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झारखंड के अधिकतर हिस्से से मानसून लौटा, बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर का क्या होगा असर!

Updated at : 14 Oct 2024 7:11 AM (IST)
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Jharkhand Weather Today

Jharkhand Weather Today: खेरसेमा में सबसे अधिक 45.6 मिलीमीटर वर्षा इस दौरान रिकॉर्ड की गई. गुमला के बिशुनपुर में भी बहुत हल्की बारिश हुई.

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Jharkhand Weather Today: झारखंड के अधिकतर हिस्से से मानसून की वापसी हो चुकी है. वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन उठा है, जो निम्न दबाव में तब्दील हो रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी है.

बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया

मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात की वजह से लो प्रेशर एरिया बना है. इसका आंशिक असर झारखंड के मौसम पर पड़ सकता है. हालांकि, सोमवार (14 अक्टूबर) को आसमान साफ और मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 15 अक्टूबर को राज्य के दक्षिणी भाग में वर्षा होने की संभावना है.

झारखंड के दक्षिणी हिस्से में वर्षा की संभावना

रांची स्थित मौसम केंद्र के प्रमुख अभिषेक आनंद ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि सोमवार को आसमान में सामान्यत: बादल छाए रहेंगे. झारखंड के दक्षिणी हिस्से (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा जिले) में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है.

4 दिन तक अधिकतम तापमान में बदलाव की संभावना नहीं

अभिषेक आनंद ने साथ ही यह भी कहा कि अगले 4 दिन तक झारखंड के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान कहीं-कहीं बहुत हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई.

खेरसेमा में हुई सबसे अधिक 45.6 मिमी बारिश

मौसम विभाग ने बताया कि सरायकेला-खरसावां जिले के खेरसेमा में सबसे अधिक 45.6 मिलीमीटर वर्षा इस दौरान रिकॉर्ड की गई. गुमला के बिशुनपुर में भी बहुत हल्की बारिश हुई. यहां का वर्षापात 0.5 मिलीमीटर दर्ज किया गया.

झारखंड में देवघर का अधिकतम तापमान सबसे अधिक

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि बाबानगरी देवघर का अधिकतम तापमान झारखंड में सबसे अधिक रहा. देवघर में उच्चतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, राजधानी रांची के मौसम केंद्र में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जो 21 डिग्री रहा.

आंध्रप्रदेश के तटवर्ती इलाकों की ओर बढ़ेगा लो प्रेशर

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से और उससे सटे हिंद महासागर में उठे चक्रवात के असर से बंगाल की खाड़़ी के मध्य हिस्से में लो प्रेशर एरिया (निम्न दबाव का क्षेत्र) बना है. यह 48 घंटे बाद तमिलनाडु, पुडुचेरी और उससे सटे आंध्रप्रदेश के तटवर्ती क्षेत्र की ओर बढ़ जाएगा.

झारखंड के अधिकतर हिस्से से लौट गया मानसून

मौसम वैज्ञानिक ने यह भी बताया कि झारखंड के अधिकतर हिस्सों से मानसून की वापसी हो चुकी है. वहीं, बिहार से दक्षिणी-पश्चिमी पूरी तरह से विदा हो चुका है. छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, के अधिकतर हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा के अधिकतर भागों से मानसून की विदाई हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मौसम की नजर से झारखंड में कोई खास सिनॉप्टिक सिस्टम नहीं दिख रहा है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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