गांवों में पानी के लिए चुआं है सहारा : नदी के आसपास बसे ग्रामीणों काे चुआं ही सहारा बना हुआ है. बलथरवा निवासी छोटू पाहन, हुटाप निवासी रमेश लोहरा, पियारटांड़ के कुलदीप मुंडा व गुड्डू मुंडा ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में पानी की विकट समस्या है. गांव की महिलाएं नदी में चुआं बनाकर पानी लाती है. उसी पानी से पीने से लेकर खाना बनाने सहित सभी काम करने होते हैं. बताया कि जिस तरह गर्मी पड़ रही है अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो चुआं भी सूख जायेगा. क्या कहते हैं पीएचइडी अभियंता : पीएचइडी के अभियंता दीपांकर ने बताया कि पानी की समस्या तो है. लेकिन वाटर सप्लाई के जरिये हम समस्या से लड़ रहे हैं. कहा कि कहीं भी शिकायत मिलती है तो हम तुरंत हैंड पंप आदि ठीक करवा देते हैं. गर्मी बहुत ज्यादा पड़ रही है. जिसके कारण जलस्रोत काफी नीचे चला गया है. जिसके कारण परेशानी हो रही है. बताया कि पेयजल विभाग की ओर से खलारी पानी समस्या के निजात के लिए प्रखंड में 1000 चापानल, जल नल 41, बुकबुका में बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत पंचायतों में पानी सप्लाई की जाती है. साथ ही प्रखंड से 136 सोलर जलमीनार लगाये गये हैं.
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