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सांसद संजय, मेयर ने भीड़ को उकसाया, हवलदार का हथियार छीनने का प्रयास, भाजपाइयों पर दर्ज प्राथमिकी में जिक्र

भाजपा के झारखंड विधानसभा मार्च में प्रशासनिक कार्यों में बाधा पहुंचाने और पुलिस हवलदार का हथियार छिनने का प्रयास सहित अन्य आरोपों में शुक्रवार को धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इनमें कई बड़े नेता शामिल हैं

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
सांसद संजय और मेयर पर भीड़ को उकसाने का आरोप
सांसद संजय और मेयर पर भीड़ को उकसाने का आरोप
प्रभात खबर.

रांची : आठ सितंबर को भाजपा के विधानसभा मार्च में प्रशासनिक कार्यों में बाधा पहुंचाने और पुलिस हवलदार का हथियार छिनने का प्रयास सहित अन्य आरोपों में शुक्रवार को धुर्वा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी. प्राथमिकी शहर के अंचलाधिकारी अमित भगत ने अंडर सेक्शन 147, 148, 341, 323, 353, 332, 427, 188, 269, 270 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की धाराओं के तहत दर्ज करायी है.

इसमें रांची से भाजपा के सांसद संजय सेठ और मेयर आशा लकड़ा सहित 28 लोगों पर भीड़ का नेतृत्व करने व उन्हें उकसाने का आरोप लगाया गया है, जबकि भीड़ में शामिल 1500 से 2000 उपद्रवियाें द्वारा सरकार के स्तर से निर्गत कोविड प्रोटोकॉल को तोड़ने व नियम विरुद्ध सभा कर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. दीपक प्रकाश और बाबूलाल मरांडी का नाम प्राथमिकी में नहीं है.

क्या कहा अंचलाधिकारी ने :

सीओ ने कहा है कि आठ सितंबर को भाजपा और भाजपा युवा मोर्चा के 250 नेता और कार्यकर्ता हरमू मैदान में मौजूद थे.

यह कोविड-19 को लेकर एक जगह पर 100 लोगों से अधिक के प्रतिबंध का उल्लंघन था. जुलूस पर भी प्रतिबंध था. इसके बाद भी मना करने पर भी भाजपाई हरमू मैदान से जुलूस की शक्ल में निकल कर अरगोड़ा मैदान में जमा हो गये. वहां इनकी संख्या 1500 से 2000 थी. ये लोग सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे. इसके बाद वहां से सभी एचइसी गेट की ओर बढ़ने लगे.

इस दौरान भीड़ का नेतृत्व रांची से भाजपा के सांसद संजय सेठ सहित 28 नामजद और अन्य अज्ञात कर रहे थे. नेतृत्व करनेवाले लोग बीच-बीच में भीड़ को उकसा रहे थे. भीड़ पुरानी विधानसभा होते हुए जगन्नाथपुर मंदिर के पास बनी पहली बैरिकेडिंग के पास पहुंची. प्रशासन द्वारा सभी को कुटे स्थित धरनास्थल पर जाने को कहा गया.

इसके बावजूद बैरिकेडिंग पर खड़े होकर और उसे तोड़कर सभी विधानसभा की ओर बढ़ने लगे. बैरिकेडिंग की सुरक्षा के दौरान पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गयी. इसके बाद उपद्रवियों पर पानी की बौछार की गयी, लेकिन भीड़ नियंत्रित नहीं हुई. उपद्रवियों ने दूसरी बैरिकेडिंग भी तोड़ दी.

उपद्रवियों ने उग्र होकर ड्यूटी पर तैनात हटिया एएसपी विनीत कुमार, साइबर डीएसपी यशोधरा, इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार तिवारी, आरक्षी मनीष कुमार, होमगार्ड जवान रामनंदन सिंह, जैप-2 की महिला आरक्षी ममता कुमारी, सुषमा गाड़ी, निशा कुमारी, सुषमा कुमारी व संगीता कुमारी के साथ धक्का-मुक्की की और बल प्रयोग किया.

इस वजह से कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए. वहीं रैप-4 के हवलदार मंगल उरांव का हथियार छीनने का प्रयास किया गया, जिससे उनके हथियार का बट टूट गया. वहीं उपद्रवी बैरिकेडिंग को तोड़ने के बाद निषेधाज्ञा क्षेत्र में प्रवेश कर विधानसभा के पास जाने का प्रयास करने लगे. समझाने के बाद भी वे नहीं मान रहे थे.

सभी प्रयास विफल होने के बाद न्यूनतम बल का प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया गया. फिर से पुलिस द्वारा पहला बैरिकेड को खड़ा किया गया. उपद्रवियों को उक्त स्थल से बार-बार हटाने का अनुरोध किया गया, लेकिन वे लोग नहीं माने. भाजपा द्वारा वहां पर सभा की गयी, जहां पर नेताओं द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग किया गया. साढ़े चार बजे शाम में सभा समाप्त हुई.

किस धारा के तहत सजा का क्या है प्रावधान :

147 : विधि विरुद्ध जमाव और बल प्रयोग- दो साल की सजा.

148 : ऐसी चीज से हमला करना जिससे मौत हो सकती है- तीन वर्ष का कारावास, आर्थिक दंड या दोनों.

341 : गलत तरीके से रोकना- एक माह का साधारण कारावास या 500 का आर्थिक दंड.

323 : स्वेच्छा से चोट पहुंचाना- एक वर्ष तक तक की सजा या जुर्माना दोनाें.

353 : लोक सेवक को कर्तव्य के निर्वहन से रोकना (हथियार छीनने का प्रयास)- दो साल की सजा, जुर्माना या दोनों.

332 : लोक सेवक को भयाक्रांत कर उनके काम से रोकना- तीन वर्ष की सजा, आर्थिक दंड या दोनों.

427 : कुचेष्टा जिससे 50 या उससे अधिक रुपये का नुकसान हो- दो वर्ष कारावास, आर्थिक दंड या दोनों.

188 : लोक सेवक के सार्वजनिक आदेश का उल्लंघन- निश्चित अवधि के लिए कारावास. 500 से 1000 का जुर्माना

269 व 270 : लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुविधा, शालीनता और नैतिकता को प्रभावित करने वाला अपराध- छह माह से दो साल तक की सजा, आर्थिक दंड या दोनों.

28 नामजद सहित 2000 लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी

आठ सितंबर को भाजपा का विधानसभा मार्च मामला

दीपक प्रकाश और बाबूलाल मरांडी का नाम प्राथमिकी में नहीं

ये बनाये गये हैं आरोपी

रांची के सांसद संजय सेठ, मेयर आशा लकड़ा, आरती कुजूर, अमरदीप यादव, प्रतुल नाथ शाहदेव, सुजान मुंडा, कमलेश राम, किसलय तिवारी, केके गुप्ता, अशोक यादव, शोभा यादव, अस्मिता सिंह सेढी, प्रदीप साहु, संजय जायसवाल, शशांक कुमार, सुचिता सिंह, बबीता वर्मा सिंह, अमित कुमार, सीमा सिंह, अनिता सिंह, रेखा महतो, राजीव शाहदेव, मुजुलता दुबे, अर्चना सिंह, सुजाता कुमारी, नीलम चौधरी, बसंत कुमार मित्तल, अमित कुमार मिश्रा व अन्य भीड़ का नेतृत्व कर रहे थे.

Posted By : Sameer Oraon

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Published Date

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