ePaper

पेसा पर विधायक डॉ रामेश्वर ने उठाये सवाल

Updated at : 08 Jan 2026 12:55 AM (IST)
विज्ञापन
पेसा पर विधायक डॉ रामेश्वर ने उठाये सवाल

. प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने बुधवार को राजधानी में पार्टी की बड़ी बैठक रखी थी. इसमें राज्य सरकार द्वारा लागू पेसा नियमावली पर ही सवाल उठ गया.

विज्ञापन

रांची. प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने बुधवार को राजधानी में पार्टी की बड़ी बैठक रखी थी. इसमें राज्य सरकार द्वारा लागू पेसा नियमावली पर ही सवाल उठ गया. कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने बैठक में ही प्रभारी से कहा : मैं समाज के लोगों के साथ खड़ा हूं. किसी बंधन में नहीं बंधा हूं. नौकरी नहीं कर रहा हूं. पेसा नियमावली में कस्टमरी लॉ का पालन नहीं किया जा रहा है. डॉ उरांव ने कहा कि पेसा कानून में गलती हुई है. कोई कोर्ट जायेगा, तो मैं भी साथ हूं.

नियम का पालन नहीं किया गया

इस संबंध में डॉ उरांव से प्रभात खबर ने जानना चाहा, तो उन्होंने कहा कि बैठक में हमने अपनी बात रखी थी. पेसा कानून लागू किया गया, अच्छी बात है. लेकिन इसके नियम का पालन नहीं किया गया है. पेसा कानून के मूल में तीन बातें हैं. पहला कस्टमरी लॉ, दूसरा सोशल व रिलीजियस प्रैक्टिस का संरक्षण और तीसरा ट्रेडिशन ऑफ लैंड एंड रिसोर्स. तीसरे के बारे में चर्चा है, लेकिन पहले और दूसरे का पालन नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि हमने कोई विरोध नहीं किया है. प्रभारी से सुधार करने के लिए कहा है. हमें उम्मीद है कि इसमें सुधार होगा.

आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा हुई

बुधवार को कांग्रेस की बैठक में एसआइआर, पेसा नियमावली और नगर निकाय चुनाव को लेकर सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से राय ली जा रही थी. बैठक में एसआइआर के विरोध में आंदोलन करने की रूपरेखा पर चर्चा हुई. वहीं कांग्रेस नेताओं ने पेसा कानून लागू करने पर हर्ष जताया. इसे गठबंधन की बड़ी उपलब्धि बताया. इसे लेकर जन-जन तक जाने की बात हुई. पेसा कानून को लेकर ग्रामसभा को जागरूक और मजबूत करने पर नेताओं ने अपनी बातें रखीं. प्रभारी श्री राजू ने निर्देश दिया कि सभी ग्राम पंचायत समितियों के 12 सदस्यों को सम्मानित करना है. उन्होंने कहा कि अगले दो सप्ताह में बचे हुए बीएलए की नियुक्ति हो जानी चाहिए. उत्तर प्रदेश में 2.79 करोड़ वोटर के नाम हटाये गये हैं. एक करोड़ मतदाताओं से दादा और पिता का जन्म प्रमाण पत्र मांगा गया, यह संभव नहीं है. जहां-जहां विधानसभा, लोकसभा में हमारे उम्मीदवार रहे, उन्हें अविलंब बीएलए की नियुक्ति करनी होगी. जिससे कि एसआइआर में मतदाताओं का नाम ना कटे. मनरेगा बचाओ संग्राम का मूल उद्देश्य मनरेगा कानून को वापस लाना है. इस संग्राम में मुख्य भूमिका पंचायत समिति की होगी.

कमलेश बोले : पेसा के खिलाफ बातें फैलायी जा रही हैं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश ने बैठक में कहा कि झारखंड में लागू पेसा नियमावली के खिलाफ जो बातें फैलायी जा रही हैं, उसके प्रति लोगों को जागरूक करना है. अगले एक माह के अंदर झारखंड में एसआइआर होने वाला है. सभी बीएलए की नियुक्ति कर उसकी पावती रसीद प्रदेश कांग्रेस के कनेक्ट सेंटर में जमा करनी है. मनरेगा को लेकर आम लोगों के बीच जाना है. गांधी जी का नाम मिटाने की कोशिश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से लोगों को अवगत कराना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PRABHAT GOPAL JHA

लेखक के बारे में

By PRABHAT GOPAL JHA

PRABHAT GOPAL JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola