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झारखंड में एक लाख आबादी पर सिर्फ आठ हाइस्कूल, जानिए आपके जिले का क्या है हाल

Updated at : 22 Aug 2022 10:20 AM (IST)
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झारखंड में एक लाख आबादी पर सिर्फ आठ हाइस्कूल, जानिए आपके जिले का क्या है हाल

राज्य में पांच वर्ष बाद फिर से मिडिल स्कूलों को हाइस्कूल में अपग्रेड किया जायेगा. राज्य में हाइस्कूल की संख्या प्राइमरी व मिडिल स्कूल की तुलना में काफी कम है.

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Jharkhand Education News: राज्य में पांच वर्ष बाद फिर से मिडिल स्कूलों को हाइस्कूल में अपग्रेड किया जायेगा. राज्य में हाइस्कूल की संख्या प्राइमरी व मिडिल स्कूल की तुलना में काफी कम है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 34850 प्राथमिक व मध्य विद्यालय और 2690 हाइस्कूल व प्लस टू उच्च विद्यालय हैं. राज्य में प्रति एक लाख आबादी पर 106 प्राथमिक व मध्य विद्यालय और आठ हाइस्कूल व प्लस टू विद्यालय हैं. अब सरकार ने और हाइस्कूल खोलने का निर्णय लिया है.

विभाग ने सभी जिलों से मांगा था प्रस्ताव

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी जिलों से प्रस्ताव मांगा था. जिलों ने विभाग को 450 मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा है. स्कूल खोलने को लेकर निर्धारित मापदंड के अनुरूप हर एक किमी पर प्राथमिक, तीन किमी पर मध्य और पांच किमी की दूरी पर एक उच्च विद्यालय होना चाहिए. राज्य में कई ऐसे प्रखंड हैं, जहां हर पांच किमी पर हाइस्कूल नहीं है. आबादी के हिसाब से राज्य में खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा व लातेहार जिले में हाइस्कूल व प्लस टू स्कूलों की संख्या सबसे अधिक है. इन जिलों में हर एक लाख की आबादी पर 11 विद्यालय हैं.

वर्ष 2009-10 से शुरू हुआ था अपग्रेडेशन

राज्य में मध्य विद्यालय को हाइस्कूल में अपग्रेड करने की प्रक्रिया वर्ष 2009-10 से शुरू हुई थी. वर्ष 2016-17 के बाद मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में अपग्रेड नहीं किया गया था. इन स्कूलों को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत हाइस्कूल में अपग्रेड किया गया था. अब सरकार ने फिर से मध्य विद्यालय को हाइस्कूल में अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू की है.

दोगुना हो जाता है ड्रॉपआउट

हाइस्कूल व प्लस टू स्कूलों की संख्या कम होने का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है. राज्य में कक्षा बढ़ने के साथ स्कूल छोड़नेवाले बच्चों की संख्या भी दोगुनी हो जाती है. भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में जहां ड्रॉपआउट रेट 5.2 है, वहीं हाइस्कूल में यह बढ़कर 13.4 प्रतिशत हो जाता है.

एक लाख आबादी पर कहां कितने हाइस्कूल

जिला स्कूल

बोकारो 05

चतरा 10

देवघर 08

धनबाद 04

दुमका 09

गढ़वा 09

गिरिडीह 07

गोड्डा 09

जिला स्कूल

गुमला 10

हजारीबाग 08

जामताड़ा 08

खूंटी 11

कोडरमा 09

लातेहार 11

लोहरदगा 11

पाकुड़ 07

जिला स्कूल

पलामू 09

प सिंहभूम 10

पू सिंहभूम 06

रामगढ़ 08

रांची 05

साहिबगंज 08

सरायकेला 09

सिमडेगा 11

क्या कहते हैं शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि राज्य में प्राथमिक व मध्य विद्यालयों की तुलना में हाइस्कूल व प्लस टू स्कूलों की संख्या कम है. माध्यमिक स्तर पर विद्यालयों की संख्या कम होने से आगे की कक्षाओं में ड्रॉप आउट रेट भी बढ़ जाता है. सरकार द्वारा हर पांच किमी पर एक हाइस्कूल और हर पंचायत में एक प्लस टू स्कूल खोला जायेगा. 125 हाइस्कूलों को प्लस टू स्कूल में अपग्रेड कर दिया गया है. अब मिडिल स्कूल को हाइस्कूल में अपग्रेड किया जायेगा.

Posted By: Rahul Guru

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