निजी स्कूलों के फीस बढ़ोतरी के मामले में जल्द फैसला करेगी झारखंड सरकार, विधि विभाग से मांगी राय

Updated at : 09 Jun 2021 9:33 AM (IST)
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निजी स्कूलों के फीस बढ़ोतरी के मामले में जल्द फैसला करेगी झारखंड सरकार, विधि विभाग से मांगी राय

इसे लेकर स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने लॉकडाउन में बंद स्कूलों की फीस को लेकर विधि विभाग से राय मांगी है. विधि विभाग की राय के अनुसार निजी स्कूलों की फीस पर कोई निर्णय लिया जायेगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा विधि विभाग को भेजे गये प्रस्ताव में पिछले वर्ष फीस को लेकर राज्य सरकार द्वारा दिये गये निर्देश एवं स्कूलों द्वारा इसको लेकर हाइकोर्ट में दायर की गयी याचिका व सुप्रीम कोर्ट के इस संबंध में दिये गये फैसले की भी जानकारी दी गयी है.

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Jharkhand School Fees Hike Latest News 2021 रांची : कोरोना संक्रमण को लेकर स्कूल बंद है. ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई हो रही है. पिछले साल सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश था कि बंद अवधि के दौरान सिर्फ शिक्षण शुल्क लेना है. वहीं इस बार सरकार की ओर से अब तक कोई निर्देश नहीं मिला है. स्कूल प्रबंधन इसका फायदा उठाते हुए शिक्षण शुल्क के साथ अन्य फीस भी बच्चों से लेने लगे. इसके अलावा शिक्षण शुल्क में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी भी कर दी है.

इसे लेकर स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने लॉकडाउन में बंद स्कूलों की फीस को लेकर विधि विभाग से राय मांगी है. विधि विभाग की राय के अनुसार निजी स्कूलों की फीस पर कोई निर्णय लिया जायेगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा विधि विभाग को भेजे गये प्रस्ताव में पिछले वर्ष फीस को लेकर राज्य सरकार द्वारा दिये गये निर्देश एवं स्कूलों द्वारा इसको लेकर हाइकोर्ट में दायर की गयी याचिका व सुप्रीम कोर्ट के इस संबंध में दिये गये फैसले की भी जानकारी दी गयी है.

ज्ञात हो कि राज्य में 17 मार्च 2020 से विद्यालय बंद हैं. इस दौरान हाइस्कूल व प्लस टू विद्यालयों का कक्षा संचालन दिसंबर में शुरू हुआ था. परंतु, कोविड-19 का संक्रमण बढ़ने के बाद पुन: अप्रैल में विद्यालय बंद कर दिया गया था. राज्य में विद्यालय फिलहाल अगले आदेश तक के लिए बंद हैं.

शुल्क को लेकर पिछले वर्ष दिया गया था आदेश :

स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा पिछले वर्ष निजी स्कूलों के शुल्क को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया गया था. विद्यालयों को मासिक आधार पर केवल शिक्षण शुल्क लेने को कहा गया था. इसके अलावा शुल्क में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं करने व अन्य किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेने का निर्देश स्कूलों को दिया गया था. विभाग का निर्देश नहीं मानने वाले विद्यालयों के मान्यता संबंधी एनओसी रद्द करने के लिए संबंधित बोर्ड को पत्र लिखने की बात कही गयी थी.

Posted By : Sameer Oraon

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