Kolkata Cash Case:49 लाख रुपये के साथ अरेस्ट झारखंड कांग्रेस के विधायकों के मामले की CBI जांच को लेकर PIL

Updated at : 10 Sep 2022 7:25 PM (IST)
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Kolkata Cash Case:49 लाख रुपये के साथ अरेस्ट झारखंड कांग्रेस के विधायकों के मामले की CBI जांच को लेकर PIL

Kolkata Cash Case: 29 जुलाई 2022 को इन तीनों विधायकों को हावड़ा के रानीहाट में एनएच-16 पर यात्रा करते हुए नाकेबंदी कर 49 लाख रुपये से भरे बैग के साथ पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने को लेकर झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है.

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Kolkata Cash Case: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में लगभग 49 लाख रुपये के साथ पकड़े गये झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों के मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गयी है. पूरे मामले की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच की मांग की गयी है. सीबीआई से जांच कराने को लेकर झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है. प्रार्थी पलामू निवासी मिथिलेश कुमार सिंह की ओर से अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने ये याचिका दायर की है. आपको बता दें कि कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप व नमन विक्सल कोंगाड़ी कैश के साथ पकड़े गए थे.

प्रार्थी ने केंद्रीय गृह सचिव, राज्य सरकार, मुख्य सचिव, गृह विभाग के प्रधान सचिव, सीबीआई निदेशक सहित अन्य को प्रतिवादी बनाया है. प्रार्थी ने 22 अगस्त को केंद्रीय मंत्रालय को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की थी. याचिका में प्रार्थी ने कहा है कि कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप व नमन विक्सल कोंगाडी के कैश कांड से झारखंड राज्य की बदनामी हुई है. ऐसा लगता है कि यह वर्तमान राज्य सरकार को परेशान करने के लिए किया जा रहा है.

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29 जुलाई 2022 को इन तीनों विधायकों को हावड़ा के रानीहाट में एनएच-16 पर यात्रा करते हुए नाकेबंदी कर 49 लाख रुपये से भरे बैग के साथ पश्चिम बंगाल की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल ने रांची के अरगोड़ा थाना में विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें हेमंत सोरेन सरकार को गिराने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया गया है. प्रार्थी ने यह भी कहा है कि यह मामला पश्चिम बंगाल, झारखंड व असम से जुड़ा हुआ लग रहा है. विभिन्न राज्यों से मामला संबंधित होने के कारण बंगाल पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती है. वैसी स्थिति में पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराना उचित होगा.

रिपोर्ट : राणा प्रताप, रांची

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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