सरना आदिवासी धर्म कोड बिल अब तक नहीं हुआ पास, विरोध में 31 जनवरी को रेल-रोड चक्का जाम

Updated at : 28 Jan 2021 10:11 PM (IST)
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सरना आदिवासी धर्म कोड बिल अब तक नहीं हुआ पास, विरोध में 31 जनवरी को रेल-रोड चक्का जाम

Jharkhand News, Ranchi News, रांची : सरना आदिवासी धर्म कोड बिल केंद्र सरकार से पास नहीं होने के विरोध में केंद्रीय सरना समिति आंदोलन के मूड में हैं. केंद्रीय सरना समिति आगामी 31 जनवरी, 2021 को रेल-रोड चक्का जाम करने का आह्वान किया है. इसको सफल बनाने के लिए समिति के प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रांची के अनगड़ा और सिल्ली प्रखंड के ग्रामीणों से मिला.

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Jharkhand News, Ranchi News, रांची : सरना आदिवासी धर्म कोड बिल केंद्र सरकार से पास नहीं होने के विरोध में केंद्रीय सरना समिति आंदोलन के मूड में हैं. केंद्रीय सरना समिति आगामी 31 जनवरी, 2021 को रेल-रोड चक्का जाम करने का आह्वान किया है. इसको सफल बनाने के लिए समिति के प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रांची के अनगड़ा और सिल्ली प्रखंड के ग्रामीणों से मिला.

इस संबंध में केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि 2021 जनगणना का वर्ष एवं अभी तक केंद्र सरकार ने आदिवासियों को उनका मौलिक अधिकार नहीं दिया है. आदिवासी वर्षों से सरना कोड की लड़ाई लड़ रहे हैं. झारखंड सरकार भी बिना राज्यपाल के सहमति के सरना आदिवासी कोड केंद्र सरकार को भेज दिया है. केंद्र एवं राज्य सरकार आदिवासियों को ठगने का काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय हर हाल में वर्ष 2021 की जनगणना में सरना धर्म कोड बिल के साथ शामिल होना चाहते हैं. केंद्र सरकार आदिवासियों को उनका संवैधानिक अधिकार देना नहीं चाहती है. यही कारण है कि केंद्रीय सरना समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 31 जनवरी, 2021 को रेल- रोड चक्का जाम किया जायेगा.

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वहीं, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार आदिवासियों को छलने का काम कर रही है. आदिवासी समुदाय के लोग सरना कोड की लड़ाई लड़ रहे हैं. इसके बावजूद दोनों सरकार सरना कोड की लड़ाई को कमजोर करना चाहती है.

केंद्रीय सरना समिति के महासचिव संजय तिर्की ने कहा कि सरकार जान- बूझकर आदिवासी को लड़ाने का काम कर रही है. सरकार आदिवासी समुदाय की उपेक्षा कर रही है, जो सही नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार कुर्मी को एसटी का दर्जा देती है, तो केंद्रीय सरना समिति जोरदार आंदोलन करेगी.

मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक भुनेश्वर लोहरा, केंद्रीय सरना समिति के उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, समाजसेवी गंगा घाट, अनूप उरांव, अनगड़ा प्रखंड बोगईं बेड़ा, ग्राम प्रधान सोमरा उरांव, जोन्हा पंचायत जराटोली के ग्राम प्रधान रिझुआ मुंडा, ग्राम जीदु के जगदीश मुंडा, पूर्व वार्ड पार्षद बिरसा मुंडा, जोन्हा पंचायत के पूर्व मुखिया कृष्णा मुंडा, राजाडेरा निवासी शालिग्राम मुंडा, साधो उरांव, हरिदयाल मुंडा समेत अन्य शामिल थे.

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Posted By : Samir Ranjan.

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