राजधानी रांची में सड़क निर्माण के लिए नहीं मिल रही जमीन, जानें कहां फंसा है पेंच
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 13 Oct 2023 1:15 PM
राजधानी की सबसे बड़ी परियोजना में सिरमटोली फ्लाइ ओवर का काम चल रहा है. इसके लिए मुआवजा राशि का आकलन कर लिया गया है, लेकिन रैयतों को राशि नहीं मिली है
रांची : राजधानी में सड़क निर्माण के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है. इससे सड़क योजनाओं का काम प्रभावित है. जितनी जमीन की उपलब्धता है, उसी पर काम हो रहा है. वहीं जहां जमीन नहीं मिली है, वहां काम ठप है. तीन साल पहले की योजना की भी स्थिति यही है. हालांकि योजनाओं में भू-अर्जन के लिए पथ निर्माण विभाग ने राशि रांची जिला भेज दी है, लेकिन रैयतों को भुगतान नहीं हो रहा है. भुगतान नहीं होने के कारण रैयत भी जमीन पर काम करने नहीं देना चाह रहे हैं. राजधानी की सबसे बड़ी परियोजना में सिरमटोली फ्लाइ ओवर का काम चल रहा है. इसके लिए मुआवजा राशि का आकलन कर लिया गया है, लेकिन रैयतों को राशि नहीं मिली है, इस कारण सिरमटोली के आगे सर्विस लेन और निवारणपुर में पिलर के काम में अड़चनें आ रही है.
अरगोड़ा से कटहल मोड़
अरगोड़ा से कटहल मोड़ का भी हल नहीं निकला. पांच साल पहले भी भू-अर्जन नहीं होने के कारण परियोजना लटक गयी थी. इस बार फिर चौड़ीकरण की योजना ली गयी है. मुआवजा राशि दे दी गयी है, पर जमीन नहीं मिली है.
हेहल होते हुए पिपरटोली सड़क
एनएच-23 के इटकी रोड से हेहल होते हुए पिपरटोली सड़क भी रैयतों को मुआवजा नहीं मिलने के कारण अधूरी रह गयी. दो-तीन जगह सड़कें संकीर्ण रह गयीं़
बड़गाईं-लेम-बोड़ेया सड़क
इस परियोजना के लिए भी राशि दे दी गयी है, पर पूरी जमीन नहीं मिल सकी है. वहीं इनर रोड का एक पार्ट कांके रोड से पंडरा के बीच भी मुआवजा राशि दे दी गयी है, पर इसके लिए अब तक जमीन नहीं मिली है. प्रक्रिया धीमी है.
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रोड
इस सड़क का निर्माण वैकल्पिक फोरलेन के रूप में कराया जाना है. रिंग रोड कोचबांग से चंदाघासी, हेथू होते हुए एयरपोर्ट तक सड़क बननी है. एलाइनमेंट बदलने के साथ ही भू-अर्जन के कारण भी योजना प्रभावित है.
नामकुम से रामपुर तक फोरलेन
नामकुम से रामपुर तक फोर लेन सड़क का निर्माण कराना है. इसके लिए टेंडर भी हो चुका है. सारी प्रक्रियाएं होने के बाद भी पूरी तरह जमीन नहीं मिल सकी है.
सेंट्रल यूनिवर्सिटी सड़क
मनातू में सेंट्रल यूनिवर्सिटी सड़क का निर्माण लंबे समय से लटका है. इस बार पथ निर्माण विभाग ने योजना के लिए 34 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी. इसमें ज्यादातर राशि भू-अर्जन की है. राशि भू-अर्जन के लिए दे दी गयी है, फिर सड़क के लिए जमीन नहीं मिली है.
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एनएच-33 में विकास से रामपुर तक बन रही फोरलेन सड़क का काम धीमा है. कार्य की प्रगति तेज नहीं होने के कारण अक्तूबर माह में इसे चालू नहीं किया जा सकेगा. लोगों को सड़क चालू होने का अभी इंतजार करना होगा. पहले यह लक्ष्य रखा गया था कि बरसात समाप्त होने के बाद हर हाल में अक्तूबर के अंत तक सड़क के एक ओर के हिस्से को चालू कर दिया जाये. ताकि, वाहनों का परिचालन विकास से रामपुर के बीच हो सके. लेकिन, एनएचएआइ के इंजीनियरों ने निरीक्षण में पाया कि कार्य की प्रगति काफी धीमी है. अक्तूबर में इसे चालू नहीं किया जा सकता है. ऐसे में अब नवंबर अंत तक सड़क के एक हिस्से को चालू करने का लक्ष्य रखा जा रहा है. इस सड़क का काम मेसर्स रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन को दिया गया है. रांची-जमशेदपुर-महुलिया सड़क को चार सेक्शन में बांट कर निर्माण कराने का फैसला लिया गया था. चार में से दो सेक्शन का काम हो गया है, जबकि विकास से रामपुर तक पहला सेक्शन था. लेकिन, इसकी कार्य प्रगति काफी धीमी है. समय से काम पूरा नहीं होने के कारण रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी को तीन-तीन बार एक्सटेंशन दिया जा चुका है.
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