डीवीसी ने सात जिलों में बिजली कटौती शुरू की, ये है वजह

दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने अपने कमांड एरिया के सात जिलों में बिजली कटौती शुरू की
रांची : दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने अपने कमांड एरिया के सात जिलों में सोमवार से बिजली कटौती शुरू कर दी है. इनमें धनबाद, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो शामिल हैं. राज्य सरकार ने इस पर कड़ा एतराज जताया है. ऊर्जा सचिव अविनाश कुमार ने डीवीसी के अधिकारियों से बात कर अपनी आपत्ति जता दी है.
ऊर्जा सचिव ने कहा कि डीवीसी ने जब सरकार के खाते से ही 1417.50 करोड़ रुपये काट लिये, तब फिर बिजली कटौती करने का क्या आधार है? कोरोना के कारण राजस्व वसूली पर भी असर पड़ा है. वितरण निगम बिजली खरीद की राशि देने को प्रतिबद्ध है, लेकिन प्रक्रिया में विलंब हो रहा है. कोरोना के मद्देनजर डीवीसी को बिजली कटौती पर पुनर्विचार करना चाहिए. ऐसे में आश्वासन के बावजूद बिजली काटने पर ऊर्जा सचिव ने नाराजगी जतायी है. सरकार की ओर से डीवीसी चेयरमैन को अापत्ति जताते हुए एक पत्र भी भेजा जायेगा.
सितंबर 2020 के बिजली आपूर्ति मद में 150.29 करोड़ रुपये भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद डीवीसी ने बिजली कटौती की अवधि 13 दिसंबर से एक सप्ताह आगे बढ़ा दी थी, लेकिन निगम पूरी राशि का भुगतान नहीं कर सका, तो डीवीसी ने सोमवार से कमांड एरिया के जिलों में कटौती शुरू कर दी है. डीवीसी के एक अधिकारी के मुताबिक निगम ने 150.29 करोड़ के मुकाबले महज 25 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.
इसके अलावा अौर 25 करोड़ रुपये के भुगतान का भरोसा दिलाया गया है. यह राशि काफी कम है, जिसे देखते हुए डीवीसी प्रबंधन ने कटौती करने का निर्णय किया. इसकी सूचना राज्य सरकार सहित संबंधित जिला प्रशासन को भी दी गयी है. डीवीसी के मुख्य अभियंता (वाणिज्य) एमसी रक्षित के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक 180 मेगावाट बिजली की कटौती प्रतिदिन की जायेगी. इसके बाद से हर सप्ताह कटौती में दस प्रतिशत की वृद्धि होगी. भुगतान होने के बाद कटौती वापस ले ली जायेगी.
डीवीसी से खरीदी गयी बिजली के 5608.32 करोड़ रुपये बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार ने सितंबर माह में झारखंड सरकार को नोटिस दिया था. इसमें 2017 में हुए त्रिपक्षीय समझौते की शर्तों का हवाला देते हुए डीवीसी के बकाये के एवज में राज्य सरकार के खाते से चार किस्तों में राशि काटने की बात कही थी.
राज्य सरकार के बार-बार के आग्रह के बावजूद केंद्र सरकार ने 15 अक्तूबर को पहली किश्त के रूप में 1417.50 करोड़ रुपये राज्य सरकार के खाते से काट लिये. अब दूसरी किस्त का समय जनवरी 2021 है, जो नजदीक है.
जेबीवीएनएल प्रबंधन इस बात से अाशंकित है कि कहीं जनवरी में भी डीवीसी की किस्त न काट ली जाये. डीवीसी द्वारा तीन दिसंबर को भेजे गये नोटिस में कुल 4950 करोड़ रुपये बकाया होने की बात कही गयी है. इसमें मासिक बिजली बिल 150 करोड़ रुपये के भुगतान से संबंधित नोटिस दिया गया था. इसके भुगतान न किये जाने के कारण डीवीसी द्वारा बिजली कटौती शुरू कर दी गयी है.
posted by : sameer oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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