Jharkhand Lockdown Update : झारखंड में शुरू हो सकती है अनलॉक की प्रकिया, ई पास समेत इन मामलों में मिल सकती है छूट, सीएम हेमंत सोरेन ने दिये संकेत

इस पर अंतिम फैसला एक-दो दिन में होनेवाली आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में होगा. राज्य में कोविड-19 संक्रमण के लगातार कम हो रहे मामलों के कारण पाबंदियों में ढील देने की संभावना बन रही है. लेकिन, संक्रमण की आशंका को देखते हुए पाबंदियों में आंशिक छूट ही दिये जाने के कयास लगाये जा रहे हैं. जानकार बताते हैं कि अनलॉक-1 में दिन के दो बजे तक प्रतिष्ठानों को बंद करने की पाबंदी हटाते हुए नाइट कर्फ्यू की सार्थकता पर भी मंथन किया जा रहा है.
Jharkhand Unlock 1 Guidelines 2021, Jharkhand Lockdown News today रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 संक्रमण को काबू करने के लिए लगायी गयी पाबंदियों में अब छूट देने की शुरुआत के संकेत दिये हैं. उल्लेखनीय है कि अभी स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत तीन जून तक राज्य में कई तरह की पाबंदियां लगी हुईं हैं. मुख्यमंत्री ने अनलॉक-1 के लिए सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा है कि अब जीवन की रक्षा के साथ-साथ लोगों के रोजगार पर भी ध्यान देने की जरूरत है. इसे लेकर मंथन किया जा रहा है.
इस पर अंतिम फैसला एक-दो दिन में होनेवाली आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में होगा. राज्य में कोविड-19 संक्रमण के लगातार कम हो रहे मामलों के कारण पाबंदियों में ढील देने की संभावना बन रही है. लेकिन, संक्रमण की आशंका को देखते हुए पाबंदियों में आंशिक छूट ही दिये जाने के कयास लगाये जा रहे हैं. जानकार बताते हैं कि अनलॉक-1 में दिन के दो बजे तक प्रतिष्ठानों को बंद करने की पाबंदी हटाते हुए नाइट कर्फ्यू की सार्थकता पर भी मंथन किया जा रहा है.
राज्य में निर्धारित समय के लिए सभी तरह के प्रतिष्ठानों को खोलने पर भी विचार किया जा रहा है. सरकारी कार्यालयों को पूरी कार्यालय अवधि तक खोलने की अनुमति प्रदान की जा सकती है. वहीं, सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों को मानते हुए निश्चित अवधि तक के लिए निजी प्रतिष्ठानों में भी काम शुरू करने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है.
सीएम ने कहा : जीवन के रक्षा के साथ अब रोजी-रोजगार पर भी ध्यान देने की जरूरत
अभी शिक्षण संस्थानों को फिलहाल बंद ही रखा जा सकता है. रेस्टूरेंट में बैठ कर खाने और सिनेमा हॉल समेत मनोरंजन से संबंधित सेवाओं में अभी छूट की उम्मीद नहीं है. शादी-विवाह और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए निर्धारित संख्या में लगायी गयी पाबंदी भी जारी रह सकती है.
रैली-मेला, धरना-प्रदर्शन जैसे सार्वजनिक आयोजनों की भी अभी अनुमति मिलने की संभावना नहीं दिख रही. हालांकि, मामले में अंतिम फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होनेवाली आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में ही लिया जायेगा.
सूत्र बताते हैं कि जिले के अंदर ई-पास की बाध्यता समाप्त की जा सकती है. जिला या राज्य के बाहर की यात्रा के लिए ई-पास की बाध्यता जारी रखने पर विचार हो रहा है.
Posted By : Sameer Oraon
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