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‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर रांची में हुआ मंथन, शामिल हुईं देश की ये बड़ी कंपनियां

Updated at : 05 Sep 2025 11:00 PM (IST)
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MECON-CIDC Conclave in Ranchi

कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथिगण.

MECON-CIDC Conclave in Ranchi: मेकॉन और सीआईडीसी की ओर से आयोजित एकदिवसीय ‘न्यू जैन पावर, इलेक्ट्रिकल एंड ऑटोमेशन सॉल्यूशंस फॉर मेटल एंड माइनिंग इंडस्ट्री - वेंडर इम्पावरमेंट कॉन्क्लेव’में वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने पर मंथन हुआ. विशेषज्ञों, एमएसएमई, स्टार्ट-अप्स, इंडस्ट्री के पेशेवरों, नीति निर्माताओं और शैक्षणिक जगत के लोगों ने धातु और खनन क्षेत्र में पावर, इलेक्ट्रिक एंड ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी के भविष्य पर चर्चा की.

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MECON-CIDC Conclave in Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची के मेकॉन कम्युनिटी हॉल में शुक्रवार को सीआईडीसी और मेकॉन ने संयुक्त रूप से ‘न्यू जैन पावर, इलेक्ट्रिकल एंड ऑटोमेशन सॉल्यूशंस फॉर मेटल एंड माइनिंग इंडस्ट्री – वेंडर इम्पावरमेंट कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया. कार्यक्रम में धातु और खनन क्षेत्र में पावर, इलेक्ट्रिक एंड ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी के भविष्य पर चर्चा के लिए प्रमुख विशेषज्ञों, एमएसएमई, स्टार्ट-अप्स, इंडस्ट्री के पेशेवरों, नीति निर्माताओं और शैक्षणिक जगत ने मंच साझा किया.

तकनीकी सत्रों में इन विषयों पर हुई चर्चा

  • धातु क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत, दीर्घकालिक विकास एवं कौशल विकास
  • स्वदेशी उद्योग एवं डिजिटल रूपांतरण
  • आत्मनिर्भर भारत : वेंडर विकास एवं क्षमता निर्माण, वोकल फॉर लोकल, विद्युत एवं स्वचालन में हरित तकनीक
  • पावर एवं स्वचालन में नवाचार
  • ‘विकसित भारत 2047’ के लिए गठजोड़, स्टार्ट-अप्स एवं रोडमैप

आत्मनिर्भर सप्लाई चेन बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल

विभिन्न सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप आत्मनिर्भर सप्लाइ चेन बनाने, स्थानीय नवाचार को बढ़ावा देने और हरित एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. नीतियों, प्रौद्योगिकी और वेंडर विकास को जोड़ते हुए एक सहयोगी औद्योगिक इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जतायी.

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उद्योग और वेंडर की साझेदारी सुदढ़ करना जरूरी

विशेषज्ञों ने कहा कि उद्योग और वेंडर की साझेदारी को और सुदृढ़ किये जाने की जरूरत है. एमएसएमई के लिए क्षमता निर्माण किया जाये और वैश्विक मानकों के साथ तालमेल बढ़ाया जाये, ताकि भारत का औद्योगिक क्षेत्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके. वेंडर्स, प्रौद्योगिकीविदों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही. अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने तेजी से विकसित हो रहे धातु और खनन उद्योग में अवसर पर प्रकाश डाला.

कॉन्क्लेव में ये कंपनियां हुईं शामिल

  • एडवांस पावर कंट्रोल लिमिटेड
  • इनफिनाइट अपटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • जोस्ट इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड
  • एनआईडीईसी इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • वी-मार्क इंडिया लिमिटेड
  • लाइवलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स
  • आदर्श कंट्रोल एंड ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड
  • नेलुम्बो टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  • हिताची हाई-रेल पावर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड
  • बीसीएच
  • सी एंड एस

जेके झा समेत इन लोगों ने किया सम्मेलन का उद्घाटन

सम्मेलन का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि मेकॉन लिमिटेड के निदेशक (वाणिज्यिक) जेके झा, मुख्य अतिथि मेकॉन लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) पीके दीक्षित, मेकॉन लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (विद्युत) एवं आयोजन सचिव बिभाकर झा, सीआईडीसी के महानिदेशक डॉ पीआर स्वरूप, झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ डीके सिंह ने किया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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