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धनबाद, गिरिडीह समेत 5 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Updated at : 15 Sep 2025 4:01 PM (IST)
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Heavy to Very Heavy Rain Alert Jharkhand IMD

कांके रोड में बारिश के बाद सड़कों पर जम गया पानी. जलजमाव वाले क्षेत्र से गुजरते वाहनों की रफ्तार पड़ गयी धीमी. फोटो : प्रभात खबर

Heavy to Very Heavy Rain Alert: मौसम विभाग ने झारखंड के 5 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका और जामताड़ा में बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना है. उन जिलों के लिए येलो अलर्ट आईएमडी की ओर से जारी किया गया है.

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Heavy to Very Heavy Rain Alert: झारखंड के 5 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी, तो 12 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी सोमवार को दी है. कहा है कि 15 सितंबर को 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. इसमें गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका और जामताड़ा जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

मौसम केंद्र से 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट, 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

आईएमडी के मौसम केंद्र रांची के उप-निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया है कि झारखंड के उत्तर-पूर्वी एवं निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. इन जिलों के लिए मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

30-40 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात भी संभव

उन्होंने बताया कि राज्य के पूर्वी एवं निकटवर्ती मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. इन जिलों में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी. गर्जन के साथ वर्षा-वज्रपात होने की भी संभावना है.

बड़ा तालाब के पास जमा पानी के बीच से गुजरते वाहन. फोटो : प्रभात खबर

Heavy to Very Heavy Rain Alert: इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

जिन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गयी है, उनमें धनबाद, जामताड़ा, दुमका, देवघर और गिरिडीह जिले शामिल हैं. वहीं, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम जिले में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

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अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में आयेगी गिरावट

उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट आने की संभावना है. इसके बाद अगले 3 दिन तक इसमें कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा है. उन्होंने कहा कि सोमवार को झारखंड में लगभग सभी जगहों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना है.

24 घंटे में सबसे ज्यादा 152 मिमी वर्षा दुमका में

मौसम केंद्र रांची के उप-निदेशक अभिषेक आनंद ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) से बातचीत में कहा कि राज्य में पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून सक्रिय रहा. लगभग सभी स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हुई. कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा भी हुई. सबसे ज्यादा वर्षा दुमका जिले में हुई. यहां एक दिन में 152 मिलीमीटर वर्षा हुई. इस दौरान सबसे अधिक उच्चतम तापमान पाकुड़ में 35 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 21.3 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया.

झारखंड में 24 घंटे के दौरान कहां-कितनी वर्षा हुई.

झारखंड में अधिकतम और न्यूनतम तापमान का हाल

अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला. कुछ जगहों पर उच्चतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री सेंटीग्रेड से 5 डिग्री सेंटीग्रेड अधिक देखा गया. इसी तरह कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री सेंटीग्रेड से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम रिकॉर्ड किया गया.

राजस्थान से शुरू हो गयी है मानसून की वापसी

मौसम केंद्र के उप-निदेशक ने कहा कि दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है. विदड्रावल लाइन श्री गंगानगर, नागौर, जोधपुर और बाड़मेर से गुज रहा है. अगले 2 दिन में राजस्थान के और कई हिस्सों के साथ-साथ पंजाब और गुजरात से भी मानसून की वापसी होगी, ऐसे संकेत दिख रहे हैं.

बंगाल की खाड़ी में 3.1 किमी तक फैला साइक्लोनिक सर्कुलेशन

उन्होंने बताया कि पूर्वी बिहार और उससे सटे इलाकों में अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जो समुद्र तल के ऊपर 5.8 किलोमीटर में फैल गया है. दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी में अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है और यह समुद्र तल के ऊपर 3.1 किलोमीटर तक फैल गया है. इसके असर से झारखंड में अभी कई दिनों तक बारिश होती रहेगी.

24 घंटे में सामान्य से 187 फीसदी अधिक बरसा मानसून

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान सामान्य से 187 फीसदी अधिक बारिश झारखंड में हुई है. 7.5 मिलीमीटर सामान्य वर्षा की तुलना में 21.4 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो 187 फीसदी अधिक है. सितंबर के महीने में संभवत: यह पहला मौका है, जिस दिन मानसून सामान्य से अधिक बरसा है. पूरे झारखंड में वर्षा की बात करें, तो अब तक 1100.5 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा 920.8 मिलीमीटर से 20 फीसदी अधिक है.

24 घंटे के दौरान कहां-कहां हुई वर्षा

जगह का नामवर्षापात
दुमका152.0 मिलीमीटर
चक्रधरपुर134.8 मिलीमीटर
सदर चाईबासा98.4 मिलीमीटर
डाल्टेनगंज89.0 मिलीमीटर
मांडू डीवीसी87.2 मिलीमीटर
राजधनवार85.0 मिलीमीटर
जामा79.2 मिलीमीटर
चैनपुर76.0 मिलीमीटर
मांडर75.2 मिलीमीटर
चाईबासा72.2 मिलीमीटर
कुचाई64.2 मिलीमीटर
कोडरमा डीवीसी60.5 मिलीमीटर
रनिया58.4 मिलीमीटर
गुदड़ी57.6 मिलीमीटर
तिलैया डीवीसी55.5 मिलीमीटर
पतरातू55.0 मिलीमीटर
सोनुवा54.4 मिलीमीटर
मसानजोर51.2 मिलीमीटर
महारो46.0 मिलीमीटर
रामगढ़45.6 मिलीमीटर
स्रोत : मौसम केंद्र रांची, आईएमडी

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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