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झारखंड के व्यापारियों ने सरकार को दी चेतावनी- मंडी शुल्क वापस लें नहीं तो खाद्यान्न व्यापार होगा ठप

झारखंड के व्यापारियों ने मंडी शुल्क वापस लेने को लेकर सरकार को चेतावनी दी है, उन्होंने कहा है कि मंडी शुल्क वापस नहीं लिया गया तो पूरे राज्य में खाद्यान्न व्यापार को ठप कर दिया जायेगा

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
चेंबर भवन में हुई राज्य भर के व्यापारियों की बैठक
चेंबर भवन में हुई राज्य भर के व्यापारियों की बैठक
Prabhat Khabar

Jharkhand News रांची: मंडी शुल्क के विरोध में रांची सहित पूरे झारखंड के व्यापारियों ने चेंबर भवन में एकजुटता दिखायी. सम्मेलन में व्यापारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 15 मई तक मंडी शुल्क वापस नहीं लिया गया, तो 16 मई से पूरे झारखंड के खाद्यान्न व्यापार को ठप कर दिया जायेगा. साथ ही चेंबर ने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है. रविवार को झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन विधेयक 2022 के विरोध में पूरे झारखंड के व्यापारी राज्यस्तरीय सम्मेलन में जुटे थे.

काला बिल्ला लगायेंगे :

सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि विधेयक के विरोध में सभी जिलों के खाद्यान्न व्यवसायी अपने प्रतिष्ठान में 19-20 अप्रैल को काला बिल्ला लगा कर व्यापार करेंगे. 22-23 को पोस्टर के माध्यम से जागरूकता अभियान, 27 को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन व सीएम के नाम ज्ञापन सौंपना और विधायकों से मिल कर विधेयक को वापस कराने को लेकर अनुशंसा पत्र जारी कराने का प्रयास किया जायेगा.

उन्होंने कहा कि दो प्रतिशत तक मंडी शुल्क लगने से सामान महंगे होंगे. इस दौरान झारखंड चेंबर ने पोस्टर जारी किया.

व्यापार दूसरे जगहों पर शिफ्ट होने लगेगा

झारखंड चेंबर के अध्यक्ष धीरज तनेजा ने कहा कि मंडी शुल्क काला कानून है. कोरोना काल के दौरान दो दिनों तक पंडरा बाजार समिति बंद हुआ, तो परेशानी होने लगी थी. 2015 में जब मंडी शुल्क समाप्त हुआ था, तो राइस मिल की संख्या लगभग 40 थी़ आज इसकी संख्या लगभग 200 हो गयी है. लगभग 100 राइस मिल पाइपलाइन में है.

मंडी शुल्क लागू होने से उत्पाद महंगे होंगे. साथ ही व्यापार दूसरी जगहों पर शिफ्ट होने लगेगा. पूर्व अध्यक्ष अर्जुन जालान, पवन शर्मा, कुणाल अजमानी और प्रवीण जैन छाबड़ा ने कहा कि मंडी शुल्क लागू होने से सामान महंगे होंगे और भ्रष्टाचार बढ़ेगा. संताल परगना चेंबर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक, कोयलांचल चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला,

गिरिडीह चेंबर के श्याम सुंदर सिंघानिया, व्यापार मंडल के दीपक भालोटिया, जामताड़ा चेंबर के संजय अग्रवाल, बोकारो चेंबर के शिवहरि बंका और गुमला चेंबर के दिनेश अग्रवाल ने कहा कि बाजार समिति को एक बार फिर भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने की कोशिश हो रही है. मौके पर महासचिव राहुल मारू, पूर्व अध्यक्ष अरुण बुधिया, मनोज नरेडी, संजय अखौरी, डॉ अभिषेक रामाधीन, रोहित अग्रवाल, अमित शर्मा, मनीष सर्राफ, राम बांगड़, अमित माहेश्वरी, मुकेश अग्रवाल, रांची चेंबर के शंभू गुप्ता, मदन कुमार, संतोष जायसवाल आदि उपस्थित थे.

Posted by: Sameer Oraon

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