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Jharkhand Politics: बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बाबूलाल मरांडी-डॉ इरफान अंसारी आमने-सामने, मंत्री के बिगड़े बोले

Updated at : 13 Jul 2024 3:28 PM (IST)
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Dr Irfan Ansari and Babulal Marandi

Dr Irfan Ansari and Babulal Marandi

Jharkhand Politics: झारखंड के संताल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी और डॉ इरफान अंसारी आमने-सामने हैं. पढ़ें, क्या बयानबाजी हुई है.

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Jharkhand Politics: बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री इरफान अंसारी आमने-सामने आ गए. इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को चुनौती दी कि बाबूलाल एक भी बांग्लादेशी घुसपैठिया को दिखाएं. वहीं, बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकारी आंकड़े कह रहे हैं कि संताल परगना में आदिवासी घटे हैं.

प्रखंड कार्यालय में बाबूलाल मरांडी को देंगे डेटा ऑपरेटर की नौकरी

दुमका में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगली बार जब गठबंधन की सरकार बनेगी, तो उन्हें (मरांडी को) प्रखंड कार्यालय में डेटा ऑपरेटर क्लर्क की नौकरी देंगे. डॉ इरफान ने कहा कि बाबूलाल मरांडी हाल के दिनों में बांग्लादेशी घुसपैठ और संताल परगना में आदिवासियों की जनसंख्या को लेकर बहुत डेटा साझा कर रहे हैं. वह लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं.

बाबूलाल मरांडी दिखाएं कि संताल परगना में कहां हैं बांग्लादेशी

इरफान अंसारी ने कहा कि वाले विधानसभा चुनाव के बाद फिर हमारी सरकार बनेगी, तो बाबूलाल मरांडी व भाजपा के नेताओं को प्रखंड कार्यालय में क्लर्क की नौकरी दे देंगे. वे वहां डेटा कलेक्शन करते रहेंगे. डॉ इरफान ने मरांडी को यह भी चुनौती दी कि वह एक भी बांग्लादेशी को दिखा दें. जामताड़ा, गोड्डा, महगामा व पाकुड़ में अकलियतों की आबादी है, वे दिखायें कि कहां बांग्लादेशी हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी संताल परगना और यहां के मूलवासियों को बदनाम करने में लगे हैं.

संताल परगना में अगर कोई घुसपैठिया है तो वो हैं बाबूलाल मरांडी

डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों की समस्या नहीं है. अगर यहां कोई घुसपैठिया है, तो वह बाबूलाल मरांडी हैं और भाजपा के कई अन्य नेता हैं. यहां बाहर से आकर आरएसएस और भाजपा के लोग घूम रहे हैं. छत्तीसगढ़ का आदमी यहां का मुख्यमंत्री बन गया. इससे बड़ी शर्मसार करनेवाली बात क्या हो सकती है. भाजपा के लोग यहां प्रयोगशाला बना रखी है, यहां उनकी दाल नहीं गलनेवाली. भाजपा हमेशा द्वेष की राजनीति की है.

मैं नहीं, सरकारी रिकॉर्ड कह रहा- संताल परगना में घटे आदिवासी

उधर, झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ग्रामीण विकास मंत्री डॉ इरफान अंसारी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कोई यह कैसे बर्दाश्त कर सकता है कि संतालों की इतनी बड़ी जनसंख्या संताल परगना से ही विलुप्त हो जाये. भाजपा ने कोई जनगणना नहीं करायी. हर 10 साल में जनगणना होती है. जो इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं, वे जनगणना निकालकर देखें कि 1951 में आदिवासियों की जनसंख्या क्या थी और 2011 में क्या है?

संताल परगना की पहचान ही संतालियों से है – बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिस संताल परगना की पहचान ही संतालियों से है, वहीं संतालों की आबादी घट रही है. जंगल में जानवर भी विलुप्त होता है, तो पूरी दुनिया परेशान हो जाती है, उसे बचाने के लिए. यहां तो एक मानव समुदाय की आबादी घटती जा रही है. हमारी तो यही मांग है कि इसकी जांच होनी चाहिए कि संतालों की आबादी आखिर घट क्यों रही है. इस क्षेत्र में मुस्लिमों की आबादी बढ़ रही है. गलत तरीके से बांग्लादेशी घुसपैठिये आ रहे हैं. उन्हें बसाया जा रहा है, ताकि सत्तारूढ़ दल का वोट बैंक बढ़े.

कार्यकर्ताओं से बोले- भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने का लें संकल्प

भाजपा के जामा विधानसभा एवं शिकारीपाड़ा विधानसभा के मंडल अध्यक्ष एवं महामंत्री तथा प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक दुमका परिसदन सभागार में हुई. बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं के सम्मेलन अभिनंदन सह संकल्प सभा में हर बूथों के शत-प्रतिशत कार्यकर्ता उपस्थित रहें. राज्य की भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लें.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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