Ranchi News : राज्य के 12 जिलों में 4400 हेक्टेयर पर होगी प्राकृतिक खेती

राज्य सरकार कृषि विभाग की एजेंसी ओफाज के माध्यम से यह काम करायेगी.11 हजार किसानों को जोड़ा जायेगा.
मनोज सिंह, रांची.
राज्य के 12 जिलों के 4400 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती (नेचुरल फार्मिंग) करायी जायेगी. इससे 11 हजार किसानों को जोड़ा जायेगा. राज्य सरकार कृषि विभाग की एजेंसी ओफाज के माध्यम से यह काम करायेगी. भारत सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की घोषणा पिछले बजट में की थी. इसमें सभी राज्यों को सहयोग किया जा रहा है. झारखंड के उक्त 12 जिलों में कुल 88 क्लस्टर का निर्माण होगा. इनका चयन नदी किनारे के आधार पर किया गया है. वैसे क्लस्टर को प्राथमिकता दी जायेगी, जहां पहले ऑर्गेनिक खेती हुई हो. प्राकृतिक खेती ऑर्गेनिक खेती से कुछ अलग है. इसमें खेती करते समय प्राकृतिक उपज वाली चीजों का उपयोग ही खाद या कीटनाशक के रूप में किया जाता है. इससे जुड़े किसानों को खाद और कीटनाशक बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाता है.कृषि सखी की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
इसमें कृषि सखी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. उनको प्रशिक्षित किया जायेगा. दो कृषि सखी 125 किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए तैयार करेंगी. इसमें कम से कम 50 हेक्टेयर एरिया होना चाहिए. कृषि सखी प्रखंड स्तरीय कमेटी, आत्मा के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूह, आनंगबाड़ी, ग्रामसभा की बैठक आयोजित करेगी. उनको प्राकृतिक खेती के बारे में बताया जायेगा. इसके फायदे भी बताये जायेंगे. इसमें सरकार से मिलने वाले सहयोग के बारे में भी जानकारी दी जायेगी. वैसी महिलाओं को कृषि सखी बनाया जायेगा, जिनको कम से कम एक साल प्राकृतिक खेती का अनुभव होगा. जिस क्षेत्र के लिए कृषि सखी का चुनाव होगा, वह उसी क्लस्टर की रहने वाली होगी. वहीं, स्थायी भाषा में बात करने और लिखने-पढ़ने की क्षमता भी होनी चाहिए.
प्रदान संस्था करेगी सहयोग
इस काम को राज्य स्तर पर सहयोग करने का जिम्मा प्रदान संस्था को मिला है. ओफाज के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने प्रदान को पत्र लिखकर उसके अनुभव का लाभ लेने की बात कही है. संस्था पिछले पांच साल से जैविक खेती का प्रचार-प्रसार कर रही है. संस्था को जिला उद्यान पदाधिकारी के साथ संपर्क कर योजना को गति देने का आग्रह किया गया है. संस्था ने कई जिलों में क्लस्टर बनाने का काम शुरू कर दिया है.
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