प्रभात खबर सिटीजन सर्वे: नगर निगम की सुविधाओं से 'नाराज' शहर, सफाई से केवल 18% लोग खुश

नगर निगम की सुविधाओं से शहर के लोग असंतुष्ट, प्रभात खबर के सर्वे से खुलासा, Pic Credit- AI
Jharkhand Municipal Election 2026: प्रभात खबर के सिटीजन सर्वे में रांची के 215 वार्डों के 4300 लोगों ने निगम की पोल खोल दी है. सफाई, पानी और प्रमाण पत्र की जटिल प्रक्रिया से जनता नाराज है. जानिए क्या कहते हैं आंकड़े.
Jharkhand Municipal Election 2026, रांची : रांची नगर निगम क्षेत्रों में प्रभात खबर ने राज्य की प्रतिष्ठित संस्थाओं की मदद से सर्वे किया. सर्वे टीम 4300 लोगों तक पहुंची. पांच निगम क्षेत्रों के सभी 215 वार्डों में प्रत्येक वार्ड से 20 लोगों की राय 10 सवालों के माध्यम से ली गयी. ये सवाल निगम द्वारा दी जा रही सुविधाओं, होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े थे.
सर्वे के आंकड़ों ने चौंकाया
सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये. सर्वे के आधार पर कहा जा सकता है कि निगम की सुविधाओं से आधे से अधिक लोग संतुष्ट नहीं हैं. नियमित साफ-सफाई और कचरा उठाव से केवल 18 फीसदी लोग संतुष्ट हैं. 45 फीसदी लोगों ने इसे ठीक-ठाक बताया. 33% लोग असंतुष्ट हैं. साफ-सफाई को लेकर महिलाओं में सबसे अधिक नाराजगी देखी गयी. पांचों निगम क्षेत्रों में जलजमाव सबसे बड़ी समस्या के रूप में सामने आया. हर शहर में आधे से अधिक लोगों ने जलजमाव से परेशानी जतायी. जलजमाव रोकने में निगम के प्रयासों से 56% लोग असंतुष्ट हैं.
निगम की जल सेवा से 08% ही संतुष्ट
पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता पर केवल 08% लोगों ने संतुष्टि जतायी. हालांकि 63% लोगों ने इसे ठीक-ठाक बताया, जिससे निगम को कुछ राहत मिल सकती है. सड़क और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर लोगों का फीडबैक अपेक्षाकृत बेहतर रहा. 52% लोग संतुष्ट हैं. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया से केवल 01% लोग संतुष्ट हैं. लोगों का कहना है कि कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं. निगम कर्मचारियों के व्यवहार से भी अधिकांश लोग संतुष्ट नहीं है.
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आखिर सिटीजन सर्वे की दरकार क्यों?
चुनाव के समय आम तौर पर राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों की जीत-हार की संभावनाओं, वोटरों के मूड और चुनावी मुद्दों पर सर्वे होते हैं. प्रभात खबर सरोकार की पत्रकारिता करता है. चुनाव में हार-जीत अपनी जगह है. असली सवाल लोगों का है. नगर निगम लोगों को कितनी सुविधाएं दे पा रहा है और शहरी समस्याओं को कितना कम कर पाया है, यह जानना जरूरी है. लोगों की अपेक्षाएं क्या हैं, इसे सर्वे के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया गया है.
इन आयु वर्ग से पूछे गये सवाल
- 18 वर्ष से 30 वर्ष, 31 वर्ष से 45 वर्ष, 46 वर्ष से 60 वर्ष और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच सर्वे किया गया.
- युवा, बुजुर्ग, महिला व पुरुष सभी वर्गों के बीच सर्वे कर संतुलित आंकड़ा निकालने की कोशिश की गयी.
- प्रोफेशनल और डाटा एनालिस्ट की टीम ने सर्वे के आधार पर निष्कर्ष निकाला
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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