Live updates on COVID-19 : कोरोना वायरस के खिलाफ रांची में NDRF ने भी संभाला मोर्चा

NDRF spreading awareness to fight Coronavirus in Ranchi district of Jharkhand. बाढ़ (Flood) एवं भूकंप (EarthQuake) जैसी प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) में लोगों को राहत पहुंचाने में एनडीआरएफ (NDRF) की अहम भूमिका होती है. दुनिया भर में आतंक मचा देने वाली Coronavirus के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर एनडीआरएफ ने मानवता की मिसाल पेश की है. कोरोना वायरस (Coronavirus) से दुनिया भर में एक लाख से ज्यादा लोग पीड़ित हैं और करीब 3,500 लोगों की मौत हो चुकी है.
रांची : दुनिया भर के डॉक्टरों के लिए अबूझ पहेली बन चुके कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ झारखंड में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने मोर्चा संभाल लिया है. एनडीआरएफ की टीम प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर रही है. एनडीआरएफ के कमांडेंट के निर्देश पर एक टीम ने राजधानी रांची के हटिया रेलवे स्टेशन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया.
इस दौरान लोगों को कोरोना वायरस से बचाव एवं इसकी रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक किया गया. एनडीआरएफ टीम के निरीक्षक मोहम्मद कलामुद्दीन की अगुवाई में हुई कार्यशाला में लोगों को कोरोना वायरस के लक्षण और इससे बचाव के बारे में बताया गया. बताया गया कि इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं.
टीम ने कार्यशाला में मौजूद लोगों को बताया कि सर्दी-खांसी के साथ सांस लेने में थोड़ी तकलीफ हो या नाक बहने लगे, तो यह न मान बैठें कि आप कोरोना वायरस से पीड़ित हैं. कोरोना परिवार के कुछ वायरस जैसे सार्स (सिवियर एक्यूट रेसपिरेटरी सिंड्रोम) और मर्स (मिडल ईस्ट रेसपिरेटरी सिंड्रोम) बेहद खतरनाक होते हैं.
उन्होंने बताया कि चीन के वुहान से शुरू हुई इस महामारी के लिए जिम्मेदार विषाणु को नॉवेल कोरोना वायरस या COVID19 नाम दिया गया है. कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में इसकी शुरुआत बुखार से होती है. फिर सूखी खांसी का हमला होता है. हफ्ते भर तक ऐसी ही स्थिति रहे, तो सांस की तकलीफ भी शुरू हो जाती है.
मोहम्मद कलामुद्दीन ने कहा कि गंभीर मामलों में यह संक्रमण निमोनिया या सार्स बन जाता है. किडनी फेल होने की स्थिति बन जाती है और मरीज की मौत भी हो जाती है. उन्होंने कहा कि कोरोना के ज्यादातर मरीज उम्रदराज लोग हैं, खासकर वे, जो पहले से ही पार्किंसन या डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे हों.
मोहम्मद कलीमुद्दीन ने कोरोना से बचाव के उपाय भी बताये. उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने प्रभावित इलाके के लोगों को सामान्य एहतियात बरतने की सलाह दी है, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके. इन उपायों में हाथ को साफ रखना, मास्क पहनना और खान-पान की सलाह शामिल है.
सांसों की किसी तकलीफ से संक्रमित मरीजों के करीब जाने से लोगों को बचने की सलाह भी दी गयी है. कहा गया है कि नियमित रूप से हाथ को साफ करते रहें, खासकर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के फौरन बाद. पालतू या जंगली जानवरों से भी दूर रहने की सलाह दी गयी है. कहा गया है कि कच्चा या अधपका मांस का सेवन न करें.
मोहम्मद कलीमुद्दीन ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को छींकते समय अपने मुंह पर रुमाल जरूर रखना चाहिए, नहीं तो सामने वाला भी इससे संक्रमित हो सकता है. सामने वाले को भी ऐसी सूरत में अपनी सुरक्षा करनी चाहिए. ऐसी स्थिति में नाक पर कपड़ा या टिशू पेपर रखें, सामने खड़े व्यक्ति से फासला बनाकर रखें. स्वच्छता पर ध्यान दें. विश्व स्वास्थ्य संगठन को ऐसे कई साक्ष्य मिले हैं, जिनमें रोगी के पास रहने वाले लोगों के भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.
यहां बताना प्रासंगिक होगा कि देश में बाढ़ एवं भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा में लोगों को राहत पहुंचाने में एनडीआरएफ की अहम भूमिका होती है. दुनिया भर में आतंक मचा देने वाली इस बीमारी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर एनडीआरएफ ने मानवता की मिसाल पेश की है. कोरोना वायरस से दुनिया भर में एक लाख से ज्यादा लोग पीड़ित हैं और करीब 3,500 लोगों की मौत हो चुकी है. झारखंड में कई संदिग्ध को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन किसी में यह जानलेवा वायरस नहीं मिला.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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