झारखंड हाईकोर्ट का रांची नगर निगम के प्रशासक को सशरीर हाजिर होने का निर्देश, पूछा- 'क्यों नहीं हुआ आदेश का पालन

Published by :Sameer Oraon
Published at :26 Apr 2026 6:40 PM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand High Court

झारखंड हाईकोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम के प्रशासक की कार्यशैली पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की है. गौरव कुमार बेसरा द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रशासक को 28 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है. पिछले एक साल में कई बार समय दिए जाने के बावजूद 22 जुलाई 2025 के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर खंडपीठ ने अब सीधे प्रशासक से जवाब मांगा है.

विज्ञापन

Jharkhand High Court, रांची, (सतीश सिंह की रिपोर्ट): झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम से जुड़े गौरव कुमार बेसरा के अवमानना मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद व जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने नगर निगम के प्रशासक को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है. अदालत ने स्पष्ट कहा है कि प्रशासक स्वयं उपस्थित होकर यह स्पष्ट करें कि 22 जुलाई 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में आखिर क्या बाधा आ रही है. सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने चेतावनी दी कि यदि अगली तिथि पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो अदालत कानून के अनुसार उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है.

तारीख पर तारीख, लेकिन अनुपालन नहीं

अदालत ने सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड पर पाया कि 22 जुलाई 2025 के आदेश का अब तक अनुपालन नहीं किया गया है. इस मामले में प्रशासक ने पूर्व में टाउन प्लानर और लीगल सेक्शन से संबंधित व्यवस्था जल्द लागू करने का आश्वासन कोर्ट को दिया था. रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व में 12 नवंबर, 3 दिसंबर और 9 दिसंबर 2025 को भी समय दिया गया था. इसके बाद इस वर्ष 24 और 30 मार्च 2026 को भी मौके दिए गए, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. इसी ढुलमुल रवैये को देखते हुए अदालत ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है.

Also Read: बोकारो कंकाल कांड: DNA जांच पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, माता-पिता का सैंपल लेने की समय सीमा बढ़ी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी सक्रियता

सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 के एक आदेश पर रोक लगाई है, लेकिन हाईकोर्ट के बाकी आदेश अब भी प्रभावी हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को इस मुख्य मामले की सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया है. इसी आलोक में हाईकोर्ट ने निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अब सीधे प्रशासक को जवाबदेह ठहराया है.

अगली सुनवाई 28 अप्रैल को

प्रार्थी गौरव कुमार बेसरा की ओर से अधिवक्ता सोनम ने पक्ष रखते हुए कोर्ट को निगम की ओर से हो रही देरी से अवगत कराया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अब अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है. इस दिन नगर निगम के प्रशासक को कोर्ट में मौजूद रहकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी.

Also Read: गुमला: मजदूरी कर प्रेमिका को बनाया नर्स, ‘धोखा’ मिला तो प्रेमी ने महुआ के पेड़ से लटककर दे दी जान

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola