पुजाक महत

Updated at : 27 Oct 2023 12:30 PM (IST)
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पुजाक महत

मर काथा सुनि के अके मने-मने बेजाञ राग हेइ गेलेइक आर रागाइ के कहलाक, धरम संगे किना मतलब, 'मञ निं खाम, निं खाउआबेन'. काथा सेस आर किना?

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राजेन्द्र प्रसाद महतो ‘राजेन

बांदना परअबेक किछु दिन आगु रहलेइक.मञ बाजारे रहिके पाठ पढ़ेइ हेलअ. सुकुरबार हाट टाइड़े मर अना गांउसारिक चाकरिआ दादा महिना संगे भेंट हेलि.अञ बेजाञ फिट-फाट रहेइ हेलाक आर फटफटिआइ घुरेइ हेलाक. मञ बेजाञ हुबे अके जोहार करिके कहलेञ -दादा, बांदना पर‌‌‌ब तअ आइ गेलेइक.घार बाटे कबे जाप ? गहाइल पूजा टा करे हेतेइक न?

मञ बेजाञ खुसिए अके कहलअ. अञ मर काथा टाके अनाइके थिराइकुन आर कहलाक,भाइ मञ काटा-काटि पुजा छाड़ि देल आहअ. गहाइल पूजा, खेत पुजा, मनसा पुजा आरअ हेन-थेन हांस-खुखड़ि, पाठा-पाठि काटेएक पुजा छाड़ि देल आहअ। मञ सबु देउआ भुता के सेउरन करिके कहि देल आहअ कि, मञ काटा काटि पुजा करम निं आर माच-मांस, आइस-मांस खाअम निं. मञ इ सब गिला छाड़ि देल आहअ. तअ घार जाइके आर किना करम ?

मञ कहलह, दादा बाजार आइ के किना धरम धरले,जे सबु छाड़ि देलेहे? मर काथा सुनि के अके मने-मने बेजाञ राग हेइ गेलेइक आर रागाइ के कहलाक, धरम संगे किना मतलब, ‘मञ निं खाम, निं खाउआबेन’. काथा सेस आर किना? कहि के फटफटि इसटाट करिके मर ठिन ले पाराइ गेलाक.

मर मने बेजाञ इछा रहलि, एकर संगे भटभटि टाञ एञ जाताक हेले एकर संगे घार जाम. मके टुकुन दुख तअ लागलि.मेनतुक मञ आर अके किना करे पारेइ हेलेइ? अञ चाकरिआ लक आर मञ अना पड़ुआ छउआ हेकलअ. मञ मन गुमाने रहि गेलअ.

टेरेन गाड़िए घार जाइ के हांसि-खुसि, नाचि-डेगिके आर काटा-काटि पूजा करिके मांस-भात खाइकुन बांदना मानाइ के बांदना बासिए आउलअ. दना दिनेएक बादे महिना दादा बिहान- बिहान मर डेरा आउलाक. मञ कलेजेएक तेहें तेआर हेइ रहेइ हेलअ. मञ अके देखिके हाका-बाका हेइ गेलअ. अञ कहलाक बाबु चाल टुकुन घार जाप, फटफटिटाञ जाइके सांझ तड़िक घुरि आउप. मञ कहलह दादा किना जरुरि काम पड़लेइक?

भर छुटु बेटा टा बांदनाक दना दिन आगु ले जराइस साहे. बड़अ-बड़अ डाकतर के देखाउलअ दाबाइ कनअ काम निं करेइस साहि. अना देउनाइ कहलाक एके तर घारेक दस लागल आहे. तञ घारेएक पुजाक आपाभार छाड़ि देल आहिस. जाञ घार जाबे जाञ आर गराम, धरम, कुदरा हेन – तेन तर गाउं घारेएक देउआ-भुताक सेउरन करबे जाञ सबु ठिक हेइ जातेइक.

मके मने-मने बेजाञ खुसि लागलेइक.किना लाइकि, मके भटभटिए बेसेक बेजाञ इछा रहलेइक. मञ कलेज निं जाइके महिन दादाक संगे भटभटिए बेसि के घार गेलअ. महिन दादाञ घारे जाइ के लाल, केरिआ, धबअ, कुड़थिआ आर काबरा खुखड़ि घारेएक तुलसि ढिपे पुजा करलाक. लाल साड़ा टाके हामरा घारेएक बाहिरे भुजि के खालिइअ. अकर बादे अकर घारे मांस – भात खाइके बाजार घुरि आउलह.

घुरि आउअत के महिन दादाक छउआ बेस हेइ गेलाक. छउआक ठिक हेएक जग कहा बा अकर मन भरमेक पुजाक असर, जा भि हउ छउआ तअ ठिक हेइ गेलेइक. अकर बादे काटा-काटिक पुजा छाड़ि देउएक लक टाञ आरअ धरि घुराउलाक.

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