100000 लोगों को रोजगार दिलाने के लिए झारखंड सरकार करेगी ये काम, विधानसभा में बोले वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव

झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव.
झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा है कि राज्य के एक लाख लोगों को रोजगार देने के लिए सरकार औद्योगिक नीतियां बनाएगी. इससे प्रदेश में 20,710 करोड़ रुपए का निवेश होगा.
झारखंड के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा है कि राज्य के एक लाख लोगों को रोजगार देने के लिए सरकार औद्योगिक नीतियां बनाएगी. इससे प्रदेश में 20,710 करोड़ रुपए का निवेश होगा. इससे राज्य के 1,00,000 लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में यह बात कही.
वित्त मंत्री डॉ रामेश्वरउरांव ने पेश किया बजट
मंगलवार (27 फरवरी) को वित्त मंत्री ने झारखंड विधानसभा में बजट पेश करते हुए ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों की देयता के निष्पादन एवं राज्य के औद्योगिक विकास एवं पूंजी निवेश के लिए प्रक्षेत्रवार अधिसूचित नीति के तहत स्थापित नई औद्योगिक इकाइयों के लिए अनुदान और सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है.
सिंगल विंडो से निवेशकों को मिल रही सारी जानकारी
वित्त मंत्री ने कहा कि सिंगल विंडो के जरिए निवेशकों को सभी तरह की जरूरी सूचना उपलब्ध कराई जाती है. ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है. समय-सीमा के भीतर एवं उद्योग स्थापित करने के लिए ऑनलाइन एनओसी एवं अन्य सुविधा और पूंजी निवेश के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार, गोष्ठियों का आयोजन हो रहा है. सिंगल विंडो के संचालन के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया गया है.
बुनकरों, शिल्पियों को स्वरोजगार से जोड़ेगी सरकार : वित्त मंत्री
डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य के बुनकरों, परंपरागत शिल्पियों एवं रेशम उत्पादन से जुड़े राज्य के गरीब नागरिकों को स्वरोजगार से जोड़ेगी. इसके लिए बुनकरों एवं शिल्पियों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है. वर्ष 2024-25 में 144 बुनकरों को एक साल का उन्नत प्रशिक्षण एवं हस्तशिल्प के विभिन्न ट्रेड के 270 शिल्पियों को प्रशिक्षण देने का सरकार ने लक्ष्य रखा है.
तसर के उत्पादन में झारखंड बना नंबर वन
उन्होंने सदन को बताया कि तसर के उत्पादन में झारखंड अव्वल रहा. वित्तीय वर्ष 2022-23 में 872 मीट्रिक टन तसर सिल्क का उत्पादन हुआ. वित्त वर्ष 2023-24 में 1,000 मीट्रिक टन तसर सिल्क के उत्पादन का लक्ष्य झारखंड हासिल करने के करीब है. अगले वित्तीय वर्ष यानी वर्ष 2024-25 में 1500 मीट्रिक टन तसर सिल्क के उत्पादन का लक्ष्य सरकार ने रखा है.
झारखंड सरकार ने लागू की मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योग नीति 2023
वित्त मंत्री ने कहा है कि उद्योग के क्षेत्र में गुणात्मक विकास के लिए झारखंड सरकार ने मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योग नीति 2023 लागू की है. राज्य के उद्योगों के विकास और विस्तार खासकर एमएसएमई को प्रधानता देते हुए वर्ष 2024-25 में उद्योगों के विकास के लिए बजट में 484.87 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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