Pics: गेंदा फूल की खेती ने कैसे बदल डाली झारखंड के गांव व व्यक्तियों की तकदीर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Updated at : 26 Dec 2022 1:36 PM (IST)
विज्ञापन
Pics: गेंदा फूल की खेती ने कैसे बदल डाली झारखंड के गांव व व्यक्तियों की तकदीर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

झारखंड की राजधानी रांची से सटे पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड पहले घोर उग्रवाद प्रभावित इलाका था. कई जगहों पर तो अवैध तरीके से अफीम की खेती होती थी

विज्ञापन
undefined

गेंदा का फूल न सिर्फ सुंदरता की लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता है बल्कि पूजा पाठ में भी इसका सबसे का सबसे ज्यादा उपयोग होता है. लेकिन क्या आपको पता है इसकी खेती आज कई किसानों के लिए वरदान साबित हुआ है. ये न सिर्फ आय का सबसे अच्छा जरिया है बल्कि इसमें बहुत ज्यादा लागत की जरूरत नहीं होती है. आज हम आपको इस कहानी के जरिये बताएंगे कैसे इसकी खेती से झारखंड के कई व्यक्तियों और गांव की तस्वीर बदल गयी.

undefined

झारखंड की राजधानी रांची से सटे पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड पहले घोर उग्रवाद प्रभावित इलाका था. कई जगहों पर तो अवैध तरीके से अफीम की खेती होती थी. लेकिन महिलाओं ने गेदा फूल‍ों की खेती शुरू की. इससे न सिर्फ अच्छी आमदनी हुई बल्कि कई लोगों को इससे रोजगार भी मिला.

undefined
रांची जिले में गेंदे के फूल की खूब हुई बिक्री

इस साल दीपावली के त्योहार में राजधानी रांची और आसपास के शहर और घर खूंटी के गेंदा फूल से गुलजार रहे. करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार केवल खूंटी जिला की महिलाओं ने किया. झारखंड में पहले बंगाल से गेंदा के फूल आते थे. अब गेंदा फूल के लिए बंगाल पर निर्भरता कम हुई है. फूल की खेती करके महिला किसान सशक्त हो रही हैं.

undefined
25 से 30 हजार रुपये की हुई कमाई

बता दें कि जनजातीय बहुल इस जिले में फूल उपजाने और उसे बाजार तक पहुंचाने वाली ज्यादातर महिलाएं ही हैं. इस वर्ष करीब 1,200 महिला किसानों ने फूल की खेती की थी. इन्होंने करीब 24 लाख गेंदा फूल की लरी तैयार की. थोक में 15 से 20 रुपये प्रति लड़ी के हिसाब से इसकी बिक्री हुई. एक-एक महिला किसान ने 25 से 30 हजार रुपये की कमाई इस सीजन में की.

undefined
30 डिसमिल में गेंदा फूल लगाया था नौरी ने

मुरहू प्रखंड के हेठगोवा गांव की नौरी हास्सा ने स्वयंसेवी संस्था प्रदान एवं जिला प्रशासन खूंटी के सहयोग से पहली बार परती पड़ी 30 डिसमिल जमीन पर गेंदा फूल की खेती की थी. एफपीओ के माध्यम से गेंदा फूल के पौधे मिल गये. तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान संस्था की प्रोफेशनल कविता बोदरा व उनके सहयोगियों ने दी. नौरी ने गेंदा फूल से 3,000 माला तैयार कर बाजार में भेजा. 15 से 20 रुपये की दर से थोक में माला बिकने पर उन्हें कम से कम 45,000 रुपये की कमाई हुई. खूंटी जिला में नौरा हास्सा पूर्ति जैसी लगभग 1,200 महिला किसान गेंदा फूल की खेती कर रही हैं.

undefined
सब्जी की खेती छोड़ शुरू की गेंदा फूल की खेती

पटमदा के कुमीर गांव निवासी युधिष्ठिर महतो ने प्रभात खबर बातचीत में बताया था कि वे पहले सब्जी की खेती करते थे, जिससे हमेशा नुकसान सहना पड़ता था. 12 वर्ष पूर्व उन्होंने सब्जी की खेती छोड़ गेंदा फूल की खेती शुरू की और अच्छी खासी आमदनी होने लगी, तो उन्होंने सब्जी की खेती छोड़ हमेशा के लिए फूल की खेती को अपना लिया. युधिष्ठिर ने बताया कि गेंदा फूल के साथ-साथ अब वे जवा फूल गोला डीलक्स, गुल्ला आदि की भी खेती करते हैं. पटमदा में सबसे पहले उन्होंने ही फूल की खेती शुरू की थी.

undefined
बुद्धि कुजूर गेंदा फूल की खेती से कर रही है अच्छी आमदनी

वहीं खूंटी जिले की बुद्धि कुजूर बतातीं हैं कि वो कुछ समय पहले तक वो अकेली किसान थीं, जो अपने क्षेत्र में गेंदा की फूल की खेती करती थीं. उन्होंने कहा कि माला बेचकर वह अच्छी आमदनी करतीं हैं. उनके मुताबिक फूलों की मांग सालोंभर रहती है. लेकिन त्योहार के सीजन में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है. बुद्धि कुजूर सिर्फ अकेली किसान नहीं है जो खूंटी जिले में गेंदा फूल की खेती करती है, उनके अलावे भी और कई ऐसे किसान है जो इसकी खेती करते हैं.

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola