प्रभात खबर सिटीजन सर्वे: नगर निगम की सुविधाओं से 'नाराज' शहर, सफाई से केवल 18% लोग खुश
Published by : Sameer Oraon Updated At : 15 Feb 2026 11:35 AM
नगर निगम की सुविधाओं से शहर के लोग असंतुष्ट, प्रभात खबर के सर्वे से खुलासा, Pic Credit- AI
Jharkhand Municipal Election 2026: प्रभात खबर के सिटीजन सर्वे में रांची के 215 वार्डों के 4300 लोगों ने निगम की पोल खोल दी है. सफाई, पानी और प्रमाण पत्र की जटिल प्रक्रिया से जनता नाराज है. जानिए क्या कहते हैं आंकड़े.
Jharkhand Municipal Election 2026, रांची : रांची नगर निगम क्षेत्रों में प्रभात खबर ने राज्य की प्रतिष्ठित संस्थाओं की मदद से सर्वे किया. सर्वे टीम 4300 लोगों तक पहुंची. पांच निगम क्षेत्रों के सभी 215 वार्डों में प्रत्येक वार्ड से 20 लोगों की राय 10 सवालों के माध्यम से ली गयी. ये सवाल निगम द्वारा दी जा रही सुविधाओं, होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े थे.
सर्वे के आंकड़ों ने चौंकाया
सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये. सर्वे के आधार पर कहा जा सकता है कि निगम की सुविधाओं से आधे से अधिक लोग संतुष्ट नहीं हैं. नियमित साफ-सफाई और कचरा उठाव से केवल 18 फीसदी लोग संतुष्ट हैं. 45 फीसदी लोगों ने इसे ठीक-ठाक बताया. 33% लोग असंतुष्ट हैं. साफ-सफाई को लेकर महिलाओं में सबसे अधिक नाराजगी देखी गयी. पांचों निगम क्षेत्रों में जलजमाव सबसे बड़ी समस्या के रूप में सामने आया. हर शहर में आधे से अधिक लोगों ने जलजमाव से परेशानी जतायी. जलजमाव रोकने में निगम के प्रयासों से 56% लोग असंतुष्ट हैं.
निगम की जल सेवा से 08% ही संतुष्ट
पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता पर केवल 08% लोगों ने संतुष्टि जतायी. हालांकि 63% लोगों ने इसे ठीक-ठाक बताया, जिससे निगम को कुछ राहत मिल सकती है. सड़क और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर लोगों का फीडबैक अपेक्षाकृत बेहतर रहा. 52% लोग संतुष्ट हैं. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया से केवल 01% लोग संतुष्ट हैं. लोगों का कहना है कि कार्यालय के चक्कर लगाना पड़ते हैं. निगम कर्मचारियों के व्यवहार से भी अधिकांश लोग संतुष्ट नहीं है.
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आखिर सिटीजन सर्वे की दरकार क्यों?
चुनाव के समय आम तौर पर राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों की जीत-हार की संभावनाओं, वोटरों के मूड और चुनावी मुद्दों पर सर्वे होते हैं. प्रभात खबर सरोकार की पत्रकारिता करता है. चुनाव में हार-जीत अपनी जगह है. असली सवाल लोगों का है. नगर निगम लोगों को कितनी सुविधाएं दे पा रहा है और शहरी समस्याओं को कितना कम कर पाया है, यह जानना जरूरी है. लोगों की अपेक्षाएं क्या हैं, इसे सर्वे के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया गया है.
इन आयु वर्ग से पूछे गये सवाल
- 18 वर्ष से 30 वर्ष, 31 वर्ष से 45 वर्ष, 46 वर्ष से 60 वर्ष और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच सर्वे किया गया.
- युवा, बुजुर्ग, महिला व पुरुष सभी वर्गों के बीच सर्वे कर संतुलित आंकड़ा निकालने की कोशिश की गयी.
- प्रोफेशनल और डाटा एनालिस्ट की टीम ने सर्वे के आधार पर निष्कर्ष निकाला
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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