रांची : झारखंड विधानसभा बजट सत्र के 13वें दिन बुधवार को कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव और हेमंत सरकार में मंत्री योगेंद्र महतो के बीच तीखी बहस हुई. प्रदीप यादव ने सदन में ग्रामीण स्वच्छता मिशन के तहत ई-रिक्शा खरीद बिक्री में हुई गड़बड़ी का मुद्दा उठाया. विधायक ने कहा कि ई रिक्शा खरीद बिक्री में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है. अंत में मंत्री सुदिव्य सोनू को मामले में बीच बचाव करना पड़ा.
योगेंद्र प्रसाद महतो बोले- कार्रवाई होगी, विधायक प्रदीप यादव ने कर दी बड़ी मांग
विधायक प्रदीप यादव के सवालों का जवाब देते हुए योगेंद्र प्रसाद महतो ने स्वीकार किया कि ई-रिक्शा की खरीद में गड़बड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि जेम पोर्टल के माध्यम से 43 पंचायतों के लिए 104 ई-रिक्शा खरीदी गयी थी. वित्तीय अनियमितता की सूचना मिलने पर सरकार उड़नदस्ता का गठन कर जांच करा रही है. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सरकार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी. इस पर प्रदीप यादव ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है. सरकार इस रिपोर्ट को सार्वजनकि करें और इसकी जांच मुख्य सचिव स्तर के पदाधिकारियों से करायें.
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मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने मांगा जांच रिपोर्ट अवलोकन करने का समय
प्रदीप यादव का यह जवाब सुनकर मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने का समय मांगा. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही तय होगी. उन्होंने सदन में आश्ववस्त करते हुए कहा कि सरकार विभागीय कार्यवाही के साथ साथ हर तरह की कार्रवाई करेगी. जिस पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्हें जांच रिपोर्ट सार्वजनकि करने में क्या दिक्कत आ रही है. मंत्री और विधायक के बीच हो रही बहस में मंत्री सुदिव्य सोनू ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें थोड़ा लचीलापन रखने के सलाह दी. उन्हें कहा कि सदन में हठधर्मिता ठीक नहीं.