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केंद्र पर आरोप लगाने से पहले झामुमो को देखनी चाहिए अपनी विफलता : भाजपा

Updated at : 08 Jul 2025 11:26 PM (IST)
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केंद्र पर आरोप लगाने से पहले झामुमो को देखनी चाहिए अपनी विफलता : भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो सरकार अपनी छह वर्षों की असफलता को छुपाने के लिए केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रही है.

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रांची. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झामुमो सरकार अपनी छह वर्षों की असफलता को छुपाने के लिए केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगा रही है. केंद्र सरकार ने झारखंड को 2024-25 के केंद्रीय बजट में रेलवे परियोजनाओं के लिए 9,853 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. इसमें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रांची, हटिया और अन्य स्टेशनों का आधुनिकीकरण शामिल है. खनन क्षेत्र में रॉयल्टी और जीएसटी के माध्यम से झारखंड को उसका उचित हिस्सा मिल रहा है. जल जीवन मिशन में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण झारखंड सरकार ने इस योजना को लूट की भेंट चढ़ा दी है. यह योजना अभी भी राष्ट्रीय औसत में सबसे नीचे है, जो शर्मनाक है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 10,000 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कें बनायी गयी हैं. केंद्र सरकार की डीएमएफटी योजना के तहत झारखंड को खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 2024 तक 12,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है. प्रतुल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2024-25 में मनरेगा के लिए 86,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें झारखंड को उसकी मांग के अनुसार राशि दी जा रही है. श्री शाहदेव ने कहा कि झामुमो को केंद्र पर आरोप लगाने से पहले अपनी सरकार की विफलताओं पर ध्यान देना चाहिए. वित्त मंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के तीन महीने बीत जाने के बाद भी अनेक विभागों में खर्च शून्य है, जिसमें कृषि जैसा महत्वपूर्ण विभाग शामिल है. कहा कि पूर्णिया की घटना अत्यंत दुखद है. बिहार सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है. बिहार पुलिस ने इस मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार बिहार में अपराध दर 2012-14 (यूपीए शासनकाल) की तुलना में 2024 में 30 प्रतिशत कम हुई है. वहीं झामुमो के शासनकाल में पिछले साढ़े पांच वर्षों में 8000 से ज्यादा बलात्कार की घटनाएं हुई हैं, जिसमें लगभग एक तिहाई घटनाओं में आदिवासी बेटियां शिकार हुई हैं. यह आंकड़ा अबुआ सरकार की पोल खोलने के लिए काफी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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