पश्चिमी राजस्थान से दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की वापसी शुरू, रांची में हुई 30.2 मिलीमीटर वर्षा

कांटाटोली में बारिश के बाद फ्लाईओवर के नीचे हुआ जलजमाव. फोटो : अमित दास
Weather News: मानसून की वापसी शुरू हो गयी है. इसकी शुरुआत पश्चिमी राजस्थान से हुई है. 2-3 दिन में इसके राजस्थान के साथ-साथ पंजाब और गुजरात से भी इसकी वापसी होने की उम्मीद है. इस बीच, झारखंड में मानसून सक्रिय है और लगातार बारिश हो रही है. राजधानी रांची में रविवार को शाम 5:30 बजे तक 30.2 मिलीमीटर वर्षा हुई. वर्षा आगे भी जारी रहेगी.
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Weather News: राजस्थान से कुछ हिस्सों से दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की वापसी शुरू हो गयी है. इस बीच झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को 30.2 मिलीमीटर वर्षा हुई. झारखंड में इस बार सामान्य से अधिक वर्षा हुई है. रांची में रविवार को कई बार झमाझम बारिश हुई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गये. नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा. इससे लोग परेशान रहे. गनीमत यह रही कि रविवार होने की वजह से सड़क पर ज्यादा जाम नहीं लगा.
Weather News: तय समय से 3 दिन पहले लौटा मानसून
मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि मानसून की वापसी इस बार तय समय से 3 दिन पहले ही शुरू हो गयी है. आमतौर पर राजस्थान से मानसून की वापसी 17 सितंबर को होती है. इस बार 14 सितंबर को ही पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्से से मानसून की वापसी शुरू हो गयी. मानसून विदड्रॉल लान श्रीनगंगानगर, नागौर, जोधपुर, बाड़मेर से गुजर रहा है. आने वाले 2-दिन में राजस्थान और पंजाब एवं गुजरात के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी हो जायेगी.
तेलंगाना और विदर्भ में निम्न दबाव का क्षेत्र
मौसम केंद्र ने कहा है कि उत्तर तेलंगाना और उससे सटे विदर्भ के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र सुबह 8:30 बजे तक बना था. इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अब समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैल चुका है. ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर मध्य विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ने की संभावना है.
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उत्तर की ओर बढ़ सकता है चक्रवाती परिसंचरण
इसके बाद यह एक अवशिष्ट ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में लगभग उत्तर की ओर बढ़ सकता है. पश्चिमी हवाओं में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ (निम्न दबाव की रेखा) मोटे तौर पर 84 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ 23 डिग्री उत्तरी अक्षांत के उत्तर में फैली हुई है. दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच एक ऊपरी हवाओं का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है.
15 से 17 सितंबर तक झारखंड में भारी बारिश के संकेत
मौसम विभाग ने कहा है कि इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से झारखंड में 15 से 17 सितंबर के दौरान लगभग सभी जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है. कुछ जिलों में भारी वर्षा भी हो सकती है. इसलिए आम लोगों से मौसम विभाग ने अपील की है कि सावधान और सतर्क रहें. कुछ जगहों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकतीं हैं और वज्रपात भी हो सकता है.
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By Mithilesh Jha
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