1. home Home
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. jharkhand sthapna diwas 2021 which people of raised the honor of the country 21 people have received padma shri award srn

झारखंड के किन लोगों ने बढ़ाया देश का मान, 21 लोगों को मिल चुका है पद्मश्री पुरस्कार

झारखंड के 21 लोगों को अब तक पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. राज्य में पहला पद्मश्री पुरस्कार डॉ परशुराम मिश्रा साइंस एंड इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दिया गया. इसके बाद से यह कारवां लगातार आगे बढ़ता है रहा.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand News: राज्य के 21 लोगों को अब तक मिल चुका है पद्मश्री पुरस्कार
Jharkhand News: राज्य के 21 लोगों को अब तक मिल चुका है पद्मश्री पुरस्कार
Prabhat Khabar

रांची : झारखंड में अब तक राज्य के 21 लोगों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. वर्ष 2000 में झारखंड की स्थापना के बाद पहला पद्मश्री सम्मान डॉ परशुराम मिश्रा को साइंस एंड इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दिया गया. इसके बाद से अब तक स्वास्थ्य, साइंस एंड इंजीनियरिंग और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में 01-01, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में 02, समाजसेवा के क्षेत्र में 04, कला के क्षेत्र में 09 और खेल के क्षेत्र में 03 को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री सम्मान मिला है.

इन्हें मिला है पद्मश्री सम्मान

डॉ परशुराम मिश्रा 2000 साइंस एंड इंजीनियरिंग

गुरु केदार नाथ साहू 2005 कला

पंडित गुरु श्यामा चरण पति 2006 कला

मंगला प्रसाद मोहंती 2008 कला

महेंद्र सिंह धौनी 2009 खेल

डॉ राम दयाल मुंडा 2010 कला

पंडित गोपाल प्रसाद दुबे 2012 कला

प्रेमलता अग्रवाल 2013 खेल

अशोक भगत 2015 समाजसेवा

दीपिका कुमारी 2016 खेल

सिमोन उरांव 2016 पर्यावरण संरक्षण

बलबीर दत्त 2017 साहित्य और शिक्षा

मुकुंद नायक 2017 कला

प्रो दिगंबर हांसदा 2018 साहित्य और शिक्षा

बुल्लू इमाम 2019 समाजसेवा

प्रो डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी 2019 स्वास्थ्य

जमुना टुडू 2019 समाजसेवा

गुरु शशधर आचार्य 2020 कला

मधु मंसूरी हंसमुख 2020 कला

छुटनी देवी 2021 समाजसेवा

श्रीलाल शुक्ल स्मृति साहित्य सम्मान पाने वाले रणेंद्र झारखंड के पहले साहित्यकार बने

मोरहाबादी स्थित ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीआरआइ) के निदेशक और कवि, कहानीकार, उपन्यासकार रणेंद्र कुमार को वर्ष 2020 में श्रीलाल शुक्ल स्मृति साहित्य सम्मान से नवाजा गया. उन्हें यह सम्मान आदिवासी जीवन पर लगातार लिखने की वजह से मिला. सम्मान समारोह का आयोजन 31 जनवरी को दिल्ली में हुआ था. सम्मान के रूप में उन्हें प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र और 11 लाख रुपये का चेक दिया गया. रणेंद्र यह पुरस्कार पाने वाले झारखंड के पहले साहित्यकार बने.

Posted by : Sameer Oraon

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें