रांची. झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव ने कहा कि स्कूल में छात्र पहले सीखते हैं और फिर परीक्षा देते हैं. वहीं जीवन में लोग चुनौतियों का सामना करते हैं और फिर उनसे सीखते हैं. मुख्य न्यायाधीश श्री राव शुक्रवार को इक्फाई विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे. दीक्षांत समारोह में स्नातक करनेवाले 231 विद्यार्थियों को डिग्री दी गयी. इसमें 15 पीएचडी उपाधि भी शामिल हैं. इस दौरान नौ स्वर्ण पदक और नौ रजत पदक भी दिये गये. स्वर्ण व रजत पदक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस रामचंद्र राव ने दिये. यह दीक्षांत समारोह रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड (आरएससीसीएल) ऑडिटोरियम, जुपमी बिल्डिंग धुर्वा में हुआ.
नौकरी चाहने वाले न होकर नौकरी निर्माता बनें
इक्फाई विवि के कुलपति कर्नल डॉ रंजीत सिंह ने कहा कि हमारा विवि विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान, कानूनी प्रथाओं, पाठ्येतर गतिविधियों जैसे सभी क्षेत्रों में छात्रों को तैयार करने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है. ताकि, वे अपने नियमित शैक्षणिक प्रदर्शन के अलावा सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए सभी चुनौतियों का सामना करेगा ताकि वे नौकरी चाहने वाले न होकर नौकरी निर्माता बनें. कर्नल डॉ रंजीत सिंह ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट भी पेश की. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ जेबी पटनायक ने भी विचार रखे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

