झारखंड के आवास बोर्ड की जर्जर कॉलोनियां फिर से बनेंगी, इन तीन शहरों के कॉलोनियों का होगा री-डेवलपमेंट

जर्जर फ्लैटों को नये सिरे से बनाने का काम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में किया जायेगा. निजी निवेशक और बिल्डर निर्माण करने के लिए आमंत्रित किये जायेंगे. ज्ञात हो कि 80 के दशक में बिहार राज्य आवास बोर्ड (अब झारखंड राज्य आवास बोर्ड) ने वित्तीय संस्थान हुडको से कर्ज लेकर जनता फ्लैट और वीकर सेक्शन फ्लैटों की कॉलोनियों का निर्माण कराया था. अब सभी कॉलोनियां जर्जर स्थिति में हैं.
Jharkhand News, Ranchi News, Jamshedpur News रांची : आवास बोर्ड रांची, जमशेदपुर और आदित्यपुर में स्थित पुराने जनता फ्लैट और वीकर सेक्शन फ्लैट की कॉलोनियों का री-डेवलपमेंट (पुनर्विकास) करेगा. तीनों जगहों के नगर निकायों में पुराने फ्लैटों को ताेड़ कर नये सिरे से फ्लैट बनाये जायेंगे. नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य सरकार से उक्त निकायों की सात कॉलोनियों के री-डेवलपमेंट की अनुमति मांगी है.
जर्जर फ्लैटों को नये सिरे से बनाने का काम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में किया जायेगा. निजी निवेशक और बिल्डर निर्माण करने के लिए आमंत्रित किये जायेंगे. ज्ञात हो कि 80 के दशक में बिहार राज्य आवास बोर्ड (अब झारखंड राज्य आवास बोर्ड) ने वित्तीय संस्थान हुडको से कर्ज लेकर जनता फ्लैट और वीकर सेक्शन फ्लैटों की कॉलोनियों का निर्माण कराया था. अब सभी कॉलोनियां जर्जर स्थिति में हैं.
लगभग चार दशक पूर्व बनाये गये बोर्ड के भवनों का फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) काफी कम है. री-डेवलपमेंट के दौरान एफएआर में वृद्धि करते हुए भवनों की ऊंचाई बढ़ायी जायेगी. जिससे वर्तमान फ्लैट मालिकों को उनका हिस्सा देने के बाद भी निवेशक या बिल्डर और बोर्ड के पास मुनाफा कमाने के लिए काफी कुछ बचने का अनुमान लगाया गया है.
आवास बोर्ड की कॉलोनियों से अतिक्रमणकारियों को हटाया जायेगा. जर्जर अवस्था में पहुंच चुके बोर्ड के फ्लैटों में बड़ी संख्या में अतिक्रमणकारियों का कब्जा है. कई मामले तो ऐसे भी हैं, जिनमें दो दशकों से अतिक्रमण कर लोग रह रहे हैं. री-डेवलपमेंट के दौरान अतिक्रमणकारियों से फ्लैटों को कब्जा मुक्त किया जायेगा. केवल फ्लैट मालिकों को ही नये निर्माण के बाद फ्लैट मुहैया कराये जायेंगे. निर्धारित कीमत अदा करने की स्थिति में अतिक्रमणकारियों को फ्लैट उपलब्ध कराया जा सकता है.
आवास बोर्ड द्वारा कॉलोनियों की पुनर्विकास योजना में नये भवन में फ्लैट मालिकों को कम से कम उतने क्षेत्रफल का फ्लैट देने की बात कही गयी है, जितने का वह मालिकाना हक रखते हैं. साथ ही कहा गया है कि भवनों का निर्माण होने तक फ्लैट मालिकों को बोर्ड की ओर से अन्यत्र रहने के लिए किराया भी दिया जायेगा. पुनर्विकास के दौरान कॉलोनी में पार्क और सीवरेज सिस्टम जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का भी विकास किया जायेगा. नया भवन बनने के बाद फ्लैट मालिकों को वर्तमान से बेहतर स्थिति में आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी कॉलोनियों को नये सिरे से बनाया जायेगा. फ्लैटों के मालिकों को असुविधा दिये बगैर उनको अच्छा फ्लैट व बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी. पूरा काम पीपीपी मोड पर किया जायेगा. इससे बोर्ड व फ्लैट मालिकों को भी फायदा होगा. सरकार को प्रस्ताव भेज कर स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
– विनय कुमार चौबे, सचिव, नगर विकास विभाग
Posted By : Sameer Oraon
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










