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Ranchi News : सफल होना जीवन का लक्ष्य नहीं, सार्थकता जरूरी : डॉ राजीव

Updated at : 21 Aug 2025 9:09 PM (IST)
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Ranchi News : सफल होना जीवन का लक्ष्य नहीं, सार्थकता जरूरी : डॉ राजीव

किसी भी परिस्थिति में भारत को केंद्र में रखकर सोचने की दृष्टि होनी चाहिए. इसके लिए शिक्षक को सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि दृष्टि भी देनी होगी.

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सफल होना जीवन का लक्ष्य नहीं, सार्थकता जरूरी : डॉ राजीव

उषा मार्टिन फाउंडेशन की ओर से क्वालिटी एजुकेशन पर कार्यशाला, कई स्कूलों के शिक्षक, शिक्षिका और प्राचार्य हुए शामिल

रांची(लाइफ रिपोर्टर). किसी भी परिस्थिति में भारत को केंद्र में रखकर सोचने की दृष्टि होनी चाहिए. इसके लिए शिक्षक को सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि दृष्टि भी देनी होगी. यह बातें राजधानी के शिक्षा विशेषज्ञ डॉ राजीव कुमार उर्फ बिट्टू ने गुरुवार को कही. वे उषा मार्टिन फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित क्वालिटी एजुकेशन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. कार्यशाला का विषय था ‘शिक्षा में सामाजिक विज्ञान की भूमिका, सृजन और संवेदनशीलता के साथ अध्यापन’. कार्यक्रम में टाटीसिलवे और आसपास के 15 से अधिक सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के शिक्षक शामिल हुए. डॉ राजीव ने कहा कि सफल होना जीवन का लक्ष्य नहीं होना चाहिए. सफलता आज है, कल नहीं रहेगी. लेकिन, जीवन की सार्थकता से व्यक्ति अमर हो जाता है. उन्होंने भारतीय दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि भोजन खाना एक दृष्टि है, लेकिन भोजन को अन्नपूर्णा मानकर ग्रहण करना भारतीय दृष्टि है. उन्होंने कहा कि संविधान ने अधिकार-आधारित समाज दिया है, लेकिन शिक्षा के जरिए हमें कर्तव्यबोध और प्रेरणामूलक समाज का निर्माण करना होगा. इस अवसर पर महिलौंग स्कूल की प्राचार्या हेमलता कुमारी, टाटीसिलवे हाई स्कूल के प्रिंसिपल कमल कुमार, मासू स्कूल के राकेश कुमार, चिलदाग स्कूल से मनोज श्रीवास्तव, गुरुकुल स्कूल से पूनम राय, आरा स्कूल से मरियम प्रतिमा लकड़ा, संत फ्रांसिस स्कूल से राखी अमृता एक्का सहित कई शिक्षाविद उपस्थित थे.

हर व्यक्ति अस्तित्व का हिस्सा : डॉ मयंक

कार्यक्रम में उषा मार्टिन के महाप्रबंधक डॉ मयंक मुरारी ने कहा विद्यालयों में पढ़ाया जाता है कि मानव एक सामाजिक प्राणी है और प्रकृति पर उसका अधिकार है. जबकि भारतीय चिंतन कहता है कि हर व्यक्ति अस्तित्व का हिस्सा है. कोई छोटा-बड़ा नहीं. उन्होंने कहा कि ऐसा ज्ञानबोध छात्रों में लाने के लिए शिक्षक को सिर्फ शिक्षक नहीं, बल्कि आचार्य बनना होगा.

किसानों को मिला गेंदा फूल का पौधा

कार्यशाला के दौरान उषा मार्टिन फाउंडेशन ने एग्री-बिजनेस के तहत 10 किसानों के बीच 14 हजार गेंदा फूल के पौधे वितरित किये. इनमें ईश्वर महतो, प्रेमनाथ महतो, भदया महतो, अजय हुरूद्वार, निर्मल महतो, राजकुमार महतो, रूबी देवी, फूलमनी देवी, राधिका देवी और केदार महतो शामिल हैं. यह पहल किसानों की आय संवर्द्धन और जीविकोपार्जन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Sunil Choudhary

लेखक के बारे में

By Sunil Choudhary

25 वर्षों से पत्रकारिता कर रहा हूँ.हार्ड न्यूज़ से राजनीतिक खबर करता रहा हूँ.वर्तमान में मुख्यमंत्री, पावर,इंडस्ट्रीज, माइंस संबंधित मामलों पर रिपोर्ट करता हूँ. बीबीसी,पैनोस और झारखंड सरकार से फेलोशिप ले चुका हूँ।कई बार अवार्ड ले चुका हूँ.

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