Ranchi news : पूर्वजों के इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ें : पास्टर जोन टोप्पो

जीइएल चर्च के प्रथम व्यस्क बपतिस्मा के 175 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में क्राइस्ट चर्च में तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत
रांची. जीइएल चर्च के प्रथम व्यस्क बपतिस्मा के 175 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार से मेन रोड स्थित क्राइस्ट चर्च में तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत हुई. मुख्य अतिथि एजी चर्च के पास्टर जोन टोप्पो ने अपने संदेश में कहा कि हम आज अपने पुराने समय के दिनों को क्यों स्मरण कर रहे हैं? इसकी वजह है कि इतिहास से हमने क्या सीखा है. हमारे पूर्वजों ने जो काम किया था, क्या वह काम हम आज कर रहे हैं. उनकी सफलता- असफलता से हमें सीख मिलती है, आगे बढ़ने के लिए. पास्टर जोन ने पौलुस प्रेरित का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य था कि वह मसीह को प्राप्त करें. हमें आज आकलन करना है कि इतने वर्षों में हम कहां हैं? पूर्वजों ने जो बीज बोया है, उसे देखें तो आज भी कलीसिया की स्थिति बहुत संतोषजनक नहीं है. इस अवसर पर रेव्ह निरल बागे ने जीइएल चर्च का इतिहास बताया. उन्होंने कहा कि कैसे बर्मा में करेन जातियों के बीच प्रचार के लिए जानेवाले चार जर्मन मिशनरी छोटानागपुर पहुंचे. उनके प्रारंभिक दिन और कठिनाइयों को बताया. इसके बावजूद फादर गोस्सनर के मार्गदर्शन से उन्होंने छोटानागपुर में मसीहियत की बीज बोने में सफलता प्राप्त की. उन्होंने कहा कि प्रथम व्यस्क बपतिस्मा के 175 साल पूरे होने पर आज कलीसिया में बपतिस्मा प्राप्त लोगों की संख्या 201607 है. चर्च के मंडलियों की संख्या 1992 है, जो झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, अंडमान और निकोबार, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में फैली है. कार्यक्रम में बिशप सीमांत तिर्की, रेव्ह अनूप जॉली भेंगरा, अटल खेस सहित बड़ी संख्या में विश्वासी उपस्थित थे.
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